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अशासकीय स्कूल खोलने का मुद्दा उठाया:अशासकीय स्कूल संचालकों ने उठाया स्कूल खोलने का मुद्दा, सौंपा 7 सूत्रीय ज्ञापन

मुरैनाएक महीने पहले
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प्राइवेट स्कूल संचालक व शिक्षकों ने 16 महीने के लॉकडाउन के बाद नए शैक्षणिक सत्र के लिए अशासकीय स्कूल खोलने का मुद्दा उठाया है। संगठन अपनी 7 सूत्रीय मांगोंं के संबंध में बुधवार को मुख्यमंत्री के नाम प्रशासन को सौंपा। अशासकीय स्कूल संचालक व शिक्षक संघ के जिला अध्यक्ष मोहन बंसल ने कहा है कि 16 महीने के लॉकडाउन के कारण प्राइवेट स्कूलों का संचालन सिस्टम पूरी तरह से बैठ गया है।

अब जल्द ही स्कूल खोलने के आदेश जारी नहीं हुए तो जिले के 2000 से ज्यादा शिक्षक-शिक्षकाएं भुखमरी के कगार पर पहुंच जाएंगे। स्कूल खाेलने के आदेश जारी नहीं होने से शिक्षण शुल्क नहीं ले पा रहे हैं। ऐसा न होने से अध्यापन में सेवाएं दे रहे शिक्षकों को वेतन नहीं बांटा जा पा रहा है। इसलिए कोचिंग सेंटरों की तरह प्राइवेट स्कूल खाेलने के आदेश जारी किए जाने चाहिए।

ये मांग भी जोड़ी गईं ज्ञापन में

अशासकीय स्कूलों का मान्यता बिना शुल्क व बिना निरीक्षण के पांच साल के लिए रिन्युअल की जाए। शिक्षा के अधिकार के तहत जिन बच्चों के एडमिशन प्राइवेट स्कूलों में कराए गए उनकी 2019-20 व 2020-21 का शुल्क प्राइवेट स्कूलों के खातों में ट्रांसफर किया जाए। काेरोना काल का स्कूलों का बिजली बिल व संपत्तिकर शुल्क माफ किया जाए। बोर्ड द्वारा जमा कराई गई हाईस्कूल व इंटर की परीक्षा फीस वापस की जाए। शासकीय व अशासकीय स्कूल के शिक्षकों के बीच असमानता केन्द्रीय शैक्षिक बोर्ड की तर्ज पर समाप्त की जाए।

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