पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

Install App
  • Hindi News
  • Local
  • Mp
  • Gwalior
  • 106 year old Deva Bai Holds The Hand Of The Doctor Of The Hospital And Says Stop Moe Jha Kaay, I Am Fine, Do Not Send The Dead Body

भास्कर खास:106 साल की देवा बाई अस्पताल के डॉक्टर का हाथ पकड़कर कहती हैं- मोए झां काए को रोकें हो, मैं ठीक तो हूं, घरे काए नहीं भेज देत

ग्वालियर4 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
  • डबरा की कोरोना पॉजिटिव देवा बाई अपने 15 परिजनों के साथ जेएएच के सुपर स्पेशलिटी बिल्डिंग में भर्ती
  • 16 मई को ग्वालियर में मेडिकल कॉलेज से जुड़े सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में भर्ती कराया गया है

अभिषेक द्विवेदी, ये हैं ग्वालियर जिले की डबरा निवासी 106 वर्षीय देवा बाई। कोरोना पाजिटिव होने के कारण इन्हें 16 मई को ग्वालियर में मेडिकल कॉलेज से जुड़े सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इन्हें अभी तक की सबसे ज्यादा उम्र की कोरोना पाजिटिव महिला बताया जा रहा है। इनके साथ कोरोना पाजिटिव होने के कारण इनके 15 परिजन भी इसी अस्पताल में भर्ती हैं। अस्पताल में डॉक्टरों और अन्य चिकित्सा स्टाफ के बीच विशेष निगरानी में रह रहीं देवा बाई चेकअप के लिए आने वाले डॉक्टरों का हाथ पकड़कर कहती हैं- मोए झां काहे को रोकें हो, मैं तो ठीक हूं, घरे काए नहीं भेज देत। डॉक्टर उन्हें दिलासा दिलाते हुए यही कहती हैं कि अम्मा तुम ठीक हो, तुम्हें कुछ नहीं होगा। तुम कोरोना को हरा दोगी। इसके बाद हम तुम्हें जल्द ही घर भेज देंगे। मेडिसिन विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. विजय गर्ग बताते हैं कि वृद्धा की हालत स्थिर है। देवा बाई की उम्र कोरोना की जांच रिपोर्ट में सौ वर्ष दर्ज है। 
दैनिक भास्कर रिपोर्टर जब देवा बाई का हाल जानने सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल पहुंचा तो नियमों के कारण अंदर न जाते हुए बाहर से ही हॉस्पिटल में भर्ती उनके नाती पंकज गुप्ता के मोबाइल पर वीडियो कॉल किया। देवा बाई ने रिपोर्टर को अपना बेटा प्रमोद समझकर कहा मोए झां काए पारें हो, घर ले चल, मैं तो बिल्कुल ठीक हूं। लेटे-लेटे कमर और पीठ में दर्द हो रओ है। रिपोर्टर ने भी उन्हें दिलासा दिलाई कि अम्मा तुम्हें जल्दी घर ले जाएंगे।

बदली दिनचर्या : अस्पताल में पूजा नहीं कर पातीं, रामनाम जपती हैं

देवा बाई रोज तड़के 4 बजे सोकर उठ जाती थी। दो घंटे में तैयार होने के बाद सुबह 6 बजे से पूजा-पाठ करती थी। करीब एक घंटे तक पूजा पाठ करने के बाद चाय नाश्ता करती। कुछ देर आराम करने के बाद खाना खाती और परिजन से बातचीत करती। दोपहर में बिस्कुट, मुरमुरे खाने के बाद फिर थोड़ा आराम करती थीं। शाम को नाती और नातिनों के साथ खेलने के बाद टीवी पर धारावाहिक देखती। इसके बाद करीब नौ बजे सो जाती थीं। लेकिन अस्पताल में आकर उनकी दिनचर्या बिल्कुल बदल गई है। दिन भर अकेले लेटे रहने के कारण रात में ठीक से नींद भी नहीं आ रही। यहां पर पूजा पाठ तो नहीं कर पाती लेकिन सुबह रामनाम जरूर जपती है।

डॉक्टर बोले-इलाज पर विशेष ध्यान 
-डॉ. विजय गर्ग, असिस्टेंट प्रोफेसर मेडिसिन विभाग, जीआरएमसी के मुताबिक, देवा बाई उम्र अधिक होने से इलाज पर है विशेष ध्यान दिया जा रहा है। वे कुछ खा नहीं पा रही हैं, जिसके कारण उन्हें लिक्विड डाइट दी जा रही है। साथ ही शुगर लेबल कम न हो और उन्हें कोई परेशानी न आए इसके लिए जिंक, विटामिन देने के साथ ही आईबी फ्लूड (ग्लूकोज की बोतलें) भी चढ़ानी पड़ रही है। 

आज का राशिफल

मेष
Rashi - मेष|Aries - Dainik Bhaskar
मेष|Aries

पॉजिटिव- आज का दिन परिवार व बच्चों के साथ समय व्यतीत करने का है। साथ ही शॉपिंग और मनोरंजन संबंधी कार्यों में भी समय व्यतीत होगा। आपके व्यक्तित्व संबंधी कुछ सकारात्मक बातें लोगों के सामने आएंगी। जिसके ...

और पढ़ें