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मांग:6 माह से बंद नैरोगेज, ग्वालियर जाने 5 से 6 गुना अधिक किराया दे रहे यात्री

मुरैनाएक महीने पहले
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नैराेगेज बंद हाेने से सूना पड़ा सबलगढ़ रेलवे स्टेशन। - Dainik Bhaskar
नैराेगेज बंद हाेने से सूना पड़ा सबलगढ़ रेलवे स्टेशन।
  • अंचल के लोगों ने केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर के नाम सोशल मीडिया पर वायरल की चिट्‌ठी

प्रिय मुन्ना भैया (केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर) आपने सांसद का चुनाव सबसे पहले मुरैना-श्योपुर संसदीय क्षेत्र से लड़ा था। इससे पूर्व आपने ग्वालियर से श्योपुर तक नैरोगेज ट्रेन में बैठकर यात्रा की। इस दौरान तत्कालीन राज्यसभा सांसद प्रभात झा भी आपके साथ यात्रा में रहे।

यात्रा के दौरान आपने सभी रेलवे स्टेशनों पर जनता से वादा किया कि यदि आप मुझे सांसद का चुनाव जिताएंगे, तो मैं इस छोटी लाइन को बड़ी लाइन (ब्रॉडगेज) में परिवर्तित करा दूंगा ताकि इस क्षेत्र का विकास सुनिश्चित हो सके। आप पहला चुनाव भी जीत गए। दूसरी बार आप ग्वालियर संसदीय क्षेत्र से सांसद बने। लौटकर तीसरी बार मुरैना-श्योपुर संसदीय क्षेत्र से सांसद के रूप में निर्वाचित हुए। वर्ष 2014 से भाजपा की केंद्र में सरकार है। इस बार भारी बहुमत से केंद्र में आपकी सरकार बनी है। टीवी पर देखा है कि आप प्रधानमंत्री मोदी के बगल वाली कुर्सी पर बैठते हैं।

इसके अलावा उनकी बड़ी मीटिंग (कैबिनेट) में भी शामिल होते हैं। हमने बड़ी उम्मीद लगाई थी कि आप ब्रॉडगेज परियोजना को मूर्त रूप देंगे लेकिन केंद्र सरकार ने इस परियोजना को शुरू करने के लिए 25 करोड़ रुपए का बजट ही स्वीकृत किया, जबकि 800 करोड़ रुपए की आवश्यकता थी। बजट के अभाव में एक तरह से यह परियोजना बंद जैसी है। इस परियोजना के तहत जारी होने वाले टेंडर अभी तक नहीं खोले जा सके हैं। परियोजना का कार्य बंद होने और आने वाले समय में लागत और भी कई गुना बढ़ जाएगी तथा परियोजना को मूर्त रूप देना असंभव होगा। केंद्रीय मंत्री तोमर के नाम लिखी गई इस तरह की चिट्‌ठी सोशल मीडिया पर वायरल की गई है।

चिट्‌ठी में कहा गया है कि केंद्र सरकार ने ग्वालियर-श्योपुर नैरोगेज से ब्रॉडगेज में बदलने की परियोजना स्वीकृत तो कर दी लेेकिन आवश्यकता के अनुसार बजट देने का प्रावधान नहीं किया है। इस परियोजना में 3 हजार करोड़ की लागत आने वाली है। 10 बड़े पुल, 112 छोटे पुल व 24 स्टेशनों स्टेशनों का निर्माण होना है। इस परियोजना का कार्य तीन चरणों में होना है। यह ध्यान में रखते हुए कुछ कार्यों के लिए अभी टेंडर जारी किए गए हैं। बानमोर से लेकर सबलगढ़ तक 65 किलोमीटर रेल पटरी (छोटी लाइन की) उखाड़ने का टेंडर भी हो चुका है लेकिन अभी यह अभी खुला नहीं है।

5 से 6 गुना भुगतना पड़ रहा है यात्री किराया

मालूम हो कि प्रदेश सरकार ने छोटी लाइन को बंद करने की स्वीकृति 6 माह पूर्व दे दी। लगभग डेढ़ साल से नेरोगेज ट्रेन का संचालन बंद है। जबकि वर्तमान में डीजल 100 रुपए लीटर के करीब पहुंच गया है। ऐसे में यात्री बसों के किराए में भारी बढ़ोतरी हुई है। पहले नेरोगज ट्रेन में सबलगढ़ से ग्वालियर का किराया मात्र 20 रुपए लगता था। लेकिन ट्रेन बंद होने से अब यात्रियों को बस में सफर करने पर 200 रुपए देने पड़ रहे हैँ। इसी प्रकार कैलारस से 150 तथा जौरा से 125 रुपए ग्वालियर जाने के लिए किराए के रूप में देने पड़ रहे हैं।

800 करोड़ रूपए का बजट स्वीकृत किया जाए

चिट्‌ठी के माध्यम से जौरा, कैलारस व सबलगढ़ क्षेत्र की जनता ने केंद्रीय मंत्री से ब्रॉडगेज परियोजना के लिए 800 करोड़ रुपए स्वीकृत कराए जाने की मांग की है। लोगों ने सोशल मीडिया पर कहा है कि कोरोना काल में दिल्ली में 20 हजार करोड रुपए का नया संसद भवन और मोदी महल (सेंट्रल विस्टा) बनाए जाने का काम चल रहा है। महामारी के दौरान जब हजारों लोग मर गए तब भी यह काम नहीं रोका गया। इसके अलावा गुजरात के लिए बड़ी बड़ी परियोजनाएं मंजूर की गई है। इस क्षेत्र के लिए आपके मन में ऐसी क्या दुर्भावना है कि शुरू किए ब्रॉडगेज प्रोजेक्ट का काम रोक दिया।

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