काेराेना से राहत डेंगू बना सिरदर्द:दो साल में मिले थे 386 मरीज, लेकिन इस बार सात दिन में ही 328 केस सामने आए

ग्वालियर3 महीने पहले
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ग्वालियर में तेजी से पैर पसार रहा डेंगू, जिम्मेदार अधिकारी नहीं ले रहे सुध। - Dainik Bhaskar
ग्वालियर में तेजी से पैर पसार रहा डेंगू, जिम्मेदार अधिकारी नहीं ले रहे सुध।

डेंगू बुखार तेजी से पैर पसार रहा है। सितंबर में जहां डेंगू के 20 से 30 मरीज ही मिल रहे थे, वहीं अक्टूबर में मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। वर्ष 2019 (370) और 2020 (16) में डेंगू के कुल 386 मरीज मिले थे, जबकि बीते सात दिन मं ही डेंगू के 328 नए मरीज सामने आए हैं।

ये आंकड़ा इसलिए भी चौकाने वाला है क्योंकि गत 16 अक्टूबर को ही पहली बार शहर में एकसाथ 50 केस मिले थे। मंगलवार काे डेंगू के 110 केस मिले हैं। इससे स्पष्ट है कि डेंगू का प्रकोप कम होने के स्थान पर तेजी से बढ़ रहा है। शहर में तेजी से फैल रहे डेंगू और मलेरिया के बाद भी प्रशासनिक तौर पर इस गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है।

कोरोना की तीसरी लहर से निपटने का दावा कर रहे अधिकारी डेंगू को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। यही कारण है कि अभियान के तौर पर न तो कीटनाशक दवाओं का छिड़काव किया जा रहा है और न ही फोगिंग को लेकर निगम का अमला गंभीर है। जिन इलाकों में तेजी से मरीज मिल रहे हैं, वहां भी फोगिंग की व्यवस्था नियमित नहीं है। हालांकि कागजी खानापूर्ति लगातार चल रही है।

एक्सपर्ट से सवाल- डॉ. मनोज बंसल, एसोसिएट प्रोफेसर, पीएसएम विभाग, जीआरएमसी
जांच के प्रति जागरुकता आने से ज्यादा केस आ रहे सामने

  • डेंगू इतना विकराल रूप क्यों ले रहा है?

इसके कई संभावित कारण हैं। जैसे कोरोना संक्रमण के बाद लोगों में बीमारी के प्रति ज्यादा जागरुकता आई है। लोग बुखार आने पर ही तत्काल जांच करा रहे हैं। मौसम में आया बदलाव भी एक कारण है। बारिश के कारण जगह-जगह गढ्डों में पानी भरने से मच्छर पनप रहे हैं, जो डेंगू फैलने का एक कारण हो सकता है।

  • मुख्य रूप से बच्चे डेंगू की चपेट में क्यों आ रहे हैं?

बच्चे पहले भी डेंगू की चपेट में आते रहे हैं। ज्यादातर अभिभावक बच्चों के स्वास्थ्य के प्रति ज्यादा सतर्क रहते हैं। इस कारण चिकित्सकीय परामर्श तुरंत लेते हैं और आवश्यक जांचें कराते हैं। चूंकि, बच्चों में बीमारी के प्रति ज्यादा समझ नहीं रहती, इस कारण भी उनके संक्रमित होने की संभावना तुलनात्मक रूप से ज्यादा रहती है।

  • पॉश इलाकों में क्यों फैल रहा है डेंगू?

जहां पानी एकत्रित होगा, वहां डेंगू का मच्छर पनपेगा। इससे फर्क नहीं पड़ता कि क्षेत्र मलिन बस्ती है या कोई पॉश कॉलोनी।

  • केस कम करने के लिए क्या करना होगा?

घर व आसपास के क्षेत्र में पानी जमा नहीं होने दें। यदि कही पानी जमा हैं तो उसमें दवा का छिड़काव करें। दवा नहीं हो तो मिट्‌टी का तेज भी डाला जा सकता है। इसके साथ ही शरीर को अच्छे तरीके से ढंक कर रखें।

दाे जिम्मेदार- दावा और वादा

नियमित रूप से किया जा रहा कीटनाशक का छिड़काव

शहर में डेंगू के बढ़ते मामलों को देखते हुए फाॅगिंग और कीटनाशकों के छिड़काव के लिए नगर निगम द्वारा टीमें बनाई गई हैं, जो नियमित रूप से छिड़काव कर रही हैं। -कौशलेंद्र विक्रम सिंह, कलेक्टर

फाॅगिंग मशीनें बढ़ाएंगे, दवा के छिड़काव में तेजी लाएंगे

डेंगू के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए हम फाॅगिंग की मशीनों को बढ़ा रहे हैं। साथ ही कीटनाशक दवाओं के छिड़काव के लिए भी टीमें बढ़ाएंगे। इसके बाद भी डेंगू से निपटने के लिए हमें लोगों के सहयोग की जरूरत है। लोग अपने घरों में और उसके आस-पास पानी जमा न होने दें। - किशोर कन्याल, आयुक्त नगर निगम

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