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अंबाह के बाद अब जौरा में मासूम से रेप:मुंह बोले चाचा ने 6 साल की मासूम से दुष्कर्म किया, खून लगे कपड़े पानी की टंकी में डाली, बच्ची को नहलाया; पुलिस FIR करने में 6 घंटे तक टाल मटोल करती रही

मुरैना16 दिन पहले
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अंबाह में मासूम की रेप के बाद हत्या के मामले में आरोपी को फांसी देने की मांग करते लोग। एसडीएम को ज्ञापन भी दिया। - Dainik Bhaskar
अंबाह में मासूम की रेप के बाद हत्या के मामले में आरोपी को फांसी देने की मांग करते लोग। एसडीएम को ज्ञापन भी दिया।

मुरैना के अंबाह के बाद अब जौरा में 6 साल की बच्ची से रेप का मामला सामने आया है। बच्ची से दुष्कर्म करने वाला मुंह बोला चाचा है। आरोपी भी नाबालिग है। उसकी उम्र 14 वर्ष थी। उसने दुष्कर्म के बाद बच्ची के कपड़े धोकर बच्ची को नहला दिए थे। मां बेटी की चीख सुनकर अंदर पहुंची तो आरोपी भाग निकला। इधर पुलिस एफआईआर करने में 6 घंटे तक टाल मटोल करती रही। बाद में बचाव में कहा कि बिजली नहीं थी।

बता दें कि सोमवार को अंबाह में नाबालिग ने बच्ची के साथ दुष्कर्म की वारदात को अंजाम देते हुए उसके हाथ-मुंह बांधकर कत्ल कर दिया था। आरोपी का बच्ची के घर के सामने मकान था। वह आए दिन बच्ची के साथ उसके घर आकर खेलता था। किसी को इस बात का अंदाजा नहीं था कि वह ऐसी घिनौनी घटना को अंजाम देगा।

पुलिस की उदासीनता इतनी कि 6 घंटे लगा दिए एफआईआर करने में
जौरा कस्बे में 6 साल की मासूम के साथ उसके मुंहबोले चाचा ने जब दुष्कर्म किया तो पुलिस भी उदासीन बनी रही। पुलिस ने एफआईआर करने तक में 6 घंटे लगा दिए। पुलिस की उदासीनता से उसकी कार्यप्रणाली पर प्रश्न चिन्ह लग गया है। मासूम के साथ दरिंदगी शाम चार बजे हुई थी। बच्ची को लेकर उसकी मां शाम 6 बजे जौरा थाने पहुंची थी। पुलिस को पूरी घटना बताई। बालिका के खून से लगे कपड़े तक दिखाए। इसके बावजूद पुलिस ने रात 12 बजे एफआईआर दर्ज की।

पुलिस अधिकारियों का तर्क था कि बिजली नहीं हैं, कैसे एफआईआर लिखें। थाने में इनर्वटर व लैपटॉप की सुविधा है, लेकिन उसका उपयोग नहीं किया गया। अपनी एफआईआर में पुलिस ने सूचना का समय रात साढ़े नौ बजे लिखा जबकि एफआईआर रात 11 बजकर 54 मिनट पर हुई। जबकि मासूम अपनी मां के साथ शाम 6 बजे ही थाने पहुंच गई थी।
बालिका को नहलाया भी और खून से सने कपड़े भी धोए
पुलिस को दिए बयान में मां ने बताया कि उसकी 6 साल की बेटी घर के बाहर गली में दिखाई नहीं दी। वह घबरा गई। वह गली में उसे खोजने लगी। उसी दौरान पड़ोसी के घर से उसकी बच्ची के राेने की आवाज उसे सुनाई दी। पड़ोसी की दुकान पर कोई नहीं था। वह सीधे घर के अन्दर चली गई। उसे देख आरोपी वहां से भाग निकला। बच्ची ने मां को बताया था कि आरोपित ने उसके खून से सने कपड़े उतारकर पानी की टंकी में डाल दिए थे। साक्ष्य मिटाने के लिए उसने बालिका को नहला भी दिया था। उसके बाद वह फिर उसके साथ जबरदस्ती करने लगा था। उसी दौरान बालिका की मां वहां पहुंच गई।

5 महीने में तीसरी घटना

मासूमों से दरिंदगी की चर्चा को लेकर मुरैना जिले पर कलंक लगने लगा है। पिछले पांच महीनों में ऐसी तीन घटनाएं सामने आई हैं, जिसमें पांच से 6 वर्ष के मासूम दरिंदगी के शिकार हुए हैं। खास बात यह है कि उनके साथ यह दरिंदगी किसी और ने नहीं बल्कि स्वयं उनके अपनों ने की है। जो अपने उन्हें अपने बच्चे मानते थे, वही उनके दुश्मन बन गए।

इन दोनों घटनाओं से पहले ऐसी घटना 4 फरवरी को सबलगढ़ क्षेत्र के खिरकाई गांव में घटित हुई थी। यहांं भी पांच वर्ष की बच्ची के साथ दुष्कर्म कर उसकी निर्मम हत्या कर दी गई थी। हत्यारा गांव का ही युवक था। बंटी पुत्र श्रीपति रजक ने पहले बच्ची का अपहरण किया और उसके बाद उसके साथ दुष्कर्म कर दिया। उसकी मां ने उसकी रिपोर्ट लिखाई थी। 6 माह बाद जेल से छूटने के 10वें दिन उसने बच्ची की हत्या कर दी थी।

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