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बिजली कंपनियों का निजीकरण:एमडी मिश्रा बोले- मुरैना और भिंड में सबसे ज्यादा लाइन लॉस है, बड़ी चोरी पकड़ने के लिए लगाएंगे सीसीटीवी कैमरे

मुरैना17 दिन पहले
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गणेश शंकर मिश्रा, एमडी। - Dainik Bhaskar
गणेश शंकर मिश्रा, एमडी।
  • निजीकरण व मैन पावर की कमी के सवाल का एमडी गणेश शंकर मिश्रा गोल-मोल जवाब दिया

प्रदेश में सबसे ज्यादा लाइनलॉस मुरैना व भिंड में है। मुरैना में 21 करोड़ यूनिट बिजली हर महीने खरीदी जा रही हैं लेकिन उपभोक्ताओं से सिर्फ ढाई कराेड़ यूनिट का पैसा मिल पा रहा है। 85 करो़ड़ की बिलिंग पर 10 करोड़ रुपए राजस्व मिल पा रहा है। बिजली कंपनी ने तय किया है कि उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली उपलब्ध कराएंगे। वास्तविक खपत के बिल जारी कराएंगे ताकि ग्राहक बिजली का पैसा समय पर जमा कर सके। यह बात बिजली कंपनी के एमडी गणेश शंकर मिश्रा ने कही।

रविवार को मुरैना प्रवास के दौरान सर्किट हाउस पर मीडिया से चर्चा करते हुए एमडी मिश्रा ने कहा कि मुरैना का गणेशपुरा इलाका ऐसा है जहां 99% लाइन लॉस है। एक फीसदी राजस्व बिजली कंपनी को मिल रहा है। बिजली कंपनी अब बिजली चोरी के बड़े ठिकानों की निगरानी के लिए उस क्षेत्र में सीसीटीवी कैमरे लगवाएगी और शहर में सीसीटीवी सुविधायुक्त मोबाइल वैन चलाएगी।

बिजली चोरी रोकने के लिए मुरैना में बहुत जल्द अभियान शुरू कराया जा रहा है। बड़े बकाएदारों के कनेक्शन काटने से लेकर उनके ट्रांसफार्मर उतारने व कुर्की की कार्रवाई को अंजाम दिया जाएगा। क्योंकि जिले में 1000 करोड़ रुपए का एरियर बकाया है। इसकी वसूली के लिए प्रशासन व पुलिस की मदद ली जाएगी। इसके लिए कलेक्टर व एसपी ने बिजली कंपनी को सहयोग करने की बात कही है।

निजीकरण पर चुप्पी साध गए सीएमडी

  • इस दौरान एमडी से जब यह पूछा गया कि सरकार बिजली कंपनी के निजीकरण की तरफ बढ़ रही है। सरकार के इस कदम का विरोध इंदौर व भोपाल से शुरू हो चुका है। बिजली कंपनी की यूनियनों ने सरकार को ज्ञापन देकर निजीकरण का कड़ा विरोध किया है। बिजली कंपनी की यूनियनों का कहना है कि सरकार मुनाफे वाले संभागों को बेचना चाहती है तो ऐसे में बिजली कंपनी के कर्मचारी बकाया वसूल करके क्यों कंपनी को मुनाफे में लाएं। इस सवाल को सुनने के बाद एमडी ने कहा कि निजीकरण का मुद्दा उनके संज्ञान में नहीं है।
  • इधर, बिजली कंपनी यूनियन के प्रदेश विधि सचिव केके आर्य का कहना है कि बिजली कंपनी मुनाफे वाले संभागों काे निजी हाथों में बेचना चाह रही है। नौकरी पर इस खतरे को भांपते हुए बिजली कंपनी के कर्मचारी इस हाल में बकाया एरियर की वसूली में रुचि क्यों व किसलिए लेंगे। दूसरी तरफ सुरक्षा व संसाधनों के अभाव में रिकवरी के लिए मुरैना व भिंड जिले में अपना सिर कौन जेई व एई फुड़वाएगा।
  • बिजली कंपनी के एमडी से जब यह पूछा गया कि कंपनी में एई, जेई से लेकर लाइनमैन बड़ी संख्या में रिटायर हो चुके हैं। नई भर्ती नहीं की जा रही है। इस हाल में उपभोक्ताओं की शिकायतों का त्वरित निराकरण कैसे संभव है। एमडी का कहना था कि मैनपावर बढ़ाने के लिए शासन को लिखा है। ग्राहकों को बेहतर बिजली सप्लाई सेवा देना का प्रयास किया जाएगा।

स्पॉट बिलिंग शुरू होगी शहर में
लोगों को वास्तविक खपत के बिल मिलें इसके लिए फुंके व जले मीटरों को बदलने का काम तेज कराने के निर्देश महाप्रबंधक को दिए हैं। नए मीटर लगने के बाद जल्द ही शहर में स्पॉट बिलिंग प्रक्रिया शुरू होगी। मीटर रीडर मीटर की रीडिंग का फोटो लेकर बिजली कंपनी के एप से उसे मौके से ही सिस्टम में अपलोड कराएगा ताकि रीडिंग व बिलिंग में किसी प्रकार की हेरा-फेरी की गुंजाइश न रहे। चीफ इंजीनियर से कहा गया है कि वह हर 3 महीने में मीटर रीडरों के एरिया बदलते रहें ताकि ग्राहकों की शिकायत नहीं आए।

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