बाबा ले रहे थे समाधि:सैकड़ों लोगों की मौजूदगी में गाजे-बाजे के साथ 7 फीट गहरे गड्‌ढे में लिटाया, पुलिस ने अस्पताल पहुंचाया; बोले- 100 साल का हो गया हूं

मुरैना11 दिन पहले

मुरैना में गांव वालों के सामने एक बाबा जमीन में समाधि लेने लगे। बाबा के भक्तों ने गाजा-बाजा भी बजवा दिया। समाधि के लिए 7 फीट गहरा गड्‌ढा भी खोद दिया। जैसे ही बाबा काे लिटाया गया, किसी ने पुलिस को खबर कर दी। पुलिस ने ऐन मौके पर पहुंचकर बाबा को गड्‌ढे से बाहर निकलवाया और अस्पताल पहुंचा दिया। बाबा का कहना है कि उनकी उम्र 100 साल हो गई। लिहाजा अब समाधि लेना चाहते हैं।

मामला गुरुवार को जिले के तुस्सीपुरा के कैथोदा गांव का है। यहां राम सिंह उर्फ पप्पड़ बाबा रहते हैं। गांव में बाबा का दुर्गादास आश्रम भी है। गांव वाले और आसपास के दूसरे गांव के लोग उनके शिष्य हैं। गांव वालों के सामने बाबा ने समाधि लेने की इच्छा जताई। बाबा ने कहा कि वह 100 साल के हो गए हैं। संत होने के नाते अब समाधि लेना चाहते हैं। पहले लोगों ने मना किया, लेकिन बाबा की जिद के आगे झुकना पड़ा। श्रद्धालुओं ने समाधि का इंतजाम कर दिया।

समाधि से पहले बाबा की पूजा हुई
गांव में ही उनके आश्रम में समाधि के लिए 7 फीट गहरा गड्‌ढा खोदा गया। समाधि लेने से पहले उनकी पूजा हुई। उन्हें जल और दूध से स्नान कराया गया। सैकड़ों की संख्या में लोग वहां पहुंच गए। लोगों ने बाबा के दर्शन किए। उसी दौरान गांव के ही कुछ लोगों ने सिविल लाइन थाना पुलिस को खबर कर दी। तुरंत मौके पर पुलिस पहुंच गई। बाबा को समाधि में से उठा ले गई। उसके बाद उन्हें जिला अस्पताल भेज दिया।

अस्पताल में बाबा को भर्ती कराया गया।
अस्पताल में बाबा को भर्ती कराया गया।

दो लड़के और नाती हैं बाबा के
बाबा रामसिंह उर्फ पप्पड़ बाबा के दो बेटे हैं, जिनमें से एक मानसिक रूप से कमजोर है। एक बहू है और दो नाती हैं। बावजूद वह घर से अलग आश्रम में रहते हैं।

गांव वालों ने दी समझाइश
पुलिस का कहना है कि जब हम वहां पहुंचे, तो गांव वाले बाबा को समझा रहे थे कि समाधि लेने से फायदा नहीं है। यह गलत है, लेकिन बाबा मान ही नहीं रहे थे। लिहाजा, बाबा को जबरन समाधि के गड्‌ढे से उठाया और अस्पताल ले आए।

अस्पताल के पलंग पर इलाज कराते बाबा।
अस्पताल के पलंग पर इलाज कराते बाबा।

हम दुखी हैं, समाधि से क्यों उठाया
रामसिंह उर्फ पप्पड़ बाबा का कहना है कि हमारी उम्र 100 वर्ष पूरी हो चुकी है। हम समाधि लेना चाहते थे, लेकिन गांव के कुछ लोगों ने जो हमें पसंद नहीं करते हैं, उन्होंने मामले को बिगाड़ दिया। पुलिस बुलाकर हमें अस्पताल भिजवा दिया। हम इस बात से दु:खी हैं। सिविल लाइन थाना प्रभारी विनय यादव के मुताबिक गांव वाले बाबा को समझा रहे थे कि समाधि मत लो, लेकिन बाबा मान ही नहीं रहे थे। कह रहे थे कि हमारी उम्र पूरी हो चुकी है। बाद में उनको अस्पताल भिजवा दिया।

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