पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

लॉकडाउन में ताश खेलना पड़ा महंगा:पुलिस की नजर पड़ी तो पत्ते जेब में रखकर भागने लगे, 5 लोगों से सड़क पर ही लगवाई उठक-बैठक

ग्वालियर4 महीने पहले
उठक-बैठक लगाते युवक।
  • हजीरा थाना पुलिस ने रसूलाबाद सुभाष नगर से पकड़े युवक

लाॅकडाउन में कुछ युवक सड़क पर ताश खेल रहे थे। न मास्क पहने हुए थे और न सोशल डिस्टेंसिंग थी। जब पुलिस की नजर पड़ी, तो सभी भागने लगे, लेकिन घेराबंदी से नहीं बच सके। पुलिस ने मौके से पांच युवकों को पकड़ लिया। इनसे जुआ खेलने की पुष्टि नहीं हुई है। सबक सिखाने के लिए पुलिस ने सड़क पर ही कान पकड़कर 10-10 उठक बैठक लगवाई।

कोरोना की रोकथाम के लिए हजीरा थाना पुलिस लगातार इलाके में सर्चिंग कर रही थी। शनिवार को हजीरा थाना में पदस्थ ASI शैलेन्द्र सिंह चौहान टीम के साथ सुभाष नगर रसूलाबाद में घूम रहे थे, तभी एक घर के बाहर बंटी कुशवाह व उसके चार अन्य साथी ताश खेल रहे थे।

संक्रमण के दौर में और कोरोना कर्फ्यू के बीच सड़क पर यह ताश खेलना और किसी के पास मास्क नहीं था। न ही सोशल डिस्टेंस नजर आया। इस पर पुलिस ने तत्काल घेराबंदी की। पुलिस को सामने देख युवकों ने भागने का प्रयास किया, लेकिन सफल नहीं हो सके। पुलिस ने जब सभी की जेब चैक की तो जुआ खेलने की पुष्टि नहीं हुई है।

इसके पुलिस ने सभी को कोरोना कर्फ्यू तोड़ने की सजा सड़क पर कान पकड़कर उठक-बैठक लगवाने के रूप में दी है। वहां मौजूद लोगों ने यह वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया है।

दाल बाजार में इस तरह बैरीकेड्स लगाकर लोगों का आवागमन रोका गया है
दाल बाजार में इस तरह बैरीकेड्स लगाकर लोगों का आवागमन रोका गया है

बाजारों में लगाए बैरीकेड्स

  • संक्रमण की चेन ब्रेक करने के लिए हर दिन के साथ पुलिस सख्ती बढ़ाती जा रही है। बाजारों में बैरीकेड्स लगाकर पुलिस ने रास्ते बंद कर दिए हैं। साथ ही, 24 घंटे यहां पुलिस बल तैनात है। न बाजार में लोग में जाएंगे न ही कोई दुकान खुलेगी। इसके साथ ही शहर के अन्य दाल बाजार, लोहिया बाजार वैसे ही कंटेनमेंट जोन बने हुए हैं।

सड़कों पर सख्त चैकिंग

  • पुलिस सड़क पर सख्त चैकिंग कर रही है। हर आने जाने वाले को रोककर पूछताछ की जा रही है। इसी के चलते एक दिन पहले फूलबाग पर एम्बुलेंस वाले को सवारियां ले जाते पकड़ा था। चैकिंग में पुलिस बाहर निकलने का कारण पूछती है। जो सही कारण से बाहर निकला है उसे जाने देती है, लेकिन बिना कारण सड़क पर घूमने वालों को निगरानी में लेकर मुरार के बड़ागांव सेंटर पर पहुंचा दिया जाता है।
  • यहां हर तीन घंटे में स्वास्थ्य विभाग की मोबाइल यूनिट बुलाकर ऐसे लोगों की सैंपलिंग कराई जाती है। सैंपलिंग के डर से लोगों ने सड़क पर निकलना कम कर दिया है। मुख्य रास्तों की जगह गलियों से होकर निकलते हैं।
खबरें और भी हैं...