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कोर्ट ने सुनाया फैसला...:पत्नी की हत्या कर साक्ष्य छुपाने शव को बोरे में भरकर फेंक दिया था, कोर्ट ने पति को सुनाई आजीवन कारावास की सजा

ग्वालियर2 महीने पहले
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फाइल फोटो - Dainik Bhaskar
फाइल फोटो
  • - पांच हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया

ग्वालियर में अदालत ने पत्नी की हत्या करने के मामले में आरोपी पति संतोष प्रजापति को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। आरोपी पर पांच हजार रूपए का जुर्माना भी किया गया है। पति ने साक्ष्य छुपाने के लिए शव को बोरे में भरकर गड्ढे में फेंक दिया था। इसके बाद भी वह हत्या का छुपा नहीं सका था। कोर्ट ने उसे साक्ष्यों के आधार पर दोषी मानते हुए सजा सुनाई है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश एके मंसूरी ने आरोपी को IPC की धारा 302 के अपराध में दोषी पाते हुए यह सजा सुनाई है। अपर लोक अभियोजक पुनीत कुमार कोहली ने प्रकरण की जानकारी देते हुए बताया कि 12 जनवरी 2016 को बलविंदर सिंह सिख (50) निवासी भदरौली ने मौखिक सूचना दी कि ग्राम भदरौली में पुराने रेलवे स्टेशन के पास पानी भरे गड्ढे में एक बोरे में किसी की लाश है जो उतरा रही है। पुलिस ने इस सूचना पर बोरे को किनारे पर लाकर खोलकर देखा तो किसी महिला की लाश निकली। जिसकी उम्र लगभग 25 साल लगभग रही थी। किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा हत्या कर उसे बोरे में भरकर पानी में फेंका गया था। पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच प्रारंभ की। इस शव की शिनाख्त देवीलाल और काशीबाई प्रजापति ने करते हुए कहा कि यह उनकी लड़की गिरजा बाई है। उन्होंने बताया कि उनकी लड़की गिरजा ने संतोष प्रजापति से कोर्ट मैरिज की थी। कोर्ट मैरिज के कुछ दिन बाद ही गिरजा का पति संतोष गिरजा बाई से लड़ने-झगड़ने लगा था। संतोष उसे जान से मारने की धमकी देता था। ऐसा गिरजा बाई ने उसे बाजार में मिलने पर बताया था।

इसलिए उन्हें संतोष पर शक है कि उसने ही गिरजा की हत्या की होगी। जांच में पता चला कि संतोष ने 1 जनवरी 2016 को गिरजा बाई के गुम होने की रिपोर्ट लिखाई थी। उसने पुलिस को न तो गिरजा का फोटो दिया था और न ही उसके हाथ पर लिखे हुए की जानकारी दी थी। जिससे संतोष पर शक होने से पुलिस ने मर्ग जांच के बाद संतोष के खिलाफ बहोडापुर थाने में हत्या का मामला दर्ज किया। जांच मंे पता चला कि संतोष प्रजापति ने एक-दो जनवरी 2016 की दरमियानी रात अपने विक्रमपुर स्थित घर में ही पत्नी की गला घोंटकर हत्या कर दी फिर साक्ष्य छिपाने के लिए उसके शव को बोरे में भरकर गड्ढे में फेंक दिया था। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर उससे पूछताछ की जिसमें उसने गिरजा के जले हुए कपड़े जब्त कराए। इन्हीं साक्ष्यों के आधार पर कोर्ट ने उसे सजा सुनाई है।

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