पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

Install App

Ads से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐप

सफेद ‘जहर’ का कारोबार:60 दिन में दूध-पनीर के 278 सैंपल भरे, 67 फेल, 128 का इंतजार; 26 पर एफआईआर, फिर भी मिलावट जारी

मुरैना11 दिन पहले
  • कॉपी लिंक
डाेंगरपुर लाेधा में मावा बनाने के कारखाना पर जांच करते अधिकारी। - Dainik Bhaskar
डाेंगरपुर लाेधा में मावा बनाने के कारखाना पर जांच करते अधिकारी।
  • स्टेट लैब से केमिकल के सैंपल फेल लेकिन उनके गुणधर्म नहीं बता पा रहे खाद्य विश्लेषक

150 सैंपल की जांच में दूध, पनीर सहित केमिकल के 67 सैंपल फेल पाए गए हैं। इसके बाद भी प्रशासन ने कास्टिक सोडा, माल्टो डेक्सट्रिन पावडर, लिक्विड डिटरजेंट व खराब क्वालिटी के पॉम ऑयल के परिवहन व बिक्री को प्रतिबंधित नहीं किया है। इसलिए मिलावट पर अंकुश नहीं लग पा रहा है।

दूध माफिया ने अपने कारोबार का तरीका बदल लिया है। पुलिस व खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई से बचने के लिए आरएम केमिकल, माल्टो डेक्सट्रिन पावडर, स्किम्ड मिल्क पावडर, कास्टिक सोडा, लिक्विड डिटरजेंट, कमानी ब्रांड पॉम ऑयल सहित अन्य केमिकल को गोदाम विशेष में न रखकर अब ग्रामीण इलाकों में अलग-अलग जगह छुपाकर रखा जा रहा है। केमिकल नहीं पकड़ा जाए, इसलिए कारोबारी अब केमिकल का घोल तैयार कर सीधे उसे बेच रहे हैं। दूध खरीद के काम में लिप्त लोग इस केमिकल घोल को केन में डालकर उसी में सपरेटा दूध भर लेते हैं।

परिवहन के दौरान केमिकल का घोल और सरपेटा दूध मिलकर अच्छी फैट का दूध बन जाता है। फैट चेककर इसी दूध को कंपनियां खरीद रही हैं। ऐसे ही मामले में पोरसा पुलिस ने 28 जनवरी को गंगाराम गली में रहने वाले दूध कारोबारी संतोष जैन को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से घोल व दूध से भरी केन जब्त की थीं। खाद्य सुरक्षा अधिकारी अनल प्रताप परिहार ने घोल व दूध के सैंपल लेकर उनकी जांच कराई तो दोनोें सैंपल फेल पाए गए। घोल की जांच के बारे में भोपाल लैब के खाद्य विश्लेषक सिर्फ इतना बता पाए कि यह रिफाइंड ऑयल व बूरा मिश्रित घोल है। घोल में क्या क्या केमिकल मिलाए गए, जांच रिपोर्ट में यह स्पष्ट नहीं है।

इन उदाहरणों से जानिए... जिन पर एफआईआर उनके सैंपल भी फेल

  1. अंबाह जेल में बंद पंकज शर्मा की बरेह स्थित डेयरी से 23 दिसंबर 2020 को खाद्य सुरक्षा अधिकारी रेखा सोनी ने दूध, माल्टाे डेक्सट्रिन पावडर व केमिकलयुक्त घोल का सैंपल लिया था। दूध तो पास हो गया लेकिन माल्टाे डेक्सट्रिन पावडर व केमिकलयुक्त घोल जांच में फेल आए हैं। पंकज के खिलाफ एफआईआर कराई गई थी।
  2. पोरसा के जौटई में सोमकांत पुत्र साधु सिंह तोमर की डेयरी पर मुख्यालय खाद्य सुरक्षा अधिकारी डीके जैन ने 24 दिसंबर 2020 को छापा मारकर वहां से मिलावटी दूध, रिफाइंड ऑयल, माल्टो डेक्सट्रिन पावडर समेत केमिकल घोल के 4 सैंपल लिए, चारों ही जांच में फेल आए हैं। सोमकांत तोमर के खिलाफ भी एफआईआर कराई गई थी।
  3. खड़ियाहार क्षेत्र के उमरियाई में खाद्य सुरक्षा अधिकारी रेखा सोनी ने 30 जनवरी को सतेन्द्र तोमर की डेयरी से दूध के 2 सैंपल लिए थे। इसके अलावा रिफाइंड ऑइल, केमिकल, माल्टाे डेक्सट्रिन पावडर व लिक्विंड डिटरजेंट पावडर के चार सैंपल लिए थे। दूध को छोड़कर केमिकल के चारों सैंपल जांच में फेल आए हैं।

लोड के कारण कुछ सैंपल की रिपोर्ट में देरी
स्टेट लैब में केमिकल जांच की सुविधा मिली है। लोड अधिक होने के कारण 25 लोगों का कैजुअल स्टाफ भी मिला है। केमिकल के विश्लेषण का सवाल है तो अभी नवाचार की दिशा में प्रयास चल रहे हैं। लोड अधिक होने के कारण मुरैना की 2019 व 2020 के सैंपलों की जांच रिपोर्ट अभी तैयार नहीं हो सकी है।
संदीप विक्टर, खाद्य विश्लेषक, स्टेट लैब भोपाल

केमिकल घोल जांच में अनसेफ साबित
अंबाह के चिरपुरा रोड पर संचालित कमलकिशोर शर्मा की डेयरी पर मुख्यालय खाद्य सुरक्षा अधिकारी धर्मेन्द्र जैन ने 3 दिसंबर 2020 को छापा मारा तो डेयरी पर बड़ी मात्रा में केमिकल का घोल, मिलावटी दूध, रिफाइंड ऑयल, लिक्विड डिटरजेंट पावडर, माल्टाे डेक्सट्रिन पावडर व कास्टिक पाेटोश जब्त किया गया। केमिकल के घोल की जब्ती के दौरान पता चला कि कमलकिशोर शर्मा केमिकल से दूध में फैट बढ़ाने वाला घोल तैयार कर उसे दूधियों को बेचता है।

6 सैंपलों की जांच में 4 सैंपल फेल आए हैं जिसमें केमिकल का घोल व मिलावटी दूध को स्टेट लैब ने अनसेफ करार दिया है। इससे तात्पर्य है कि घोल व मिलावटी दूध मानव स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक है। लिक्विड डिटरजेंट पावडर, माल्टाे डेक्सट्रिन पावडर व कास्टिक पाेटोश के सैंपल भी फेल आए हैं। यह केस अब सीजेएम कोर्ट में अभियोजन के लिए पेश किए जाने की तैयारी है।

खबरें और भी हैं...

    आज का राशिफल

    मेष
    Rashi - मेष|Aries - Dainik Bhaskar
    मेष|Aries

    पॉजिटिव- आज आर्थिक योजनाओं को फलीभूत करने का उचित समय है। पूरे आत्मविश्वास के साथ अपनी क्षमता अनुसार काम करें। भूमि संबंधी खरीद-फरोख्त का काम संपन्न हो सकता है। विद्यार्थियों की करियर संबंधी किसी समस्...

    और पढ़ें