शहीद की सैनिक सम्मान के साथ विदाई:मुरैना में दर्शन करने उमड़ी सैकड़ों की भीड़, नम आंखों से किया याद, भारत माता के लगाए नारे

मुरैना10 महीने पहले
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शहीद की जलती चिता - Dainik Bhaskar
शहीद की जलती चिता

मुरैना के सेना के जवान शहीद रघुराज सिंह तोमर को आज उनके गांव अखेपुरा में सैनिक सम्मान के साथ विदाई दी गई। इस मौके पर सैकड़ों लोगों का हुजूम उनके दर्शन करने के लिए टूट पड़ा। हर व्यक्ति की आंखे नम थीं। परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल था। न केवल अखेपुरा बल्कि आस-पास के गांवों के सैकड़ों लोग शहीद के दर्शन के लिए पहुंचे थे.

शहीद का सेना के ट्रक से उतारते शव
शहीद का सेना के ट्रक से उतारते शव

रघुराज सिंह तोमर पुत्र इन्द्रवीर सिंह तोमर, निवासी अखेपुरा गांव, भारतीय सेना में जवान के पद पर पदस्थ थे। वे अप्रैल 2012 में सेना में भर्ती हुए थे तथा सेना की 256 फील्ड वर्कशॉप कोर में पदस्थ थे। उनकी पोस्टिंग ग्वालियर में थी। वे अपनी कंपनी के साथ ट्रेन से जा रहे थे, उसी दौरान जयपुर रेलवे जंक्शन पर ड्यूटी के दौरान करंट की चपेट में आकर गंभीर रुप से घायल हो गए थे। बाद में इलाज के दौरान उनकी 11 दिसंबर को मृत्यु हो गई थी।

वाहन से शव को लाते जवान
वाहन से शव को लाते जवान

दो दिन बाद आना था छुट्‌टी पर
रघुराज सिंह तोमर को दो दिन बाद छुट्‌टी पर आना था, उनके आने की सूचना पर उनकी पत्नी पूजा व दोनों बच्चे बड़े खुश थे। रघुराज सिंह तोमर के दो बच्चे हैं। बेटा पांच साल का तथा बेटी तीन साल की है। उनकी मौत की खबर रविवार को ही उनके घर पहुंच चुकी थी। सोमवार को सुबह उनका पार्थिव शरीर सेना की गाड़ी से ग्वालियर से मुरैना लाया गया। वहां दिमनी स्थित उनके गांव अखेपुरा पहुंचा।

शहीद के पार्थिव शरीर को सलामी देते अफसर
शहीद के पार्थिव शरीर को सलामी देते अफसर

पार्थिव शरीर के दर्शन करने उमड़ी भीड़
शहीद रघुराज सिंह तोमर के पार्थिव शरीर के दर्शन करने के लिए आस-पास के सैकड़ों लोगों का हुजूम उमड़ पड़़ा। घर में माता-पिता के साथ-साथ तीन भाई और हैं। रघुराज सिंह तोमर के दो भाई सेना में पदस्थ हैं तथा चौथा भाई भी सेना की तैयारी कर रहा है। पूरा परिवार सेना में भर्ती होकर देश की सेवा कर रहा है।
बिलख पड़े परिजन
अपने भाई व बेटे का शव देखकर रघुराज सिंह के परिजन बुरी तरह बिलख पड़े। उनके पार्थिव शरीर को लोगों के दर्शनों के लिए रखा गया। इस मौके पर सेना के साथ में आए अधिकारियों व जवानों ने उन्हें अंतिम सलामी दी।

गार्ड ऑफ आनर देते जवान
गार्ड ऑफ आनर देते जवान

हवा में गूंजी रायफलें
अन्तिम संस्कार के दौरान शहीद की शहादत को सलामी देने के लिए उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। इस दौरान मौजूद सेना के दस्ते द्वारा गार्ड ऑफ आॅनर के दौरान हवा में फायरिंग की।
पांच वर्ष के बेटे ने दी मुखाग्नि
शहीद को मुखाग्नि उनके पांच वर्ष के बेटे ने दी। इस मौके पर उनके भाई मौजूद रहे। बेटा छोटा होने के कारण उन्होंने मुखाग्नि दिलवाई। यह देखकर मौके पर मौजूद जन समुदाय की आंखे भर आईं।

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