ट्रैफिक व्यवस्था:सिग्नल बंद रहने से एमएस रोड पर ट्रैफिक जाम, 20 मिनट का सफर 45 मिनट में तय

मुरैना9 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
  • दुकानदार सड़क पर रख लेते हैं सामान, उधर सड़क किनारे खड़ी रहती हैं बाइक, मनमानी कर रहे ई-रिक्शा चालक

शहर की ट्रैफिक व्यवस्था से आम जनता ही नहीं खुद अधिकारी भी परेशान हैं। क्योंकि शहर की लाइफ लाइन एमएस रोड पर हर घंटे ट्रैफिक जाम होता है, जो शहरवासियों के लिए सबसे बड़ी परेशानी है। हालांकि बदहाल ट्रैफिक के लिए सिर्फ नगर निगम या ट्रैफिक पुलिस ही जिम्मेदार नहीं है, बल्कि ट्रैफिक नियमों का पालन न कर हम सब भी इसमें बराबर दोषी हैं।

गलत साइड में वाहन फंसाना, सड़क किनारे अपनी कार-दो पहिया वाहनों को लॉक करके बाजार में घूमना आदि हमारी जिम्मेदारी के दायरे में आता है। बैरियर चौराहे से ओवरब्रिज तिराहे पर एमएस रोड पर 12 से अधिक प्वाइंट पर हर घंटे ट्रैफिक जाम होता है। बावजूद इसके शहर में लगे ट्रैफिक सिग्नल सुधरवाने किसी ने कोई प्रयास नहीं किए।

पूर्व कलेक्टर अनुराग वर्मा की अध्यक्षता में हुई यातायात समिति की बैठक में अफसरों ने अपनी-अपनी परेशानी तो बताई, लेकिन कमी किसी ने नहीं गिनाई। यहां बता दें कि शहर में ट्रैफिक व्यवस्था को दुरुस्त रखने के लिए कई साल पहले लाखों खर्च करके नगर निगम ने बैरियर चौराहा, पुराना बस स्टैंड पर शुक्ला होटल के पास तथा ओवरब्रिज तिराहे पर ट्रैफिक सिग्नल लगवाए थे, लेकिन देखरेख के अभाव में यह सिग्नल पूरी तरह से बंद रहते हैं। जबकि इन तीनों जगह से हैवी ट्रैफिक क्रॉस होता है। जिसकी वजह से अक्सर इन प्वाइंट्स पर जाम भी होता है।
शहर का ट्रैफिक सुधारने यह करने होंगे इंतजाम
एमएस रोड के दोनों साइड में स्थित दुकानदार अपना सामान आधी सड़क पर रख देते हैं, जिससे 50 फीट चौड़ी रोड पर सिर्फ 20 फीट जगह बचती है। ऐसे दुकानदारों का सामान हटाने की कार्रवाई नगर निगम को करानी होगी। इसी तरह बैंक-शोरूम, कॉम्पलेक्स के बाहर पार्किंग नहीं है। आईसीआईसीआई बैंक स्थित पूर्वमंत्री मुंशीलाल की बिल्डिंग, राठी कॉम्पलेक्स, एक्सिस बैंक, यूको बैंक सहित सड़क किनारे दो दर्जन जगह पर लोग अपनी बाइक-कार सड़क पर बेतरतीब ढंग से रखकर चले जाते हैं। इन बैंक प्रबंधन व कॉम्पलेक्स मालिकों को नोटिस जारी किए जाएंं।

महादेव नाका से गोपीनाथ की पुलिया तक जाम
महादेव नाका से गोपीनाथ की पुलिया तक टू वे ट्रैफिक होने से पल-पल जमा लग रहा है। इसके पीछे एक वजह यह भी है कि गणेशपुरा की ओर से ई-रिक्शा चालकों को रूट डायवर्ट किया गया है, जबकि 15 फीट चौड़ी सड़क पर दोनों ओर क्या एक तरफ के वाहन निकलना मुश्किल है। क्योंकि दुकानदारों ने मेन नाले पर अतिक्रमण कर रखा है तथा सड़क पर सामान रखकर व्यवसाय किया जा रहा है। अतिक्रमणकारियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है।
अकेले एमएस रोड पर रोज होते हैं 10 हादसे
जिलेभर में सड़क हादसों की बात करें तो मुरैना-सबलगढ़ रोड, मुरैना-पोरसा रोड तथा नेशनल हाईवे सहित शहर में रोज 25 से 30 हादसे होते हैं। इनमें 10 हादसे अकेले शहर की एमएस रोड पर ही होते हैं, जो कुल हादसों का 30 प्रतिशत है। बावजूद इसके शहर की एमएस रोड पर ट्रैफिक व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए नगर निगम मार्केट के बाहर पार्किंग के लिए लाइनिंग नहीं कर सका। ट्रैफिक पुलिस ने सड़क पर खड़े वाहनों के चालान काटे, लेकिन असर कुछ भी नहीं हुआ।
स्टेशन रोड पर नहीं हो रही अतिक्रमणकारियों के खिलाफ कार्रवाई
स्टेशन रोड पर अधिकांश इलेक्ट्रॉनिक दुकानें हैं। यह लोग सड़क पर सामान रखकर व्यवसाय कर रहे हैं। इसके अलावा 50 से अधिक ठेला दुकानदार सड़क पर खड़े रहते हैं। इस मार्ग पर खाने-पीने के हॉटल, बीयर बार व आहता होने के कारण शाम होते ही सड़क किनारे बाइकों की कतार लग जाती है। जिससे न केवल ट्रैफिक प्रभावित हो रहा है, बल्कि राहगीरों को परेशानी हो रही है।

खबरें और भी हैं...