कोरोना इफेक्ट:3 महीने में 12 प्राइमरी स्कूल हो गए बंद, 100 और पर संकट

ग्वालियर7 महीने पहलेलेखक: प्रदीप बौहरे
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कोरोना काल में बच्चों ने प्राइमरी स्कूलों में प्रवेश नहीं लिया तो इनके बंद होने के हालात पैदा हाेने लगे। पिछले 3 माह में जिले के 12 स्कूल बंद हो चुके हैं, इनमें से 10 स्कूल मुरार ब्लॉक के हैं और 2 डबरा ब्लॉक के। प्राइवेट स्कूलों से जुड़े लोग बताते हैं कि हालात नहीं सुधरे और स्कूलों का संचालन शुरू नहीं हुआ तो इस सत्र में 100 तक प्राइमरी स्कूल बंद हो जाएंगे। उल्लेखनीय है कि मार्च 2020 के बाद कोरोना संक्रमण के बाद से ही प्राइमरी स्कूल बंद हैं। ऐसे में स्कूलों में प्रवेश भी कम संख्या में हुए हैं। जिन छात्रों का पहले से प्रवेश है, उनकी फीस के भुगतान का मामला भी अनियमित रहा है।

इसकी वजह से स्कूलों का संचालन मुश्किल हुआ है। एक स्कूल संचालक ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि कोरोना काल में बच्चों ने प्रवेश कम संख्या में लिया है, फीस भी अनियमित है। स्कूल के खर्च कम नहीं हुए हैं इसलिए स्कूल बंद करने की नौबत आई है। शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) के तहत प्राइवेट स्कूलों में सीटों की संख्या की जानकारी एकत्र की जाती है। इसी के दौरान पता चला है कि जिले में तीन महीने में 12 प्राइमरी स्कूल बंद हो चुके हैं। सीबीएसई प्राइवेट स्कूल यूनियन ग्वालियर के अध्यक्ष राहुल श्रीवास्तव का कहना है कि सत्र 2021-22 में अभी तक सिर्फ 7 फीसदी लोगोंं ने फीस जमा कराई है। इससे स्कूलों की आर्थिक स्थिति पर असर पड़ रहा है।

हालत नहीं सुधरे तो इस सत्र में भी स्कूलों पर पड़ेगा असर
प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन के संभागीय अध्यक्ष अनिल कुमार दीक्षित का कहना है कि सबसे ज्यादा परेशानी उन स्कूल संचालकों को है जो किराए के भवन में स्कूल चला रहे हैं। शिक्षकों का वेतन, स्कूल मेंटेनेंस केे खर्च हुए हैं लेकिन उतनी फीस नहीं आई है। हालात नहीं सुधरे ताे इस सत्र में 100 तक प्राइमरी स्कूल बंद हो सकते हैं।
स्कूल बंद होना सामान्य प्रक्रिया
^कुछ प्राइवेट प्राइमरी स्कूल बंद हुए हैं। स्कूल बंद होना और शुरू होना एक सामान्य प्रक्रिया है।
- विकास जोशी, डीईओ ग्वालियर

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