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परीक्षा का आयोजन:मध्यप्रदेश में स्टेनोग्राफी परीक्षा शुरू कराने छात्रों ने मुख्यमंत्री को ऑनलाइन ज्ञापन भेजा

मुरैनाएक महीने पहले
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  • छात्र-छात्राओं का कहना है कि देश के 29 राज्यों में से मध्यप्रदेश ही ऐसा राज्य है जहां स्कूल शिक्षा विभाग ने इस परीक्षा का आयोजन बंद कर दिया है

स्टेनोग्राफी की परीक्षा राज्य स्तर पर कराए जाने का मुद्दा छात्रों ने उठाया है। परीक्षा के आयोजन की मांग को लेकर छात्रों ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री के नाम ऑनलाइन ज्ञापन भेजा है। स्टेनोग्राफी हिन्दी/अंग्रेजी की तैयारी कर रहे छात्र-छात्राओं का कहना है कि स्कूल शिक्षा विभाग ने परीक्षा का आयोजन 2013 से बंद कर दिया है, जबकि देश के सभी राज्य इस परीक्षा का आयोजन राज्य स्तर से करा रहे हैं।

स्कूल शिक्षा विभाग इस परीक्षा में शामिल होने के लिए 100 रुपए के बैंक चालान से फीस मान्य कर लेता था, जबकि आईटीआई से स्टेनोग्राफी करने पर 15 हजार की फीस वसूली जा रही है। इतनी अधिक फीस को आम छात्र, जमा करने की स्थिति में नहीं रहते। शासन पहले की तरह स्टेनोग्राफी परीक्षा का आयोजन स्कूल शिक्षा विभाग से कराता है तो 51 जिलों के10 हजार से अधिक छात्र-छात्राएं लाभांवित होंगे।

मुख्यमंत्री के नाम भेजे ज्ञापन में छात्रों ने मु्द्दा उठाया है कि राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयीन शिक्षा संस्थान नई दिल्ली, टायपिंग की परीक्षा का आयोजन करता है, लेकिन परीक्षा अभी भी टाइप राइटर पर कराई जा रही है, जबकि सामान्य प्रशासन विभाग ने 2013 से प्रदेश के सरकारी दफ्तरों में टाइप राइटर के उपयोग को पूरी तरह से प्रतिबंधित कर दिया है इसलिए इस परीक्षा का आयोजन कम्प्यूटर पर कराने की सुविधा दी जाए

छात्रों का कहना है कि राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयीन शिक्षा संस्थान द्वारा जारी टायपिंग परीक्षा प्रमाण-पत्र 80 शब्द प्रति मिनट का होता है जबकि मध्यप्रदेश शासन की सेवा में 100 शब्द प्रति मिनट की अर्हता मांगी जा रही है। इस अर्हता को जब छात्र-छात्राएं पूरी करते हैं तो उन्हें 100 शब्द प्रति मिनट टायपिंग का प्रमाण-पत्र जारी किया जाना चाहिए।

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