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कोरोना ने शादियों पर किया वज्रपात:शादी में अब, दूल्हा-दुल्हन सहित केवल 20 बराती हो सकेंगे शामिल, केन्द्रीय मंत्री तोमर ने दिया आदेश, चेहरे उतर गए लोगों के, कैसे होगी शादी, सब रह जाएंगे शामिल होने से

मुरैना6 महीने पहले
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फाइल फोटो शादी का - Dainik Bhaskar
फाइल फोटो शादी का
  • मुरैना में 100 बेड के लिये नया ऑक्सीजन प्लान्ट जल्द होगा शुरु
  • अब, एक मई से ऑड ईवन की तर्ज पर खुलेंगी मेडीकल की दुकानें

मुरैना। कोरोना का ग्रहण शादियों पर लगातार जारी है। पहले वर व वधू पक्ष के लोगों की संख्या कुल मिलाकर 100 की गई थी। बाद में उसे घटाकर आधा यानि पचास कर दिया गया। उसके बाद अब तीसरी बार गरुवार को आपदा प्रबंधन की बैठक में दोनों पक्षों की सदस्य संख्या कुल 20 आदमियों में निबटा कर सीमित कर दी गई है। सरकार के इस निर्णय के बाद जिन घरों में शादी है, उनके चेहरे बुरी तरह लटक गए हैं।
कोरोना काल में जिन लोगों की शादी हो रही है, वह शायद अपने पूरे जीवन नहीं भूलेंगे। कोरोना का सबसे अधिक कहर शादियों पर पड़ रहा है। पहले शादियों में शामिल होने वाले सदस्यों की संख्या 100 की थी, जिसे बाद में पचास और अब केवल 20 कर दी गई है। आपदा प्रबंधन की बैठक में केन्द्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर, जिले के प्रभारी मंत्री भारत सिंह कुशवाह सहित विधायक व कलेक्टर, एसपी सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।
जल्द खुलेगा 100 पलंगो के लिए दूसरा ऑक्सीजन प्लांट
आपदा प्रबंधन की बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि मुरैना जिले में जल्द ही एक नया ऑक्सीजन प्लांट बनाया जाएगा। संभवत: यह प्लांट भी नगरीय सीमा के अन्दर बनाया जाए, जिससे जिला अस्पताल व अन्य अस्पतालों में आक्सीजन की सप्लाई सरलता से की जा सके। यह प्लान्ट पीएम केयर योजना के तहत स्वीकृत किया गया है। इसमें 100 बैडों के लिए ऑक्सीजन मुहैया कराई जाएगी। यह प्लान्ट भी 10 से 12 दिन के अन्दर बनकर तैयार हो जाएगा। पहला ऑक्सीजन प्लान्ट जेल रोड पर बन रहा है, तथा उसके 1 मई से शुरु होने की बात कही जा रही है। इस प्लान्ट से 60 बेडों के मरीजों को ऑक्सीजन मुहैया हो सकेगी।
अब, ऑड ईवन की पद्दति से खुलेंगी मेडीकल की दुकानें
आपदा प्रबंधन की बैठक में यह भी निर्णय लिया गया हैै कि जिले में मेडीकल की दूकानें ऑड-ईवन की पद्दति से खुलेंगी। यह दुकानें 1 मई से खुलेंगी। इसके पीछे शहर में मेडीकल की दुकानों पर लगने वाली भीड़ को नियंत्रित करना बताया जा रहा है।
जिन लोगों को सांस लेने में तकलीफ उन्हें ही भर्ती करें
केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि जो लोग होम कोरंटाइन हैं, उन्हें ऑक्सीजन व रेमेडीसिविर इंजेक्शन की जरूरत नहीं है। उन्हें होम कोरंटाइन ही रहने दिया जाए। जिन लोगों को सांस लेने में तकलीफ है, केवल उन्हीं को मेडीकल सहायता दी जाए। उन्होंने यह भी कहा कि कलेक्टर एक व्यक्ति को नोमिनेट करे। जिस मरीज को ग्वालियर रैफर करना है, उसके लिए कहां किस हॉस्पिटल में बैड दिलवाना है। वह व्यक्ति मेरे सम्पर्क में रहे, उस व्यक्ति को पलंग दिलवाना हम सबकी जिम्मेदारी है। ग्वालियर वैसे भी बड़ा शहर है, उसमें आस-पास के जिलों को मरीज रैफर होकर आ रहे हैं।
शहर में वाहनों का आवागमन पूरी तरह बंद
केन्द्रीय मंत्री ने बैठक में कहा कि एक मई से पूरे शहर में दो पहिया, चार पहिया व ऑटो रिक्शा का परिवहन पूरी तरह से प्रतिबंधित कर दिया जाए। कमरों की संख्या बहुत कम है, इसलिए संक्रमित मरीजों के लिए शहरी स्तर पर आइसोलेशन वार्ड बनाकर उन्हें शिफ्ट किया जाए।

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