MP में गोडसे भक्त हुआ कांग्रेसी!:हिंदू महासभा के इकलौते पार्षद रहे बाबूलाल की कांग्रेस में एंट्री; पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अरुण यादव बोले- बापू हम शर्मिंदा हैं...!

ग्वालियर/भोपाल2 वर्ष पहलेलेखक: रामेंद्र परिहार
कांग्रेस में जाते ही गांधी विचारधारा की बात करने वाले बाबूलाल चौरसिया, नाथूराम गोडसे का जलाभिषेक करते हुए। यह फोटो 15 नवंबर 2017 का है।
  • 2017 में गोडसे की पूजा करने पर बाबूलाल बोले- मुझे नहीं पता था, मूर्ति किसकी है?
  • हिंदू महासभा ने कहा- बाबूलाल चौरसिया को शामिल कर कांग्रेस ने खुद की गांधी की हत्या
  • धोखे से पूजा कराने की बात पर हिंदू महासभा ने कहा- बाबूलाल खुद धोखेबाज है

हिंदू महासभा के पार्षद रहे बाबूलाल चौरसिया के कांग्रेस में जाने पर सियासत गरमा गई है। गोडसे की पूजा करने वाले बाबूलाल के कांग्रेस में शामिल होने पर प्रदेश के पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष अरुण यादव ने सोशल मीडिया के जरिए अपनी नाराजगी जताई है। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा- बापू हम शर्मिंदा हैं...! अपनी यह टिप्पणी उन्होंने कांग्रेस के आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट के साथ ही राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, दिग्विजय सिंह को टैग की है। लेकिन इसे कमलनाथ को टैग न करने के सियासी मायने निकाले जा रहे हैं।

उधर, महासभा में रहते हुए गोडसे की पूजा करने वाले चौरसिया ने सफाई दी, '2017 में मुझे धोखे में रखकर गोडसे की मूर्ति पर जल चढ़वाया गया था। मुझे नहीं पता था कि वो मूर्ति गोडसे की थी। बाद में पता चला कि गोडसे का मंदिर बना रहे हैं। मैं कांग्रेसी हूं, कांग्रेस में घर वापसी हुई है।' इधर, हिंदू महासभा ने आरोप पर पलटवार करते हुए कहा कि क्या बाबूलाल बच्चे हैं, जो धोखे में थे। हर कार्यक्रम में भगवा टोपी पहनकर घूमते फिरते थे। गोडसे मंदिर की प्लानिंग में वह शामिल थे।

दरअसल, दो दिन पहले तक गोडसे के समर्थक और उनकी पूजा करने वाले हिंदू महासभा के पार्षद बाबूलाल चौरसिया अब गांधी विचारधारा की बात कर रहे हैं। बुधवार को भोपाल में उन्होंने पूर्व सीएम कमलनाथ के हाथ से कांग्रेस की सदस्यता ली है। गुरुवार को ग्वालियर पहुंचे बाबूलाल ने कहा कि वह पहले भी गांधी विचारधारा के समर्थक थे और अब भी हैं। हिंदू महासभा ने मुझे धोखे में रखकर गोडसे की पूजा कराई थी। गोडसे का अभिषेक भी कराया था। एक साल से मैं उनके किसी भी कार्यक्रम में शामिल नहीं हुआ।

तब हिंदू महासभा, अब बोले- कांग्रेसी ही हूं

ग्वालियर में वर्ष 2014 में कांग्रेस पार्टी से टिकट न मिलने के बाद पार्टी छोड़कर हिंदू महासभा की सदस्यता लेकर वार्ड 44 से चुनाव लड़ने और जीत हासिल करने वाले बाबूलाल चौरसिया तब कहते थे कि वह हमेशा हिंदू महासभा के हैं और रहेंगे, लेकिन बुधवार को भोपाल में एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के सामने कांग्रेस पार्टी की सदस्यता ले ली है। यह वही बाबूलाल चौरसिया हैं, जो 15 नवंबर 2017 को ग्वालियर में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की हत्या के लिए चर्चित नाथूराम गोडसे के मंदिर बनाए जाने पर महासभा के नेताओं के साथ खड़े थे। उन्होंने गोडसे की पूजा अर्चना की और अभिषेक किया था। अब वह गांधी विचाराें की बात कह रहे हैं। वहीं, महासभा में दम घुटने की बात कह रहे हैं।

मुझे धोखे में रखा गया, उनकी गतिविधियां पसंद नहीं थीं : चौरसिया

भोपाल में कांग्रेस की सदस्यता लेने के बाद ग्वालियर लौटे बाबूलाल चौरसिया ने गुरुवार को कहा कि वह पहले भी कांग्रेस के थे। अपनी विचारधारा में वापस लौटे हैं। जब उनसे पूछा गया कि उनका दल बदलना निगम चुनाव की तैयारी है, तो बाबूलाल का कहना था कि वह अपने घर में वापस लौटे हैं। टिकट का लालच नहीं है, यदि कांग्रेस उनका मौका देगी, तो वह पीछे नहीं हटेंगे।

बाबूलाल के सामने ही सारी प्लानिंग हुई - महासभा

मामले में हिंदू महासभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष जयवीर भारद्वाज का कहना है, गोडसे का मंदिर बनाने की पूरी प्लानिंग बाबूलाल के सामने बैठकर हुई। उसमें उनकी पूरी भागीदारी थी। वह बच्चे नहीं हैं कि उन्हें धोखे से पूजा करा ली गई हो। वह सब कुछ जानते थे। वह हर कार्यक्रम में कहते थे कि वह अब हमेशा हिंदू महासभा में रहेंगे। पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने उनको कांग्रेस में शामिल कर खुद गांधी विचारधारा की हत्या की है। भारद़्वाज ने कहा कि बाबूलाल ने स्टॉम्प पेपर पर यह शपथ ली है कि वे आजीवन हिंदू महासभा के सदस्य रहेंगे।

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