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मानसून की खबर:ग्वालियर-चंबल में 2% ज्यादा बरसे बादल, इस माह तीसरे सप्ताह में तेज बारिश होने का अनुमान

ग्वालियर9 दिन पहलेलेखक: रामरूप महाजन
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  • 12 साल बाद मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ में अगस्त में 38.7% कम हुई बारिश

अगस्त में देश और मध्यभारत में 12 साल बाद (2009) सबसे कम बारिश हुई। 120 साल में ऐसा सातवीं बार हुआ। मध्य भारत में मप्र और छत्तीसगढ़ राज्य शामिल है। इन दोनों राज्यों में अगस्त में 38.7 फीसदी कम बारिश हुई है।

यह जानकारी भारत मौसम विभाग ने जारी की है। मध्य भारत में औसत बारिश का कोटा 307.3 मिमी है, जबकि बारिश 188.3 मिमी हुई, लेकिन ग्वालियर-चंबल में बारिश औसत सामान्य काेटे से 2 फीसदी ज्यादा दर्ज की गई। हालांकि ग्वालियर शहर में अगस्त में 6 साल में सबसे कम बारिश 245.5 मिमी बारिश हुई। वहीं सितंबर के 12 दिन में 13.6 मिमी बारिश हुई है। जिले में औसत सामान्य वर्षा 751.2 मिमी है पर अभी तक सिर्फ 625 मिलीमीटर ही दर्ज हुई है। यह सामान्य औसत का 82.6 फीसदी है। यह गत वर्ष से 104 मिमी बारिश अधिक है। गत वर्ष 12 सितंबर तक 521.7 मिमी बारिश हुई थी।

कहीं तेज कहीं रिमझिम बारिश, 2 चढ़ा पारा
रविवार की शाम कहीं रिमझिम तो कहीं तेज बारिश हुई। अधिकतम तापमान पिछले दिन की तुलना में 2 डिग्री बढ़कर 34.4 डिग्री दर्ज हुआ, जबकि न्यूनतम तापमान 25 डिग्री पर स्थिर रहा। मौसम विभाग ने 0.3 मिमी बारिश दर्ज की।

इन 5 कारणों से मध्य भारत में कम बरसे बादल

  • इस बार अगस्त में दो ही सिस्टम बने। यह सिस्टम ग्वालियर शहर में पहुंचने से पहले कमजोर पड़ गए।
  • हिंद महासागरीय द्विध्रुव (आईओडी) जब तक सकारात्मक होता है अच्छी बारिश होती है, लेकिन यह अगस्त में नकारात्मक रहा।
  • बादल पश्चिम से पूर्व की ओर जाते हैं, अगस्त में ऐसा कम हुआ।
  • प्रशांत सागर और दक्षिण चीन सागर के ऊपर समुद्री तूफान कम बने। बंगाल की खाड़ी में सक्रियता कम रही।
  • अल-नीनो और ला-नीना दोनों ही उदासीन रहे। ला-नीना सक्रिय होता है तो बारिश होती है।

18 से होगी तेज बारिश
बंगाल की खाड़ी में 17 सितंबर को नया सिस्टम सक्रिय होगा। यह सिस्टम कमजोर नहीं पड़ा तो संभाग में 18 से 20 सितंबर के बीच तेज बारिश होगी। -वेद प्रकाश सिंह, मौसम वैज्ञानिक

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