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मोबाइल एप से नई व्यवस्था:सरकारी किताबों की हाेगी ट्रैकिंग ताकि हर छात्र को मिल सकें

मुरैना16 दिन पहले
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  • 1 अगस्त से किया जाएगा पाठ‌्य पुस्तकों का नि:शुल्क वितरण

सरकारी स्कूलों की कक्षा 1 से 8 तक के विद्यार्थियों को 1 अगस्त से पाठ्यपुस्तकों का नि:शुल्क वितरण होगा। पहली बार राज्य शिक्षा केंद्र ने पाठ्यपुस्तकों की ट्रेकिंग के लिए एप तैयार किया है। एप के माध्यम से ही बीआरसी और फिर संकुल केंद्र के शिक्षक पुस्तकें प्राप्त करेंगे।

बीआरसी कार्यालय तक पुस्तकें पहुंचायी जा रही हैं। बीआरसी स्तर पर संकुलवार बंडल तैयार किए जा रहे हैं। राज्य शिक्षा केन्द्र द्वारा तय व्यवस्था के तहत 31 जुलाई से पहले पाठय पुस्तकों को स्कूलों तक पहुंचाने का लक्ष्य है। कोरोना की तीसरी लहर की आशंका के चलते फिलहाल स्कूल बंद हैं। जिन पालकों के पास मोबाइल नहीं है उनके लिए मेंटर्स नियुक्त किए हैं।

10 लाख 97 हजार 369 पुस्तकों की मांग

  • जिला शिक्षा केंद्र ने पहली से आठवीं कक्षा के छात्रों के लिए 10 लाख 97 हजार 369 पाठय पुस्तकों की मांग पाठय पुस्तक निगम से की है। इसमें 14 जुलाई तक 8 लाख 23 हजार 511 किताबें डिपाे से मुरैना, अंबाह, पोरसा, जौरा, सबलगढ़, कैलारस व पहाड़गढ़ के बीआरसी कार्यालयों काे उपलब्ध कराई जा चुकी हैं। बुधवार को राज्य शिक्षा केन्द्र के संचालक धनराज एस ने निर्देश दिए कि प्रत्येक स्कूल पर 31 जुलाई से पहले तक पाठय पुस्तक उपलब्ध करा दी जाएं ताकि एक अगस्त से छात्रों को पाठय पुस्तकों की वितरण शुरू हो सके।
  • 2.70 लाख किताब आना शेष: जिला शिक्षा केन्द्र की मानें तो बीआरसी कार्यालयों पर अभी दो लाख 70 हजार पाठय पुस्तकें आना शेष हैं। किस विषय की किताब आ गई हैं और किस विषय की किताबों का टोटा है इसकी जानकारी 80 फीसदी पाठय पुस्तक आने तक जिला शिक्षा केंद्र कार्यालय पर उपलब्ध नहीं है। कारण है कि राज्य शिक्षा केन्द्र के निर्देश पर इस बार किताबों की डिपो से पाठय पुस्तक सीधे बीआरसी कार्यालय पर पहुंचाई गई हैं । क्या भेजा है और क्या नहीं इसकी जानकारी जिला मुख्यालय से अछूती है। इससे कोर्स की किताबें बंटने के बाद कई विषयों की पुस्तकें उपलब्ध न होने पर छात्रों को अध्ययन में दिक्कत आएगी।

जानिए... ऐसे काम करेगा एप

शिक्षा केंद्र से ब्लॉक मुख्यालय पर पहुंचने पर बीआरसी ने एप के माध्यम से पुस्तकों की सूची देखकर इसे रिसीव किया। बीआरसी संकुलों को पुस्तकें भेजने की जानकारी अपडेट करेंगे। प्रधान अध्यापक भी बीआरसी की तरह एप के माध्यम से ही पुस्तकें रिसीव करेंगे। प्रधान अध्यापक को पुस्तकें रिसीव करने के लिए स्कूल के 500 मीटर के रेडियस में होना जरूरी है। स्कूल में नहीं होने पर पुस्तकें प्राप्त नहीं हो पाएगी। पुस्तकों की संख्या में अंतर होने या बंडल कटे-फटे होने पर एप के माध्यम से संख्या को एडिट भी किया जा सकेगा। पुस्तकें लेने के बाद जीयो टैग से पुस्तक की फोटो लेना होगी। प्राप्ति पर क्लिक करते ही बीआरसी के पास इसकी जानकारी पहुंच जाएगी।

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