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लॉकडाउन का इफैक्ट:उसैद घाट पुल: लेबर कर गई पलायन, अब 20 दिन बाद बारिश में स्थायी काम होगा बंद

मुरैना23 दिन पहले
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  • चंबल नदी पर 700 मीटर लंबे पुल का निर्माण धीमी गति से चल रहा

लॉकडाउन का असर चंबल के उसैद घाट पुल के निर्माण पर असर छोड़ रहा है। लेबर के यूपी व झारखंड पलायन करने से दो महीने पुल के पिलरों को 49 मीटर की गहराई तक उतारने का काम लगभग बंद सी स्थिति में है। 20 जून से बारिश शुरू होने के बाद सितंबर तक निर्माण कार्य स्थाई रूप से बंद रखा जाएगा। इस प्रकार पुल बनाने का काम 5 महीने से ज्यादा लेट होगा। मार्च तक उसैद पुल के 15 में से 10 पिलरों को गहराई में उतारने का काम शुरू कराया गया था। क्योंकि पुरानी निर्माण एजेंसी शुक्ला कंस्ट्रक्शन कंपनी 10 पिलरों के निर्माण को अधूरा छोड़ गई थी।

कोई पिलर 15 फीट गहरा बन पाया था तो किसी को 25 फीट गहराई तक उतारा जा सका था। नए ठेकेदार को उसैद पुल का काम मिलने के बाद ब्रिज कारपोरेशन ने पुराने पिलरों को 49 मीटर गहराई में उतारने का जिम्मा नई निर्माण एजेंसी को सौंपा। काम गति पकड़ पाता उससे पहले ही 22 मार्च को लॉकडाउन शुरू होने से पुल पर काम कर रहे 80 श्रमिकों में से 60 आदमी उत्तर प्रदेश व झारखंड के लिए पलायन कर गए। पलायन के बाद यूपी में चुनाव होने तथा झारखंड में लॉकडाउन के कारण बार्डर सील होने से लेबर अपने गांवों से उसैद नहीं पहुंच पा रही है।

इस हाल में 20 से 22 आदमी अभी पुल की साइट पर शटरिंग व सरिया का काम कर रहे हैं। अभी 20 जून तक बारिश नहीं आती तब तक ठेकेदार मौजूद लेबर से 9 पिलरों को गहराई में पहुंचाने का काम कराएगा। सितंबर में जब लेबर वापस आएगी तब पुल बनाने का काम गति पकड़ सकेगा।नई निर्माण एजेंसी को उसैद घाट से लेकर पिनाहट घाट के बीच उसैद पुल को 700 मीटर लंबा, 12 मीटर चौड़ा व 25 मीटर ऊंचा पुल बनाकर तैयार करना है। ताकि आगामी 100 साल तक बाढ़ का पुल पर असर नहीं हो सके।

12 कराेड़ का काम पुराने ठेकेदार ने किया: भोपाल की शुक्ला कंस्ट्रक्शन कंपनी ने उसैद पुल के लिए नदी में पिलर बनाए, लेकिन पूर्व विधायक कमलेश जाटव की आपत्ति के बाद ब्रिज कारपोरेशन कंपनी ने चंबल में 12 करोड़ रुपए का काम होने के बाद निर्माण एजेंसी को ब्लैकलिस्ट कर दिया था। अब फिर से 90 करोड़ की लागत से उसैद-पिनाहट पुल बनाने का काम चल रहा है।

क्योरी घाट पर भी पुल की मांग: विधानसभा उपचुनाव में भाजपा व कांग्रेस के घोषणा-पत्र में चंबल के रायपुर क्योरी घाट पर भी पक्का पुल बनाने की बात कही गई है। चुनाव के बाद चंबल के रायपुर क्योरी घाट पर पक्का पुल बनाने की बात को राजनीतिक दल के नेता भूल गए। यदि यह पुल बनाया जाता है तो लोग नगरा होकर सीधे यूपी के चित्राहट थाना क्षेत्र में पहुंच सकेंगे। उस दशा में पोरसा व गोरमी के लोगों को यूपी से काम निपटाने सुविधा मिलगी।

यूपी से सीधे जुड़ेगा अंबाह पाेरसा, व्यापार भी बढ़ेगा
चंबल के उसैद घाट का हाई लेवल ब्रिज बनने के बाद मुरैना जिले का अंबाह, पोरसा और भिंड का गोरमी इलाका यूपी के पिनाहट, आगरा, फिरोजाबाद व राजस्थान के राजाखेड़ा से सीधा जुड़ जाएगा। अंबाह से इटावा, कानपुर व नई दिल्ली जाने के लिए भी व्यापारियों को शॉर्ट रूट मिलेगा। इससे दोनों राज्यों के बीच व्यापारिक गतिविधियां बढ़ेंगी। इसका असर अंबाह क्षेत्र से 20 से ज्यादा गांवों की आर्थिक उन्नति पर पड़ेगा।

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