सनी टोयोटा मैनेजर की कार मिली:भाई बोला- कार आगरा में मिली, इससे साफ जाहिर वहां हत्या के बाद लाश मुरैना में फेंकी गई

मुरैना10 महीने पहले
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मृतक रंजीत खरे - Dainik Bhaskar
मृतक रंजीत खरे

सनी टोयोटा कंपनी के मैनेजर की हत्या के बाद आगरा पुलिस को उनकी खोई हुई कार मिल गई है। परिजन ने पहले ही दैनिक भास्कर को बताया था कि मैनेजर की हत्या सिकंदरा में ही कर दी गई थी। लाश मुरैना के अल्लाबेली चौकी के पास मौजूद हनुमान मंदिर के पास डाल गए हैं।

मैनेजर रंजीत खरे की दो दिन पहले हत्या कर दी गई थी। वह आगरा के रहने वाले थे। चार भाइयों में सबसे बड़े थे। अकेले घर में कमाने वाले थे। सोमवार की रात सवा ग्यारह बजे उनकी सबसे छोटे भाई अमित खरे से फोन पर बात हुई थी। कहा था कि वह सिकंदरा, आगरा में हैं और लौटने वाले हैं। इसके बाद वह रात में नहीं लौटे। अगले दिन मुरैना के सराय छोला पुलिस को उनकी लाश चंबल नदी के किनारे अल्लाबेली पुलिस चौकी के पास हनुमान मंदिर के करीब मिली थी।

लॉक है कार, नहीं मिला अन्य सामान
रंजीत खरे की कार टोयोटा की इटियास मॉडल की है। उसका क्रमांक-यूपी-83-8733 है। वह आगरा के बिजली घर बस स्टैंड के पास फोर्ट पुलिस चौकी पर मिली है। फोर्ट पुलिस चौकी रकावगंज थाने के अंतर्गत आती है। कार बुधवार की देर शाम को मिली है। कार पूरी तरह से लॉक बताई जाती है। इसमें कुछ सामान भी नहीं मिला है। आपको बता दें कि रंजीत खरे की लाश के पास से उसका पर्स, सोने की अंगूठी व उपरोक्त कार तीनों ही गायब थीं। इससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि हत्या करने वालों ने पहले उन्हें उनकी कार से बाहर निकाला। इसके बाद उनका अपहरण किया तथा हत्या कर दी। लाश को मुरैना डाल गए।

यह है पूरा मामला
आपको बता दें, कि मृतक रंजीत खरे चार भाई थे। सबसे बड़े रंजीत खरे थे, उसके बाद विक्रांत खरे, तीसरे नंबर के सुरजीत खरे तथा चौथे नंबर के अमित खरे हैं। यह चारों मकान नंबर-6/136 मोती कटरा, आगरा में एक ही मकान में रहते हैं। मकान पैतृक है। रंजीत खरे सनी टोयोटा कार कंपनी में बॉडी शॉप मैनेजर थे। वह आगरा में ही पदस्थ थे।

शाम साढ़े पांच बजे निकले थे एजेंसी से
पुलिस के मुताबिक रंजीत खरे आगरा स्थित टोयोटा कंपनी की ऐजेंसी से शाम साढ़े पांच बजे निकले थे। इसके बाद आगरा में ही रात सवा नौ बजे तक मृतक ने अपने दोस्तों के साथ पार्टी की। इसके बाद वे आगरा के पास स्थित सिकंदरा पर पहुंचे। वहां उन्होंने अपने दोस्तों को फोन लगाया कि आ जाओ, यहां खाना खाते हैं। इसके बाद उन्होंने सिकंदरा स्थित पंजाबी ढाबा में खाना खाया। उसी समय रात सवा ग्यारह बजे उनके सबसे छोटे भाई अमित का फोन उनके पास आया कि भैया कहां हो, इस पर उन्होंने कहा कि वे सिकंदरा में हैं तथा वापस घर लौटने वाले हैं। पुलिस ने बताया कि दोस्तों ने बताया कि उन्होंने बुलाया जरूर था लेकिन उनके यहां फंक्शन था, इसलिए पहुंचे नहीं थे।

चेहरे और शरीर पर थे चाकू के निशान
आपको बता दें कि जब रंजीत खरे की लाश पुलिस को मिली थी तो लाश के शरीर पर चाकुओं के निशान थे। इसके साथ ही चेहरे पर भी चाकुओं के निशान थे। इससे साफ अंदाजा लगाया जा रहा है कि उनकी हत्या हुई है।

सीडीआर खंगाल रही पुलिस
मुरैना पुलिस की माने तो वह मृतक के मोबाइल नंबर की सीडीआर रिपोर्ट खंगाल रही है। इसके आधार पर हत्यारों तक पहुंचने की कोशिश की जाएगी। सीडीआर रिपोर्ट से पुलिस को बता लग सकेगा कि उनकी किस-किस व्यक्ति से कब और कितनी बार बात हुई है। इसके साथ ही पुलिस को मृतक की पीएम रिपोर्ट का इंतजार है। पीएम रिपोर्ट आने के बाद हत्या करने के तरीका का पता लग सकेगा।

कहते हैं परिजन
मेरे भाई की कार आगरा पुलिस को मिल चुकी है। कार को अभी हम लेने नहीं गए हैं। कार रकावगंज पुलिस चौकी के इंचार्ज संतोष गौतम के कब्जे में है। हमें पहले ही आशंका थी कि मेरे भाई की हत्या आगरा में ही हुई है। कार आगरा में मिलने से और इस मामले की पुष्टि हो रही है।

विक्रांत खरे, मृतक का भाई

सीडीआर रिपोर्ट आने के बाद करेंगे जांच
मृतक के मोबाईल नंबर की सीडीआर रिपोर्ट निकाली जा रही है। उसके आधार पर विवेचना शुरु की जाएगी। तब तक पीएम रिपोर्ट भी आ जाएगी उससे और मामले के नजदीक जाने में मदद मिलेगी।
जितेन्द्र नागाइज, थाना प्रभारी, सरायछोला थाना, मुरैना