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  • Angered By The Intimidation, The Doctors Returned The Flowers That The Government Had Showered From The Helicopter By Declaring Them As Corona Warriors.

46 सीनियर रेजीडेंस की नियुक्ति की निरस्त:धमकाने से नाराज जूडा, कोरोना वॉरियर्स घोषित कर सरकार ने हेलीकॉप्टर से जो फूल बरसाए थे डॉक्टरों ने वह वापस लौटाए, थाली बजाई

ग्वालियर2 महीने पहले
सम्मान में बरसाए फूल इस तरह लौटाए
  • कोरोना वॉरियर्स के सार्टिफिकेट भी किए वापस

शनिवार को ग्वालियर में जूडा की हड़ताल का पांचवा दिन है। जूडा के समर्थन में SR (सीनियर रेजीडेंट) भी उतर आए हैं। जिस कारण JAH में मरीज बेहाल हो रहे हैं। जबलपुर हाईकोर्ट के आदेश के बाद लगातार शासन व जिला प्रशासन जूडा पर वापस लौटने का दबाव बना रही है। जिसके बाद शनिवार को सभी 46 सीनियर रेजीडेंस को टर्मिनेट कर नियुक्ति निरस्त कर दी गई है। अब इनके भविष्य पर खतरा मंडरा गया है।

इससे जूनियर डॉक्टर काफी नाराज हैं। शनिवार को जूनियर डॉक्टर ने सरकार को वह फूल वापस लौटाए हैं जो कोरोना की पहली लहर में उन्हें कोरोना वॉरियर्स घोषित करते समय हेलीकॉप्टर से बरसाए गए थे। साथ ही कोरोना वॉरियर्स के सार्टिफिकेट भी लौटाए हैं। इसके साथ-साथ थालियां बजाकर सरकार को नींद से जगाने का प्रयास किया है। जूनियर डॉक्टरों का कहना है कि सरकार उनको धोखा दे रही है। डॉक्टरों ने जगह-जगह पोस्टर भी चिपकाए हैं “मूंगफली में दाना नहीं, तुम हमारे मामा नहीं”।

शासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए जूनियर डॉक्टर
शासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए जूनियर डॉक्टर

शनिवार को जूडा की अनिश्चित कालीन हड़ताल का पांचवा दिन है। शासन के दबाव के बाद लगा था कि जूडा कमजोर पड़ जाएगा, लेकिन जूनियर डॉक्टर पांचवे दिन पहले से भी ज्यादा आक्रामक नजर आए हैं। शुक्रवार को संभागीय आयुक्त ने जूडा से मुलाकात कर कोर्ट के ऑर्डर दिखाकर काम पर लौट आने का अल्टीमेटम दिया था। इसके बाद जूडा ने रणनीति बनाई। शुक्रवार रात से ही सीनियर रेजीडेंट भी उनके समर्थन में उतर आए। इसका व्यापक असर JAH में स्वास्थ्य सेवाओं पर देखने को मिला है। मरीज परेशान होते नजर आए। इसके साथ ही शनिवार को जूडा ने विरोध प्रदर्शन कर नारेबाजी की। इतना ही नहीं कोरोना की पहली लहर के बाद प्रदेश सरकार ने डॉक्टर को कोरोना वॉरियर्स घोषित कर हेलीकॉप्टर से फूल बरसाए थे और सार्टिफिकेट भी दिए थे। शनिवार को जूडा ने एकजुट होकर यह सम्मान लौटाया है। जो फूल उन पर बरसाए गए थे उनको लौटाया गया है। साथ ही सार्टिफिकेट भी सांकेतिक रूप से लौटाए गए हैं।

सीनियर रेजीडेंस पर गिरी गाज

- शनिवार को जूडा का समर्थन कर काम छोड़कर हड़ताल में शामिल होने वाले 46 सीनियर रेजीडेंस को शासन ने एस्मा का उल्लघंन करने पर टर्मिनेट कर नियुक्ति निरस्त कर दी गई है। अब हड़ताल सामाप्त भी होती है तो जूडा तो काम पर आ जाएगा, लेकिन सीनयर रेजीडेंस का भविष्य खतरे में पड़ जाएगा।

6 प्रतिशत सालाना इंक्रीमेंट है सबसे बड़ी अड़चन

  • जूडा के अध्यक्ष डॉ. देवेन्द्र शर्मा ने बताया कि शासन कोर्ट का आदेश दिखाकर हमें डराना चाह रही है। पर वह खुद समझे कि शासन हमारे साथ धोखाधड़ी कर रहा है। आपने ही वादा किया था कि 6 सूत्रीय मांगों को माना जाएगा। पर अब क्यों मुकर रहक हैं। डॉक्टरों की 6 में से एक मांग स्टायफंड में 24 फीसदी बढ़ोतरी किए जाने और हर साल मिलने वाला 6 प्रतिशत इंक्रीमेंट है। 2018 में यह देने की घोषणा की थी। तभी से अभीतक देने की डॉक्टर मांग कर रहे हैं।
जेएएच के पार्क में पोस्टर लगाए मूंगफली में दाना नहीं तुम हमारे मामा नहीं
जेएएच के पार्क में पोस्टर लगाए मूंगफली में दाना नहीं तुम हमारे मामा नहीं

ब्लड डोनेशन कर जूडा ने दिया सकारात्मक संदेश

  • जूडा के जिलाध्यक्ष डॉ. देवेन्द्र शर्मा ने बताया कि हम उस समय हड़ताल पर गए हैं जब सारी परिस्थितयां सामान्य हैं। इसके बाद भी सरकार हम पर ब्लैकमेलिंग का आरोप लगा रही है। इसके बाद भी हम सकारात्मक तरीके से प्रदर्शन कर रहे हैं। शुक्रवार को 20 जूनियर डॉक्टर ने ब्लड डोनेट किया है। जिससे इस समय में लोगों की मदद हो सके।

यह है पूरा मामला

  • GRMC (गजराराजा मेडिकल कॉलेज) में हड़ताल पर ग्वालियर जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन के जिला अध्यक्ष डॉ. देवेन्द्र शर्मा ने बताया कि स्टायफंड में 24 फीसदी बढोतरी किए जाने, हर साल मिलने वाला 6 प्रतिशत इंक्रीमेंट, बेसिक स्टायफंड करने, PG करने के बाद एक साल के ग्रामीण बॉन्ड को कोविड ड्यूटी के बदले हटाने के लिए समिति बनाए जाने व कोविड यूनिट में कार्यरत जूनियर डाक्टरों को सरकारी नौकरी में 10 प्रतिशत अतिरिक्त नंबर दिए जाने के फायदे पहुंचाने जैसी मांगों को स्वीकार नहीं किए जाने के बाद ही जूनियर डॉक्टरों ने हड़ताल पर जाने का निर्णय लिया है। शनिवार को जूडा की अनिश्चितकालीन हड़ताल का ग्वालियर में पांचवा दिन था। पर इससे पहले के घटनाक्रम में जो हुआ वह भी महत्वपूर्ण है। हाईकोर्ट के आदेश के बाद शासन से जारी आदेश में अन्य मेडिकल कॉलेज के स्टूडेंट सहित ग्वालियर मेडिकल कॉलेज के 71 छात्रों के नामांकन निरस्त कर दिए गए थे। जिस पर नाराज जूडा के 330 सदस्यों ने इस्तीफा सौंपा था।
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