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  • This Time, The Infection Directly Reaching The Lungs, 900 CT Scans In April, The Condition Of 30% Worsened, 32 Deaths In The Same Month.

कोरोना की दूसरी लहर घातक:इस बार सीधे फेंफड़ों में पहुंच रहा संक्रमण, अप्रैल में हुए 900 सीटी स्कैन, 30% लोगों की हालत बिगड़ी, इसी महीने 32 मौतें

मुरैना6 महीने पहले
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गुरुवार को जिला अस्पताल में आए नए 40 ऑक्सीजन कंस्ट्रेटर। - Dainik Bhaskar
गुरुवार को जिला अस्पताल में आए नए 40 ऑक्सीजन कंस्ट्रेटर।
  • ग्वालियर के अस्पताल फुल, 180 बेड के जिला अस्पताल में 245 मरीज, ऑक्सीजन तो दूर बेड का भी संकट

दूसरी लहर में कोरोना वायरस का नया स्वरूप इतना खतरनाक हो गया है कि अब संक्रमण सर्दी, जुकाम, बुखार के रूप में नजर ही नहीं आ रहा। अप्रैल में 100 से अधिक मरीज ऐसे आए, जिनकी कोरोना रिपोर्ट तो निगेटिव आई लेकिन जब उनकी हालत बगड़ी तो एचआर सीटी स्कैन कराने पर उनके फेंफड़े संक्रमित मिले। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि अप्रैल 2020 से मार्च 2021 तक जितने एचआर सीटी स्कैन नहीं हुए, उससे अधिक अकेले अप्रैल में हुए।

इस महीने के 29 दिन में 900 सीटी स्कैन हो गए। इनमें से 30 प्रतिशत मरीज ऐसे निकले, जिनके फेंफड़े कोरोना वायरस की वजह से 50 प्रतिशत से अधिक खराब मिले। इसका नतीजा यह हुआ कि कोरोना वायरस से मरने वालों का आंकड़ा 11 महीने में हुए 29 मौतों के मुकाबले 32 मौतों पर पहुंच गया।

इन 3 उदाहरण से जानिए कैसे फेंफड़ों के संक्रमण से मरीजों की हालत बिगड़ी
1. शहर के न्यू हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में रहने वाले रामवरन सिंह को 23 अप्रैल को बुखार आया। 3 दिन उन्होंने मेडिकल स्टोर से दवाई ली। डॉक्टर की सलाह पर जब कोरोना का आरटीपीसीआर टेस्ट कराया तो उसमें रिपोर्ट निगेटिव आई। हालत और ज्यादा बिगड़ने पर उन्होंने सीटी स्कैन कराया तो उनके फेंफड़ों में 60 प्रतिशत इंफेक्शन था। जब तक इलाज शुरू हुआ, उनकी तबियत इतनी खराब हई कि ग्वालियर के निजी नर्सिंग होम में 8 दिन भर्ती रहना पड़ा।

2. सबलगढ़ में रहने वाले रिटायर्ड शिक्षक सिद्धेश्वर शर्मा को 15 अप्रैल को सर्दी-खांसी व जुकाम की शिकायत थी। कोरोना संक्रमण की जांच उन्होंने कराई, जिसमें उनकी रिपोर्ट निगेटिव आई। जब तबियत ज्यादा बिगड़ी तो परिजन मुरैना लेकर आए और उनका सीटी स्कैन कराया, जिसमें लंग्स में इंफेक्शन आया। सांस लेने में दिक्कत होने पर उन्हें परिजन जिला अस्पताल में बेड न मिलने पर सीधे ग्वालियर ले गए। वहां जेएएच में उनका इलाज हुआ तब जाकर वे रिकवर हो सके।

3. मुरैना में रहने वाले राजीव दुबे ने 19 अप्रैल को सैंपल कराया लेकिन उनकी हालत ज्यादा खराब हो गई। डॉक्टर की सलाह पर सीटी स्कैन कराया तो लंग्स में 40 प्रतिशत इंफेक्शन था। तत्काल इलाज शुरू हुआ और रिपोर्ट 21 अप्रैल को पॉजिटिव आई।

नया प्लांट शुरू, 60 मरीजों को 24 घंटे मिलेगी ऑक्सीजन
कोरोना संक्रमण से जिला अस्पताल में ऑक्सीजन की कमी से जूझ रहे मरीजों के लिए राहतभरी खबर है। जिला अस्पताल में बनकर तैयार हुए नए प्लांट से ऑक्सीजन का उत्पादन और डिस्ट्रीब्यूशन शुरू हो गया है। इससे 60 मरीजों को 24 घंटे ऑक्सीजन मिल सकेगी। वहीं गुरुवार को जिला अस्पताल में 40 नए ऑक्सीजन कंसन्ट्रेटर आ गए हैं। यह कंसन्ट्रेटर बानमोर औद्योगिक क्षेत्र व मुरैना के उद्योगपतियों के सहयोग से जिला प्रशासन ने अरेंज कराए हैं। पुराने 35 कंसन्ट्रेटर सहित अब अस्पताल में करीब 70 कंसन्ट्रेटर हो गए हैं। इससे करीब 100 मरीजों को ऑक्सीजन दी जा सकेगी। प्रभारी सीएमएचओ डॉ. एडी शर्मा ने बताया कि नए ऑक्सीजन कंसन्ट्रेटर एक-दो दिन में इंस्टॉल करके शुरू करा दिए जाएंगे।

ऑक्सीजन का समाधान हुआ, अब बेड बढ़ाने की चिंता जिला अस्पताल में ऑक्सीजन का संकट काफी हद तक नियंत्रण में आ जाएगा लेकिन अब बेड बढ़ाने का संकट है क्योंकि अभी जिला अस्पताल में 180 बेड हैं और मरीज 240 से अधिक भर्ती हैं। अब जिला प्रशासन को सरस्वती शिशु मंदिर में बनाए गए नए कोविड केयर सेंटर में सिलेंडर से ऑक्सीजन सप्लाई शुरू कराने क ेलिए प्रयास करने चाहिए। इससे यहां 40 मरीजों को इलाज मिल सकेगा। हालांकि जिले के छह विधायक चाहें तो 10-10 ऑक्सीजन कंसन्ट्रेटर यहां उपलब्ध करवा दें तो यहां मरीजों को सुविधा मिल सकेगी।

11 महीने में 198 सीटी स्कैन जांच में 27 मरीज, अप्रैल में 900 जांच में मिले 270 गंभीर संक्रमित
माह एचआर सीटी संक्रमित
अप्रैल 2020 00 00
मई 2020 00 00
जून 2020 03 00
जुलाई 2020 30 07
अगस्त 2020 22 05
सितंबर 2020 15 02
अक्टूबर 2020 20 02
नवंबर 2020 10 00
अक्टूबर 2020 15 02
सितंबर 2020 10 00
अक्टूबर 2020 08 01
नवंबर 2020 10 03
दिसंबर 2020 05 01
जनवरी 2021 10 02
फरवरी 2021 15 00
मार्च 2021 25 02
अप्रैल 2021 900 270
कुल 1098 297
नोट: आंकड़े जिला अस्पताल की सीटी स्कैन मशीन और व निजी जांच सेंटर के रिकॉर्ड के आधार पर।

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