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भास्कर इन्वेस्टिगेशन:वनकर्मियों को 12 बोर की बंदूक थी अलॉट, 315 बोर का खाली कारतूस मिला, आरोपी मन्नी का हुआ था झगड़ा

मुरैना2 महीने पहले
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घटनास्थल पर 315 बोर के कारतूस का पट्‌टा, जबकि वनकर्मियों को 12 बोर के हथियार थे अलॉट। - Dainik Bhaskar
घटनास्थल पर 315 बोर के कारतूस का पट्‌टा, जबकि वनकर्मियों को 12 बोर के हथियार थे अलॉट।
  • ग्रामीण को नजदीक से मारी गई थी गोली, सवाल...भीड़ ने हमला किया तो अन्य को क्यों नहीं लगे छर्रे

नगरा थाना क्षेत्र के ग्राम अमोल का पुरा में रेत की ट्रैक्टर-ट्रॉली पकड़ने के दौरान वनकर्मियों की फायरिंग में ग्रामीण की मौत का मामला उलझता जा रहा है। घटना के वक्त वन विभाग के जिन गार्ड से फायरिंग हुई, उन्हे 12 बोर की बंदूकें अलॉट थी।

ग्रामीण महावीर सिंह तोमर को भी 12 बोर की गोली लगी लेकिन यह गोली नजदीक से मारी गई। इससे आरोपी वनकर्मियों की उस बात पर सवाल खड़ा हो रहा है कि घटना के वक्त भीड़ ने उन्हें घेरकर हमला किया और बचाव में फायरिंग की गई। अगर भीड़ से बचने फायर किया जाता तो गोली से निकले छर्रे महावीर तोमर के अलावा अन्य लोगों को भी लगते। क्योंकि 12 बोर के छर्रे घेरे में फैलकर बड़े एरिया को कवर्ड करते हैं। वहीं घटना के वक्त वनकर्मियों की टीम में शामिल प्राइवेट आदमी मन्नी भदौरिया की मृतक महावीर सिंह तोमर से रिश्तेदारी है और पुलिस जांच में यह खुलासा हुआ है कि आरोपी मन्नी का महावीर सिंह से पारिवारिक विवाद भी चल रहा था।

वनकर्मियों के साथ था ड्राइवर, फिर मन्नी को क्यों ले गई टीम

वन विभाग के साथ हुई फायरिंग में जिन 7 वनकर्मियों, ड्राइवर सत्यप्रकाश (कॉन्ट्रैक्ट बेसिस) व गाड़ी मालिक मन्नी भदौरिया के ऊपर एफआईआर दर्ज की गई। पुलिस जांच में यह सवाल निकलकर आया है कि जब ड्राइवर सत्यप्रकाश दस्ते के साथ गाड़ी चला रहा था तो फिर मन्नी भदौरिया को किस हैसियत से क्यों वन विभाग की टीम अपने साथ ले गई।

मौके पर मिला 315 बोर राउंड व कारतूस का पट्‌टा

वन विभाग के अमले को 12 बोर की बंदूकें अलॉट थीं। लेकिन मौके पर 315 बोर के कारतूस का खोखा बरामद किया गया। इससे एक बात साबित है कि एक फायर ठोकने के बाद वन अमले ने दूसरे फायर के लिए बंदूक को कोक की, तभी खाली खोखा बंदूक से बाहर निकलकर गिरा। जबकि इससे पहले 12 बोर का एक राउंड मृतक महावीर तोमर को लग चुकी थी। पुलिस अब अपनी जांच इस बिंदु पर केंद्रित कर रही है कि कहीं महावीर तोमर की हत्या मन्नी भदौरिया से विवाद की परिणिती तो नहीं।

मन्नी के भाई की मृतक के परिवार में ससुराल, 2 दिन पहले हुआ था विवाद

वनकर्मी-ग्रामीणों के बीच हुई गोलीबारी में किसान की मौत के मामले की जांच कर रही नगरा थाना पुलिस को जांच में यह क्लू भी मिला है कि वन विभाग के साथ अनुबंधित गाड़ी मालिक मन्नी भदौरिया भी मौजूद था। आरोपी मन्नी के छोटे भाई की मृतक महावीर तोमर के परिवार में ससुराल है। धटना से 2 रोज पूर्व जब महावीर सिंह मन्नी के यहां एक गमी में शामिल होने गया तो पारिवारिक रंजिश में दोनों के बीच विवाद भी हुआ। पुलिस अब अपनी जांच इस बात पर भी केंद्रित कर रही है कि कहीं फायरिंग व किसान की हत्या के पीछे यह विवाद भी तो एक वजह नहीं। इधर, वनकर्मियों की फायरिंग में मारे गए किसान महावीर सिंह तोमर को अभा क्षत्रिय महसभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष वृंदावन सिंह सिकरवार ने नगरा के अमोल का पुरा पहुंचकर 51 हजार की आर्थिक सहायता दी। उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। ताकि मृतक के परिजन को न्याय मिल सके।

2 दिन पहले दोनों में हुआ था विवाद

नगरा के अमोल का पुरा में वनकर्मियों की फायरिंग में मारे गए मृतक महावीर तोमर की मन्नी से रिश्तेदारी थी। घटना से 2 दिन पहले महावीर तोमर व मन्नी के बीच विवाद भी हुआ। ग्रामीणों ने भी अपने वयान में बताया है कि घटना के वक्त मन्नी 315 बोर की रायफल लिए हुए था। -धर्मेद्र मालवीय, एसओ नगरा

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