लापरवाही:सदर बाजार में फिर लगे 300 से अधिक ठेले, लोगों को नहीं मिली जाम से राहत

मुरैना9 महीने पहले
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  • 9 दिन बाद भी निर्धारित स्थान पर नहीं पहुंचे हाथठेला दुकानदार, टैक्सी वाहन भी नहीं हटाए
  • कलेक्टर व एसपी ने 4 मार्च को बाजार का भ्रमण कर पुराने जीवाजी क्लब परिसर में हाथठेला शिफ्ट कराए जाने के दिए थे निर्देश

नगर निगम के प्रयासों की बात तो छोड़िए, जिला व पुलिस प्रशासन की संयुक्त कवायद के बाद भी सदर बाजार से हाथठेला दुकानदार हॉकर्स जोन में शिफ्ट नहीं हो पाए। इस हाल में सदर बाजार का सौंदर्यीकरण कैसे हो पाएगा इस कई तरह के सवाल उठना लाजमी है। क्योंकि सदर बाजार में सड़क के दोनों साइड 300 से अधिक हाथ ठेला लगने से न केवल लोगों का आवागमन प्रभावित हो रहा है, बल्कि व्यापारी व ठेला दुकानदारों में आए दिन झगड़े की नौबत बन रही है।

यहां बताना जरूरी है कि 4 मार्च को कलेक्टर बी कार्तिकेयन व एसपी सुनील पांडेय ने नगर निगम के अमले के साथ न केवल बाजार का निरीक्षण किया, बल्कि पुराने जीवाजी क्लब में हाथठेला दुकानदारों को शिफ्ट करने का निर्णय लिया। लेकिन दो दिन के बाद ही कलेक्टर के निर्देश हवा में उड़ा दिए गए तथा सदर बाजार में वही पुराने हालत निर्मित हो गए हैं।

वहीं कलेक्टर के निर्देश के बाद नगर निगम के स्तर पर पुराने जीवाजी क्लब परिसर की न केवल सफाई कराई गई, बल्कि 5 मार्च को मार्किंग डालकर हाथठेला खड़े होने का स्थान भी निर्धारित किया गया। लेेकिन अगले ही दिन सभी ठेला दुकानदार विधायक राकेश मावई के निवास पर पहुंच गए और उन्होंने व्यवसाय के लिए स्थाई जगह दिलाए जाने की मांग की। तब विधायक ने इस मामले में हस्तक्षेप किया और जिला प्रशासन की कार्रवाई धरी की धरी रह गई।

टैक्सी वाहन भी मेला ग्राउंड में शिफ्ट नहीं कराए
पुराने जीवाजी क्लब परिसर में लंबे से 100 से अधिक टैक्सी वाहन खड़े हो रहे हैं। कलेक्टर व एसपी ने निरीक्षण के दौरान टैक्सी चालकों से चर्चा कर यह निर्णय लिया कि सदर बाजार में खड़े होने वाले हाथठेला दुकानदारों को पुराने जीवाजी क्लब परिसर में शिफ्ट किया जाएगा तथा यहां खड़े होने वाले टैक्सी वाहनों को मेला ग्राउंड पहुंचाया जाएगा। लेकिन कलेक्टर व एसपी के निर्देश के 9 दिन बाद भी टैक्सी वाहन पुराने जीवाजी क्लब परिसर में ही खड़े हो रहे हैं? साथ हाथठेला दुकानदारों को भी यहां शिफ्ट नहीं कराया जा सका है।

हाथठेला दुकानदार बोले-स्थायी जगह मिलने पर ही सदर बाजार से हटेंगे
हाथ ठेला यूनियन के शैलेंद्र गोले ने बताया कि जिला-प्रशासन ने पहले हमें रुई की मंडी में शिफ्ट किया, लेकिन वहीं ठेले खड़े होने के लिए पर्याप्त जगह नहीं है। इसके बाद ठेला दुकानदारों को पुराने जीवाजी क्लब में जाने की बात कही गई। लेकिन यह स्थान नगर निगम के स्तर पर पूर्व से ही कमर्शियल कॉम्पलेक्स बनाए जाने के लिए प्रस्तावित है।

ऐसे में दो-चार महीने बाद फिर उन्हें पुराने जीवाजी क्लब से खदेड़ दिया जाएगा। ठेला यूनियन का कहना है कि जब उन्हें व्यवसाय के लिए स्थाई जगह प्रदान नहीं की जाएगी तब तक वे सदर बाजार से नहीं हटेंगे। क्योंकि वर्तमान में सहालग का समय आ गया है। अगर वे धंधा नहीं करेंगे तो बीबी-बच्चों का पेट कहां से पालेंगे।

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