कर्मचारियों की हड़ताल समाप्त:काम पर वापस लौटे कंपनी के आउटसोर्स कर्मचारी, नियमित नौकरी की आस में उम्र दराज हो गए कर्मचारी

मुरैना2 महीने पहले
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बिजली कंपनी का दफ्तर - Dainik Bhaskar
बिजली कंपनी का दफ्तर
  • मामूली वेतन पर काम कर रहे कर्मचारियों को उम्मीद थी कि सरकार उन्हें एक दिन नियमित कर दे

मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के कर्मचारियों की हड़ताल समाप्त हो गई है। मुरैना में पिछले दो दिनों से यह कर्मचारी हड़ताल पर थे। बाद में जब इन कर्मचारियों को यह महसूस हुआ कि उनकी हड़ताल बेबुनियाद है तो वह स्वत: ही काम पर वापस लौट आए। यहां बता दें कि बिजली कंपनी में लगभग एक हजार से अधिक आउटसोर्स (ठेका) कर्मचारी पदस्थ हैं। यह कर्मचारी कुशल व अकुशल दो श्रेणियों के हैं। इनमें सब स्टेशन ऑपरेटर, की पंच-ऑपरेटर व मीटर रीडर मुख्य रुप से शामिल है। इसके अलावा लाइन स्टॉफ में भी पदस्थ हैं।
वर्षों से ठेके पर लगे कर्मचारी
बिजली कंपनी में ठेके पर लगे यह कर्मचारी पिछले कई सालों से लगे हैं। कुछ कर्मचारियों को तो 10 से 12 वर्ष काम करते हुए बीत चुके हैं। इतने लंबे समय तक काम करने वाले यह कर्मचारी अब उम्र दराज हो चुके हैं। शासकीय नौकरी की इनकी उम्र निकल चुकी है। लिहाजा अब इनके पास इसमें लगे रहने के अलावा कोई दूसरा विकल्प शेष नहीं बचा है।
कंपनी अधिकारियों की मेहरबानी पर निर्भर इनकी नौकरी
यहां बता दें कि यह कर्मचारी भले ही बिजली कंपनी में काम कर रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद इनकी नौकरी कंपनी अधिकारियों की मेहरबानी पर निर्भर है। अगर कोई अधिकारी इनसे नाराज हो जाता है तो इनकी नौकरी पर खतरा उत्पन्न हो जाता है तथा इनको बाहर का रास्ता दिखा दिया जाता है।
कई बार कर चुके नियमित करने की मांग
यहां बता दें कि बिजली कंपनी में ठेके पर लगे यह कर्मचारी सरकार से अपने आपको नियमित करने की मांग कई बार कर चुके हैं, लेकिन हर बार इनको सिवाय निराशा के कुछ हासिल नहीं होता है। कई बार कर्मचारी भोपाल में कई रैली निकाल चुके हैं। कलमबंद हड़ताल कर चुके हैं। स्थानीय स्तर पर भी हड़ताल कर चुके हैं, इसके बावजूद नतीजा सिफर रहा है।
बिजली कंपनी नहीं मानती अपना कर्मचारी
आपको बता दें कि यह कर्मचारी नियमित कर्मचारी के बराबर ही बिजली कंपनी में काम कर रहे हैं। इसके बावजूद कंपनी प्रबंधन इनको अपना कर्मचारी नहीं मानता है। कंपनी प्रबंधन का साफ कहना है कि ये कर्मचारी उनके यहां काम भले ही करते हैं लेकिन यह उनके कर्मचारी नहीं हैं, बल्कि उन आउटसोर्स कंपनियों (ठेकेदारों) के कर्मचारी हैं, जिन्हें कंपनी ने लेबर सप्लाई का ठेका दिया है।
कर्मचारी काम पर लौट आए हैं
हमारे यहां आउटसोर्स कर्मचारियों की हड़ताल चल रही थी लेकिन अब वह पूरी तरह से बंद हो चुकी है। हमारे सभी कर्मचारी काम पर वापस आ चुके हैं।
पीके शर्मा, महाप्रबंधक, मुरैना

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