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  • Agree To Increase 22.3% In Urban Area And 13.2% In Rural Areas; Claims And Objections Sought By 17

गाइड लाइन:शहरी क्षेत्र में 22.3 और ग्रामीण में 13.2% की वृद्धि पर सहमति, 17 तक मांगे दावे-आपत्ति

ग्वालियर9 महीने पहले
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  • मंत्री और विधायक की गैर मौजूदगी में हुई जिला मूल्यांकन समिति की बैठक में लिए निर्णय

दस से ज्यादा बैठकों के बाद जिला मूल्यांकन समिति ने जमीन की कीमत तय करने वाली वर्ष 2021-22 की गाइड लाइन को कुछ सुधार के साथ सैद्धांतिक सहमति दे दी। अब सारे प्रस्ताव पंजीयन व कलेक्टोरेट कार्यालय में चस्पा किए जाएंगे ताकि लोग अपने आपत्ति और सुझाव 17 मार्च तक दे सकें।

नगर तथा ग्राम निवेश के संयुक्त संचालक वीके शर्मा ने रेडिमेड पार्क, गोला का मंदिर पर रेट न बढ़ाएं यहां सरकारी संपत्तियां हैं। सिरोल, पुरानी छावनी, ट्रांसपोर्ट नगर और शताब्दीपुरम में कीमत बढ़ा दी जाएं। इस पर उप पंजीयकों ने कहा कि उक्त क्षेत्रों में वृद्धि कर दी गई है। बैठक के दौरान जिला पंजीयक डॉ. दिनेश गौतम ने भी सदस्यों के सवालों के उत्तर दिए। बैठक के प्रारंभ में ही कलेक्टर एवं जिला मूल्यांकन समिति के अध्यक्ष कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने कहा कि 212 स्थानों पर 50 फीसदी से ज्यादा वृद्धि बहुत ज्यादा है, इसे कम करें। इसके बाद उन्हें वरिष्ठ जिला पंजीयक उमाशंकर वाजपेयी ने समझाया कि जिले में औसत वृद्धि शहरी क्षेत्र में 22.3 फीसदी है और ग्रामीण में 13.2 फीसदी।

उन्हें बताया गया कि कुछ क्षेत्रों में बहुत कम वृद्धि की गई है। रेट वृद्धि के प्रस्ताव के बाद भी कीमतों में बढ़ोतरी वास्तविकता से 45-50 फीसदी तक ही है। बाजार में जमीन के रेट काफी हो चुके हैं। इसके बाद कलेक्टर संतुष्ट हो गए। कलेक्टर ने कहा कि यदि 17 मार्च के बाद जरूरी होगा तो सुझाव आपत्ति के लिए कुछ और समय देने पर विचार किया जा सकता है।
भितरवार में आपत्ति, फिर से होगा सुधार
कांग्रेस विधायक लाखन सिंह के क्षेत्र भितरवार में आवासीय रेट में वहां के उप पंजीयक ने वृद्धि प्रस्तावित नहीं की। इस पर कलेक्टर ने सवाल किया कि ऐसा क्यों? उप पंजीयक ने कहा कि भितरवार में पूरे साल में 2700 रजिस्ट्री हुई हैं, इनमें आवासीय सिर्फ 150 हैं।
बुलाने पर भी नहीं पहुंचे विधायक-मंत्री

मूल्यांकन समिति की बैठक को लेकर मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर व भारत सिंह कुशवाह को आमंत्रित किया गया था। दोनों ही नहीं पहुंचे, सिर्फ मंत्री भारत सिंह के प्रतिनिधि के रूप में मुकेश कुशवाह ने बैठक में हिस्सेदारी की। उन्होंने वीरमपुरा में कृषि भूमि की कीमतों पर चर्चा की।

  • मुख्यालय ने 18 मार्च तक प्रस्ताव मांगे हैं। इनका निराकरण तत्काल कर दिया जाएगा। जो सुधार करने लायक सुझाव होंगे, उसके आधार पर सुधार भी होंगे। निर्माण लागत में इस बार कोई वृद्धि नहीं की जा रही है। - उमाशंकर वाजपेयी, वरिष्ठ जिला पंजीयक
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