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  • Feeling Scared, But No One Has Fallen Ill And Died Yet, The People Of Mudia Kheda Village Of Morena Are Sitting On The Chaupals, Saying Our Village Is Spared From Corona

कोरोना से डरते हैं, पर साथ बैठना नहीं छोड़ा:डर तो लगता है, लेकिन अभी तक न कोई बीमार पड़ा और न मौत हुई, मुड़िया खेड़ा गांव के लोग बैठ रहे चौपालों पर

मुरैना6 महीने पहले
मुड़िया खेड़ा गांव के हरिजन मोहल्ला में हो रही शादी।

कोरोना से डर तो लगता है, लेकिन हम लोग तो साथ में बैठ रहे हैं। यह बात अलग है कि दूर-दूर बैठते हैं, पहले जैसा माहौल अब नहीं रहा। यह कहना है, मुड़िया खेड़ा गावं के यादव मोहल्ले में रहने वाले राजेश यादव का। मुरैना के पास इस गांव में सभी जाति के लोग रहते हैं। सभी के अपने-अपने मोहल्ले हैं।

गांव में अभी तक न कोई व्यक्ति कोरोना से बीमार पड़ा है और न ही कोई मौत हुई है। टीवी व अखबारों में देख-देखकर डर लग रहा है। यह बात गांव के ही वीरेंद्र यादव ने कही। उन्होंने बताया कि इस गांव में आज भी लोग कोरोना के डर से इतने भयभीत नहीं हैं, जितने शहर के लोग हैं।

हर जाति का है अलग माेहल्ला
गांव में हर जाति का अलग मोहल्ला है। जैसे यादव मौहल्ला, डंडोतिया का मोहल्ला, रजक मोहल्ला, राजौरियों का मोहल्ला और हरिजन मोहल्ला।

घरों में बंद रहने लगे लोग
हरिजन मोहल्ले के रहने वाले हेमंत जाटव ने बताया, अधिकांश लोग घरों में ही रहते हैं। कम ही बाहर निकलते हैं। लोगों को कोरोना का डर लगता है। इसी प्रकार, इसी मोहल्ले के शैलेष जाटव ने बताया कि हमारे मोहल्ले में कई लोग तो बिना मास्क के ही घूमते रहते हैं। कोई-रोक टोक करने वाला ही नहीं है।

घनी बस्ती वाला गांव है मुुड़िया खेड़ा
अंबाह रोड पर पड़ने वाला मुड़िया खेड़ा गांव सड़क के दोनों तरफ बना हुआ है। यह घनी बस्ती वाला गांव है। यहां सभी लोग आपस में एक-दूसरे से मिल-जुलकर रहते हैं। शहर से जुड़ा होने के कारण इस गांव के आधे से अधिक लोग मुरैना शहर में आकर बसने लग गए हैं। कई लोग तो ऐसे हैं, जो मुरैना में व्यापार करते हैं।

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