पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

तीसरी लहर से पहले प्रशासन की सख्ती का असर:53 नर्सिंग कॉलेज 2170 बेड देने को तैयार, 36 काे अल्टीमेटम दिया

ग्वालियर24 दिन पहले
  • कॉपी लिंक
कोरोना की तीसरी लहर से निपटने के लिए जिला प्रशासन द्वारा 10 हजार बेड का रिजर्व तैयार करने नर्सिंग कॉलेजों पर बनाए गए दबाव का असर बुधवार को देखने को मिला। - Dainik Bhaskar
कोरोना की तीसरी लहर से निपटने के लिए जिला प्रशासन द्वारा 10 हजार बेड का रिजर्व तैयार करने नर्सिंग कॉलेजों पर बनाए गए दबाव का असर बुधवार को देखने को मिला।
  • 34 कालेज संचालकाें ने इंतजाम न कर पाने पर मान्यता सरेंडर का दिया आवेदन
  • ग्वालियर में तीसरी लहर से पहले प्रशासन की सख्ती का असर

कोरोना की तीसरी लहर से निपटने के लिए जिला प्रशासन द्वारा 10 हजार बेड का रिजर्व तैयार करने नर्सिंग कॉलेजों पर बनाए गए दबाव का असर बुधवार को देखने को मिला। 53 नर्सिंग कॉलेज के संचालक आखिरकार अपना अस्पताल, बेड और नर्सिंग स्टाफ देने को राजी हो गए।

ये नर्सिंग कॉलेज जिला प्रशासन को कुल 2170 बेड उपलब्ध कराएंगे। इसकी सूची भी बकायदा अपर कलेक्टर आशीष तिवारी को सौंप दी गई है। इसमें 5 कॉलेज ऐसे हैं जो 100-100 बेड उपलब्ध करा रहा रहे हैं। 14 ने 50-50 और 34 ने अपने अस्पतालों के 10 से लेकर 40 बेड तक प्रशासन को सौंपने की सहमति दी है। अब इन अस्पतालों का संचालन संबंधित क्षेत्र के एसडीएम करेंगे। इस संबंध में गुरुवार को कलेक्टर द्वारा आदेश निकाले जाएंगे। उल्लेखनीय है कि जिला प्रशासन के पास पहले से 77 निजी व सरकारी अस्पतालों के कुल 3413 बेड ही उपलब्ध थे।

अब मान्यता समाप्ति की होगी कार्रवाई

34 ऐसे कॉलेज हैं जिन्होंने प्रशासन की सख्ती के आगे हार मान ली। उन्होंने स्वीकार किया कि उनके पास संसाधन नहीं है। अस्पताल, बेड, नर्सिंग स्टाफ का वे इंतजाम नहीं करा सकते हैं। ऐसे में उनकी मान्यता समाप्त कर दी जाए। इसके लिए उन्होंने आवेदन सीएमएचओ कार्यालय में दे दिया है। अब सीएमएचओ कार्यालय इनकी मान्यता समाप्ति की कार्रवाई करेगा।

प्रभारी सीएमएचओ ने कहा-36 कॉलेज से चल रही चर्चा, प्रशासन ने दिया 10 दिन का मौका

36 अन्य ऐसे नर्सिंग कॉलेज हैं, जिनके पास अस्पताल, बेड और नर्सिंग स्टाफ है। लेकिन वे प्रशासन को उन्हें सौंपने को लेकर बुधवार तक कोई निर्णय नहीं कर सके थे। प्रभारी सीएमएचओ डॉ.बिंदु सिंहल ने बताया कि इन सभी कॉलेज संचालकों से चर्चा चल रही है। उम्मीद है कि इनमें से कुछ कॉलेज संचालक अपने अस्पताल, बेड देने को राजी हो जाएंगे। हो सकता है कि कुछ के खिलाफ कार्रवाई करना पड़े। नोटिस इन सभी को दे चुके हैं।

सहयाेग न करने वालाें की खत्म हाेगी मान्यता

36 नर्सिंग कॉलेजों को 10 दिन का समय दिया है। इस बीच जो नर्सिंग कॉलेज बेड उपलब्ध कराने राजी नहीं होंगे, उनकी मान्यता समाप्ति की कार्रवाई कराएंगे। हमारी कोशिश किसी का नुकसान करने की नहीं है। -कौशलेंद्र विक्रम सिंह, कलेक्टर, ग्वालियर

खबरें और भी हैं...