मां बेटे के खिलाफ 420 का मामला दर्ज:विक्रय पत्र में कूटरचित तरीके से बढ़ाया रकवा

मुरैनाएक महीने पहले
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प्रतीकात्मक फोटो - Dainik Bhaskar
प्रतीकात्मक फोटो
  • मामला गांव मुड़िया खेड़ा का

मुरैना में विक्रय पत्र में कूटरचित तरीके से रकवा बढ़ाने का मामला सामने आया है। इसमें स्टेशन रोड थाने में मां-बेटे के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।
आपको बता दें, कि बालकिशन पुत्र स्व राजन उर्फ राजेन्द्र राजौरिया, निवासी पानी की टंकी के पास गणेशपुरा ने स्टेशन रोड थाना पुलिस में शकुंतला पत्नी राकेश राजौरिया तथा उनके पुत्र रोहित राजौरिया, निवासी राधा टॉकीज के सामने अंबाह रोड, मुरैना के खिलाफ धोखाधड़ी सहित अन्य विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया है।
यह है पूरा मामला
फरियादी ने पुलिस को बताया कि उसके पिताजी स्व. राजन उर्फ राजेन्द्र राजौरिया पुत्र स्व. सिरायाराम राजौरिया निवासी गणेशपुरा ने अपनी भूमि की जो कि मौजा मुड़िया खेड़ा में आती है उसको शंकुतला पत्नी राकेश राजौरिया को बेची थी। इस भूमि का सर्व क्रमांक-1179 में से 0.057 हेक्टेयर हैं तथा एक अगस्त 2007 को बैयनामा किया था। उसने बताया कि उपरोक्त दोनों आरोपियों ने फर्जी तरीके से सर्वे क्रमांक-1185 को भी एक कर लिया व रकवा 0.057 के स्थान पर बढ़ाकर 0.0357 कर लिया। यह कारनामा उन्होंनें टाइपराइटर से किया है। उन्होंने बताया कि उनके पिता द्वारा मौजा मुड़िया खेरा स्थित सर्व क्रमांक- 119 का रकवा 0.57 का विक्रय पत्र संपादित किया था लेकिन रोहित पुत्र राकेश राजौरिया ने कूटरचित तरीके से सर्व क्रमांक 1179 रकवा 0.57 आरे एवं सर्व क्रमांक- 1185 रकवा 0.69 आरे का कुल रकवा 0.126 हेक्टेयर कर लिया गया है जो कि विक्रय पत्र में स्पष्ट प्रतीत होता है कि वह दूसरे टाइपराइटर से टाइप किया गया है। विक्रय पत्र के दूसरे पन्ने पर रकवे में कूटरचित तरीके से हेराफेरी की गई है। इसके साथ ही सर्व क्रमांक 1185 में से रकवा 0.69 जहां 1179 के नीचे हस्ताक्षर किए हैं हस्ताक्षर 1179 अंकन के बीच में दूसरे टाइपराइटर से 1185 लिखा है, जो कि स्पष्ट दिखाई दे रहा है।
पिता के सीधेपन का उठाया लाभ
फरियादी ने पुलिस को बताया है कि आरोपी ने उनके पिता के सीधेपन का फायदा उठाते हुए विक्रय पत्र में फर्जीवाड़ा किया है। उनके पिता जब शकुन्तला राजौरिया से इस बात पर आपत्ति करने गए तो अतिरिक्त भूमि को वापस करने का आश्वासन देते रहे। उसके बाद रोहित राजौरिया को 19 मार्च 2008 को बैयनामा(विक्रय पत्र) सम्पादित कराया गया उसमें भी रकवे को लेकर कांट-छांट कर बढ़ाकर लिखा गया है। इसके साथ ही उनके पिता के फर्जी हस्ताक्षर कर लिए गए हैं।
विक्रय पत्र में सर्व क्रमांक-1185 का रकवा 0.69 आरे फर्जी व कूटरचित तरीके से विक्रय पत्र से टाइपराइटर द्वारा टाइप करके बढ़ा लिया गया है।