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  • 15% Of People Giving Samples Have Symptoms Of Kovid But Report Negative, Risk Of Infection, So Get CT Scan, Pneumonia, Check Again Corona

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कोविड-19:सैंपल देने वाले 15 फीसदी लोगों में लक्षण कोविड के लेकिन रिपोर्ट निगेटिव, संक्रमण का खतरा, इसलिए कराएं सीटी स्कैन, निमोनिया हो तो फिर से कराएं कोरोना की जांच

ग्वालियर6 महीने पहले
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  • कोरोना वायरस डॉक्टरों के लिए भी अबूझ पहेली

कोरोना संक्रमण के बदले हुए अंदाज रोजाना सामने आ रहे हैं। अब तक लक्षण और बिना लक्षण वाले मरीजों के बीच जूझने के बाद अब यह भी देखने में आ रहा है कि कई मरीज ऐसे भी हैं जिनकी कोरोना संक्रमण की जांच रिपोर्ट निगेटिव है, चेस्ट एक्सरे भी नॉर्मल है। लेकिन मरीज की हालत देखकर जब चिकित्सक ने ऐसे मरीजों का सीटी स्कैन कराया तो उसमें निमोनिया के लक्षण थे। इतना ही नहीं विशेषज्ञों ने जब दोबारा सैंपल कराया तो उन्हें जांच में कोरोना संक्रमण होने की पुष्टि हुई। ऐसे मरीजों की यदि दोबारा जांच नहीं कराई जाए तो इनसे संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ जाता है। विशेषज्ञों का कहना है कि जिन लोगों की जांच में संक्रमण होने की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन उनमें कोरोना के लक्षण हैं, ऐसे लोगों अपना सैंपल एक बार पुन: कराना चाहिए। करीब 10 से 15 फीसदी मरीज ऐसे सामने आ रहे हैं, जिनमें कोरोना के लक्षण तो होते हैं लेकिन जांच रिपोर्ट निगेटिव होती है। ऐसे मरीजों का डॉक्टर सीटी स्कैन अवश्य करा रहे हैं। सीटी स्कैन में यदि निमोनिया आ रहा है तो इन मरीजों को दोबारा जांच कराने की सलाह दी जाती है।

अनिश्चितता के दो उदाहरण

एक विधायक की दो रिपोर्ट निगेटिव आई थीं, लेकिन उनके सीटी स्कैन में कोरोना के लक्षण थे। जब उन्होंने भोपाल जाकर तीसरी बार जांच कराई तो उन्हें कोरोना होने की पुष्टि हुई।

पुलिस अधिकारी के 40 वर्षीय रिश्तेदार की तबियत खराब होने पर विशेषज्ञ ने लक्षण देखते हुए कोरोना की जांच कराई लेकिन रिपोर्ट निगेटिव आई। जब उन्होंने सीटी स्कैन कराया तो उसमें कोरोना के लक्षण दिखाई दे रहे थे। परिजन उन्हें दिल्ली ले गए जहां रिपोर्ट पॉजिटिव आई।

मेडिकल विशेषज्ञों का कहना है... कोरोना की पुष्टि के लिए एक्स-रे और सीटी स्कैन भी जरूरी

सीटी स्कैन में धब्बे आएं तो स्वयं को आइसोलेट कर पुन: कराए जांच

आईसीएमआर के मापदंडों के अनुसार 10 दिन के अंदर अगर किसी व्यक्ति को खांसी, बुखार के साथ सांस लेने में तकलीफ हो रही है तो उसे कोरोना संदिग्ध मानकर उनकी जांच करानी चाहिए। रोगी की स्थिति को देखकर एक्सरे और सीटी स्कैन भी कराना पड़ते हैं। सीटी स्कैन में सामान्य निमोनिया का धब्बा एक जगह दिखाई देता है लेकिन कोरोना लक्षण वाले मरीजों में सीटी स्कैन में अगर छोटे-छोटे निमोनिया के कई धब्बे आ रहे हैं, जो कोरोना के हैं। ऐसे मरीजों से पुन: जांच कराने के लिए कहा जाता है। उनका इलाज भी वायरल निमोनिया के आधार पर शुरू कर दिया जाता है। रोगी से कहा जाता है कि वह कोरोना की दूसरी रिपोर्ट आने तक परिवारजन से दूरी बनाकर रहे। इससे वह संक्रमण फैलाने से बच सकता है।
-डॉ. अजय पाल सिंह, प्रोफेसर मेडिसिन विभाग, जीआरएमसी
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संक्रमित मरीज के सीटी स्कैन से ही पता चलते हैं निमोनिया के लक्षण

कुछ मरीज ऐसे भी आ रहे हैं जिसमें कोरोना की जांच निगेटिव होने के साथ ही मरीज का एक्सरे भी नॉर्मल आता है। जब सीटी स्कैन कराया जाता है तो उसमें निमोनिया के लक्षण दिखाई देते हैं। ऐसे मरीजों की जब दोबारा जांच कराई गई तो वह पॉजिटिव आ रहे हैं। इसका कारण यह है कि कोरोना वायरस शरीर में पूरी तरह से असर नहीं छोड़ पाता है जिसे कहा जाता है कि वायरस लोड नहीं हो पाता है। शुरूआत में संक्रमण जांच रिपोर्ट में नहीं आ पाता है। इसलिए ऐसे मरीज जिनमें काेरोना के लक्षण तो हैं और उनकी रिपोर्ट निगेटिव आई है तो उन्हें सीटी स्कैन कराना चाहिए। अगर दिक्कत है तो कोरोना की दोबारा जांच कराएं। तब तक मरीज, लोगों से दूरी बनाकर रखे और स्वयं को आइसोलेट कर ले।
-डॉ. संजय धबले, प्रोफेसर मेडिसिन विभाग,जीआरएमसी

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