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दोषमुक्त घोषित करने का आदेश जारी:दुष्कर्म केस में परिवहन निरीक्षक बरी, युवती ने कहा- पुलिस ने काेरे कागज पर दस्तखत कराए

मुरैनाएक महीने पहले
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  • सिविल लाइन पुलिस ने 18 अप्रैल 2019 को सागर की युवती की शिकायत पर परिवहन निरीक्षक के खिलाफ दर्ज किया गया था केस

दुष्कर्म के चर्चित मुकदमे में जिला न्यायालय ने परिवहन निरीक्षक शंकर पचौरी को बरी कर दिया है। इस मामले में सागर की जिस युवती ने दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज कराया था, उसने कोर्ट में बयान दिया कि पुलिस ने उससे कोरे कागज पर दस्तखत कराए और लिखा दिया कि शंकर ने उसकी बिना सहमति के कुछ नहीं किया।

जौरी में रहने वाले शंकर पचौरी के खिलाफ सिविल लाइन पुलिस ने उनकी शादी से दो दिन पहले 18 अप्रैल 2019 को दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज कराया गया था। अभियोजन के दौरान सागर की युवती ने कोर्ट में परीक्षण काल के दौरान बयान दिया कि शंकर पचौरी के साथ उसने पूर्ण सहमति से संबंध बनाए।

वह एक बालिग महिला है और आरोपी शंकर पचौरी ने उसके साथ कभी प्रतिकूल कार्य नहीं किया। युवती के इस बयान को महत्वपूर्ण मानते हुए अदालत ने तय किया कि इस स्थिति में डीएनए परीक्षण रिपोर्ट का अब कोई महत्व नहीं रह जाता है। इस प्रकार आरोपी शंकर पचौरी द्वारा युवती से शादी करने के झूठे आश्वासन के तथ्य का प्रमाणन संभव नहीं रह जाता। क्योंकि दोनों ही वयस्क हैं। इस आधार पर अदालत ने शुक्रवार को आरोपी शंकर पचौरी परिवहन निरीक्षक को धारा 376 व धारा 376(2) के अपराध से दोषमुक्त घोषित करने का आदेश जारी किया।

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