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  • 26 Patients Including 18 Children Turned Out To Be Dengue, The Number Of Patients In The District Reached 1,788

खतरा बढ़ा:18 बच्चों सहित 26 मरीजों को और निकला डेंगू, जिले में मरीजों की संख्या पहुंची 1,788

ग्वालियरएक महीने पहले
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शनिवार को ओपीडी में 958 मरीज दिखाने आए। पीडियाट्रिक वार्ड में तो 1 बेड पर 2-2 बच्चे भर्ती हैं। जेएएच के अधीक्षक डॉ. आरकेएस धाकड़ ने कहा, अभी 2100 से अधिक मरीज भर्ती हैं। - Dainik Bhaskar
शनिवार को ओपीडी में 958 मरीज दिखाने आए। पीडियाट्रिक वार्ड में तो 1 बेड पर 2-2 बच्चे भर्ती हैं। जेएएच के अधीक्षक डॉ. आरकेएस धाकड़ ने कहा, अभी 2100 से अधिक मरीज भर्ती हैं।
  • शनिवार को डेंगू के 58 संदिग्ध मरीजों के सैंपलों की जांच की गई

महानगर में डेंगू का प्रकोप कम होने का नाम ही नहीं ले रहा है। आमतौर पर इस मौसम में डेंगू के मरीजों की संख्या कम होने लगती थी लेकिन इस बार ऐसा नहीं है। हर रोज नए डेंगू के मरीज सामने आ रहे हैं। जिला अस्पताल में शनिवार को डेंगू के 58 संदिग्ध मरीजों के सैंपलों में 26 लोगों को डेंगू होने की पुष्टि की गई है। बीते रोज अवकाश होने के कारण गजराराजा मेडिकल कॉलेज के माइक्रो बायोलॉजी विभाग में सैंपल नहीं आए थे। लिहाजा शनिवार को जिला अस्पताल में डेंगू की जांच हुई है। ग्वालियर के मिले 26 मरीजों में से 18 मरीज 18 साल से कम उम्र के हैं। उधर, वीरपुर के नायब तहसीलदार को भी डेंगू होने के कारण एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इन मरीजों को मिलाकर जिले में अब तक डेंगू के 1,788 मरीज मिल चुके हैं। इनमें से 5 मरीजों की मौत हो चुकी है। पिछले दो सप्ताह से नहीं हैं जंबो प्लेटलेट बैग, मरीजाें को चढ़ाना पर रही है पीआरपी जयारोग्य चिकित्सालय की ब्लड बैंक हो या रेडक्रॉस सोसायटी की ब्लड बैंक में दो सप्ताह से इनमें जंबो प्लेटलेट के बैग नहीं हैं। इसके चलते मरीजाें के अटेंडेंट ब्लड बैंकों और अस्पतालों के चक्कर काट रहे हैं।

हालांकि जेएएच व रेडक्रॉस सोसायटी पीआरपी (प्लेटलेट रिच प्लाज्मा) दे रहे हैं। जेएएच की ब्लड बैंक के डॉ. अरुण जैन ने बताया कि जंबो प्लेटलेट बैग के लिए ऑर्डर किया हुआ है अभी आए नहीं हैं। रेडक्रॉस सोसायटी के सचिव डॉ. आरपी शर्मा का कहना है कि जंबो प्लेटलेट बैग खत्म हो गए हैं। बैग के लिए ऑर्डर कर दिए हैं। तब तक पीआरपी दिया जा रहा है।
डेंगू होने के बाद अब पीड़ित हो रहे हैं टाइफाइड के शिकार

इस बार डेंगू के कई मरीजों की जांच कराने पर उनमें टाइफाइड होने की पुष्टि हो रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि टाइफाइड की पुष्टि के लिए ब्लड कल्चर की जांच अवश्य करानी चाहिए। अगर उसमें भी टाइफाइड आता है तो उन्हें इलाज लेना चाहिए। ऐसे रोगियों को खानपान का विशेष ध्यान देना चाहिए। अधिक से अधिक तरल पदार्थ का सेवन कराएं। वरिष्ठ पीडियाट्रिक विशेषज्ञ डॉ. अंकित गुप्ता का कहना है कि कार्ड रिपोर्ट के आधार पर टाइफाइड का इलाज नहीं करना चाहिए।

मरीज को टाइफाइड कंफर्म करने के लिए ब्लड कल्चर की जांच करानी चाहिए अगर उसमें भी टाइफाइड होने की पुष्टि होती है तो विशेषज्ञ की सलाह पर 14 दिन का पूरा कोर्स लेना चाहिए। रोगी का तरल पदार्थ का अधिक से अधिक करना चाहिए। पौष्टिक आहार दें। इन दिनों में कम्प्लीट बेड रेस्ट करें।

जंबो प्लेटलेट है काफी कारगर
पीआरपी की अपेक्षा जंबो कारगर है। एक यूनिट जंबो प्लेटलेट से 40 से 45 हजार प्लेटलेट्स बढ़ जाते हैं। यह प्लेटलेट एक ही डोनर से निकलता है। एक यूनिट पीआरपी चढ़ाने से केवल चार से पांच हजार प्लेटलेट्स ही बढ़ते हैं। अगर जंबो प्लेटलेट के बराबर प्लेटलेट बढ़ाने के लिए 5 से 6 यूनिट पीआरपी चढ़ाना पड़ेगा।
जंबो प्लेटलेट: एक और मशीन आई
रेडक्रॉस सोसायटी ने जंबो प्लेटलेट निकालने वाली एक और मशीन मंगवा ली है। अब रेडक्रॉस सोसायटी के पास जंबो प्लेटलेट निकालने के लिए दो मशीनें हो गई हैं। जयारोग्य चिकित्सालय में एक मशीन ही है। एक मशीन से एक दिन में 12 से 14 यूनिट जंबो प्लेटलेट निकल आते हैं। रेडक्रॉस सोसायटी में नई मशीन आने से अधिक मरीज लाभांवित होंगे।

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