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  • 14 Shops Built In The Basement Of Sarovar Plaza Were Demolished By The Municipal Corporation Staff, Drivers Are Being Disturbed Due To No Parking Space

कार्रवाई:सरोवर प्लाजा के तलघर में बनीं 14 दुकानें नगर निगम अमले ने तोड़ीं, पार्किंग की जगह नहीं होने से वाहन चालक परेशान हो रहे

ग्वालियरएक वर्ष पहले
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  • हाईकोर्ट के आदेश के परिपालन में एक बार फिर कार्रवाई शुरू

फालका बाजार में मंगलवार को दिन भर तुड़ाई का काम चलता रहा। यहां पर काजल टॉकीज के आगे बने सरोवर प्लाजा के तलघर की 14 दुकानों को तोड़ने का काम किया गया। पहले यहां के दुकानदार नगर निगम अमले के सामने विरोध करने पहुंचे थे पर निगम के अधिकारियों ने उन्हें समझाया। इसके बाद नगर निगम की जेसीबी और कर्मचारियों के माध्यम से तुड़ाई शुरू की गई। हाईकोर्ट के आदेश के परिपालन में एक बार फिर से निगम ने तलघरों में कार्रवाई शुरू की है। नगर निगम ने पुलिस थाने से दो दिन पहले फोर्स मांगा था। सुबह जब फोर्स एकत्रित हो गया। तब फालका बाजार में तोड़ू दस्ता पहुंचा। यहां पर तलघर में बनी 14 दुकानों को तोड़ने का काम शुरू किया गया। कुछ दुकानदारों ने खाली करने का वक्त मांगा। उस पर निगम अफसरों ने एक दिन का वक्त दे दिया है।

इन लोगों की दुकानों पर नगर निगम ने की कार्रवाई
प्लाजा के तलघर में श्रीराम मित्तल के पुत्र संदीप मित्तल की दुकान, मनोज गोयल-कोचिंग, मनोज सचदेवा- साइकिल मार्ट, कमलेश जैन- सेलून, विपिन अग्रवाल- दुकान खाली, नीतू- कम्यूटर की दुकान, चंदर कुमार बोहरा- सीसीटीवी कैमरे की दुकान, भारत भूषण सचदेवा-खाली दुकान, प्रमोद जैन- दो दुकानेें खाली, मदान जुनैजा- चार दुकानें चप्पल की दुकानें चलती थीं। इनके यहां पार्किंग की जगह नहीं होने से वाहन चालक परेशान होते थे। गौरतलब है कि शहर में 200 तलघरों पर निगम को कार्रवाई करना है। इनमें से 95 प्रतिशत तलघर दक्षिण विधानसभा में ही हैं। उन पर कार्रवाई करने से जिम्मेदार अधिकारी बचते रहे।

प्लान के अनुसार दक्षिण विस में शुरू कार्रवाई
नगर निगम ने हाईकोर्ट के आदेश का पालन कराने के लिए तीन विधानसभा क्षेत्रों में कार्रवाई की योजना बनाई थी। कांग्रेस की सरकार में सबसे पहले मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर के क्षेत्र में निगम कर्मचारियों ने तलघरों में तुड़ाई कराई। इसके बाद पूर्व विधायक मुन्नालाल गोयल के क्षेत्र में काम चला। अब आखिरी में दक्षिण विधानसभा में तुड़ाई शुरू की गई। वह भी तब, जब हाईकोर्ट ने निगम अफसरों को फटकार लगाई। निगम आयुक्त ने पूरी डिटेल के साथ बुधवार को बैठक बुलाई है। इसमें सभी संबंधित अधिकारियों को उपस्थित रहने को अनिवार्य रूप से कहा गया है। थोड़ी सी छूट दी गई है कि यदि कोई बैठक में नहीं आ रहा है, तो आयुक्त की परमिशन जरूरी है। इसका फायदा निगम के कुछ अधिकारी बैठक में न आकर उठा सकते हैं।

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