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आबा महाराज मंदिर में है अनोखी कुंडली:200 साल पुरानी 55 फीट लंबी कुंडली, इसे खोलने के लिए पड़ती है 6 लोगों की जरूरत

ग्वालियरएक महीने पहलेलेखक: प्रदीप बौहरे
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मंदिर में रखी आबा महाराज की 55 फीट की कुंडली को दिखाते लोग। - Dainik Bhaskar
मंदिर में रखी आबा महाराज की 55 फीट की कुंडली को दिखाते लोग।

जन्मकुंडली अब किताब के रूप में आती है। कुछ दशक पहले तक यह पत्रा के रूप में आती थी, जिसकी लंबाई 2 फीट तक होती है, लेकिन शहर के दाल बाजार स्थित आबा महाराज राम मंदिर में 55 फीट लंबी जन्म कुंडली है। यह 200 वर्ष पुरानी बताई जाती है। इस कुंडली के बारे में शहर के ज्यादा लोगों को मालूम नहीं है, क्योंकि इसे कभी-कभी खोला जाता है। इसे खोलते समय 4-6 लोगों की जरूरत पड़ती है। कुंडली मंदिर के संस्थापक आबा महाराज की है। श्रद्धालुओं ने यहां 55 फीट की जन्म कुंडली होने की बात तो सुनी है लेकिन उसे देखा बहुत ही कम लोगों ने है।

क्यों खास है कुंडली
राघवेंद्र शिरगांवकर बताते हैं कि 55 फीट की कुंडली कागज के रोल पर बनाई गई है। इस पर वाटर कलर (जल रंग) से चंद्र कुंडली सहित कुंडली की अन्य गणितीय गणनाएं लिखी गई और चित्रांकन किया गया है। इविभिन्न गणनाओं के आधार पर चित्र भी बनाए गए हैं। कुंडली में विभिन्न ग्रहों की स्थिति भी रंगीन चित्रों से दर्शाई गई है। आबा महाराज का जन्म 1812 और निर्वाण 1869 में हुआ था।

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