पंचतत्व में विलीन शांति दूत:डॉ. एसएन सुब्बाराव पंचतत्व में विलीन, बहनोई ने दी मुखाग्नि; राजस्थान के CM गहलोत ने दी श्रद्धांजलि

मुरैनाएक महीने पहले
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डॉ. एसएन सुब्बाराव को उनके बहनोई ने श्रद्धांजलि दी। - Dainik Bhaskar
डॉ. एसएन सुब्बाराव को उनके बहनोई ने श्रद्धांजलि दी।

मुरैना जिले के जौरा में गांधी आश्रम में शांति दूत डॉ. एसएन सुब्बाराव पंचतत्व में विलीन हो गए। डॉ. सुब्बाराव को उनके बहनोई ईश्वर जॉइस ने मुखाग्नि दी। इससे पहले उन्हें सलामी दी गई। बेंगलुरू से उनकी भांजी रजनी बहन भी आई थीं। रजनी पिछले 2 साल से सुब्बाराव की सेवा कर रही थीं। इससे पहले राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने डॉ. सुब्बाराव को श्रद्धांजलि दी। उनके साथ कांग्रेस के पूर्व मंत्री जीतू पटवारी, सतीश सिकरवार, राकेश मावई और विधायक भी पहुंचे। सोनिया गांधी के प्रतिनिधि अजय माकन ने भी श्रद्धांजलि दी। भाजपा की तरफ से पूर्व मंत्री रुस्तम सिंह पहुंचे थे।

डॉ. एसएन सुब्बाराव की मुख्य कर्मस्थली मुरैना का चंबल क्षेत्र रहा है। यहां उन्होंने वर्ष 1972 में 600 से अधिक बागियों का आत्मसर्मपण कराया था। इसके साथ ही गांधी आश्रम की नींव रखी थी जिसके बाद आज विश्व के 20 देशों में गांधी आश्रम संचालित हो रहे हैं।

डॉ. एसएन सुब्बाराव को अशोक गहलोत ने श्रद्धांजलि दी।
डॉ. एसएन सुब्बाराव को अशोक गहलोत ने श्रद्धांजलि दी।

10 हजार लोगों के आने की उम्मीद
जौरा में करीब 10 हजार से अधिक लोगों की भीड़ होने की बात कही जा रही है। वाहनों की अधिक संख्या को देखते हुए गांधी आश्रम से बहुत पहले ही वाहन स्टेण्ड की व्यवस्था की गई है। उसके बाद लोग पैदल ही गांधी आश्रम तक पहुचेंगे। डॉ. सुब्बाराव का पार्थिव शरीर कल रात को ही जौरा पहुंच चुका है। सुबह से उनके दर्शन करने वालों का तांता लगा है।