आई रेड एप का रिकाॅर्ड:5 महीने में मप्र में 30 हजार सड़क हादसे, देश में सबसे ज्यादा

ग्वालियर20 दिन पहलेलेखक: संजय बौहरे
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ओवरलोडिंग और तेज रफ्तार हाइवे पर ओवरस्पीड रोकने प्रदेश में 33 इंटरसेप्टर व्हीकल भेजे। - Dainik Bhaskar
ओवरलोडिंग और तेज रफ्तार हाइवे पर ओवरस्पीड रोकने प्रदेश में 33 इंटरसेप्टर व्हीकल भेजे।

प्रदेश में सड़क हादसों को नियंत्रित करने के लिए 33 जिलों में इंटरसेप्टर व्हीकल दिए गए हैं। जबकि शेष जिलों में यह वाहन जल्द दे दिए जाएंगे। यह पहल प्रदेश में आई रेड एप की शुरूआत के 5 माह की रिपोर्ट के बाद की जा रही है। इस एप पर शुरू के पांच माह की रिपोर्ट में दुर्घटनाओं की संख्या में मध्य प्रदेश नंबर वन पर है और सर्वाधिक हादसे दोपहर 3 बजे से रात 9 बजे के बीच दर्ज किए गए हैं।

इस एप पर मध्य प्रदेश में 7 सितंबर तक 30804 सड़क हादसों की जानकारी अपलोड की गई है, हादसों में मृतकों की संख्या में मध्य प्रदेश दूसरे नंबर पर है, मृतकों की संख्या सबसे अधिक उत्तर प्रदेश में 8799 है। हादसों की संख्या में दूसरे नंबर पर तमिलनाडु व तीसरे पर राजस्थान हैं। हादसों के दो प्रमुख कारण में ओवरस्पीड व ओवरलोड सामने आए हैं।

मप्र में 7082 तो महाराष्ट्र में 7274 की मौत

अधिकांश हादसे दोपहर 3 से रात 9 बजे के बीच

  • आई रेड एप पर हादसों की कारण सहित जानकारी एकत्र कर अध्ययन किया जा रहा है। रिपोर्ट के अनुसार सर्वाधिक हादसे दोपहर 3 से रात 9 बजे के बीच हुए हैं। हादसों में ओवर स्पीड एक महत्वपूर्ण कारण है। वाहनों की ओवर स्पीड नियंत्रित करने के लिए आज ही 33 इंटरसेप्टर व्हीकल प्रदेश के जिलों में भेजे गए हैं। - जी जनार्दन, एडीजी पीटीआरआई
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