फर्जी नर्सिंग होम का मामला:मानवाधिकार आयोग ने नर्सिंग कॉलेजों के फर्जी नर्सिंग होम पर 10 मई तक मांगी जांच रिपोर्ट

मुरैना6 महीने पहले
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  • भास्कर की खबर पर संज्ञान : आयोेग अध्यक्ष ने मप्र शासन के मुख्य सचिव, अपर मुख्य सचिव सहित लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय से प्रतिवेदन मांगा

ग्वालियर-चंबल संभाग में नर्सिंग कॉलेज के नामों से संचालित फर्जी नर्सिंग होम को लेकर दैनिक भास्कर में 29 अप्रैल 2021 को प्रकाशित खबर मप्र मानव अधिकार आयोग ने संज्ञान ली है। मप्र मानव अधिकार आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति नरेंद्र कुमार जैन ने मानव अधिकार हनन के चार मामले संज्ञान लिए हैं जिनमें फर्जी नर्सिंग होम्स शामिल हैं। मामले में 10 मई 2021 तक प्रतिवेदन मांगा है।

दैनिक भास्कर में प्रकाशित ग्राउंड रिपोर्ट पर त्वरित संज्ञान लेकर आयोग ने मप्र शासन के मुख्य सचिव, अपर मुख्य सचिव सहित लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग मंत्रालय से 10 मई तक प्रतिवेदन मांगा है। आयोग ने इन अधिकारियों से यह भी पूछा है कि नर्सिंग कालेजों के दो हजार अस्पतालों में एक लाख से ज्यादा बेड की हकीकत/वास्तविकता क्या है? साथ ही यह भी पूछा है कि इन कालेजों/अस्पतालों का निरीक्षण यदि किसी अधिकारी या संस्था ने किया है, तो उसकी जांच रिपोर्ट में क्या उल्लेखित किया गया है?

बता दें कि प्रदेश में बेकाबू हो चुके कोरोना संक्रमण के कारण अस्पताल फुल है, संकट के इस दौर में प्रदेश के करीब दो हजार नर्सिंग होम संजीवनी साबित हो सकते थे। यदि कागजों में मौजूद ये नर्सिग होम और इनके एक लाख से ज्यादा बेड हकीकत में होते। ये वो नर्सिग होम है, जिन्हें नर्सिंग कालेजों ने अपनी मान्यता के लिए भरा पूरा बताया था। अब हालात देखकर सरकार को भी इन नर्सिंग कालेजों से संबद्ध नर्सिंग होम्स की याद आई है और सरकार ने पूछा है कि अस्पताल और बेड कहां है?

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