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मैकेनिक, प्लंबर ढूंढने गए थे मिले डंडे:15 दिन से खराब पड़ा है बाथरूम का नल, घर का AC और कूलर, कोरोना कर्फ्यू में नहीं मिल रहे प्लंबर, मैकेनिक

ग्वालियर4 महीने पहले
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  • छोटे-छोटे कामों के लिए लोग हो रहे परेशान
  • मैकेनिक, प्लंबर मिलते भी हैं तो मांगते हैं तीन गुना मेहनताना

यदि आपके घर में बाथरूम, किचन का नल खराब हो गया है या AC, कूलर ठीक से काम नहीं कर रहा है और आप सोच रहे हैं कि आसानी से प्लंबर या मैकेनिक आपको मिल जाएगा और मिनटों में सब कुछ ठीक हो जाएगा तो आप गलत सोच रहे हैं, क्योंकि इस समय कोरोना कर्फ्यू लागू है। ऐसे में प्लंबर, इलेक्ट्रीशियन और मैकेनिक ढूंढना किसी चुनौती से कम नहीं है। आम जरूरत के कामों के लिए लोगों को हर दिन परेशान होना पड़ रहा है। बाहर निकलने पर पुलिस डंडा मारकर खदेड़ देती है।

मुरार के जिनेन्द्र कुमार जैन का भी कुछ ऐसा ही हाल है। 15 दिन पहले बाथरूम का नल टूट गया है। लगातार पानी बह रहा है। पर प्लंबर नहीं मिल रहा है। एक दिन पहले वह प्लंबर की तलाश में निकले भी तो पुलिस ने उन्हें पकड़ लिया। बिना कारण सड़क पर घूमने पर दो डंडे और खाने पड़े। किसी तरह एक प्लंबर का नंबर मिला। बात की तो वह जरा से काम के 500 रुपए मांग रहा है। इसी तरह इलेक्ट्रीशियन, AC, कूलर व फ्रीज के मैकेनिक भी नहीं मिल रहे हैं।

बाहर निकलने वालों पर इस तरह डंडे बरसाती पुलिस
बाहर निकलने वालों पर इस तरह डंडे बरसाती पुलिस

AC खराब, गर्मी सता रही, नहीं मिल रहा मैकेनिक

  • थाटीपुर निवासी संकेत कुमार व्यवसासी हैं। पिछले वर्ष उन्होंने AC (एयर कंडीशनर) लगवाया था। अब इस साल उन्होंने सोचा कि अप्रैल में उसकी सर्विस कराएंगे और आराम से चलाएंगे। पर अप्रैल में कोरोना की लगातार बिगड़ती स्थिति पर कोरोना कर्फ्यू लग गया। अब जितने भी मैकेनिक हैं उनकी दुकान बंद हैं। उन्होंने बिना सर्विस के AC चला दिया। 5 दिन पहले AC अचानक तेज आवाज के साथ खराब हो गया। अब वह 5 दिन से मैकेनिक की तलाश कर रहे हैं, लेकिन मैकेनिक नहीं मिल रहा।

लाइट खराब, बड़ी मुश्किल से मिला इलेक्ट्रीशियन

  • सिटी सेंटर निवासी सुनीता कुमारी एक प्राइवेट कंपनी में काम करती है। अभी उनका वर्क फ्रॉम होम चल रहा है। 11 मई को उनके घर में अचानक AC से शॉर्ट सर्किट हुआ और लाइट चली गई। इस गर्मी में इन्वर्टर ने भी 5 घंटे साथ दिया। वह लगातार इलेक्ट्रीशियन तलाशती रहीं। पर कहीं भी कोई नहीं मिला। उन्होंने अपने सभी रिश्तेदारों और मिलने वालों को सूचना दी। करीब 8 घंटे बाद एक इलेक्ट्रीशियन मिला। उसने घर आकर लाइट देखने और सही करने का चार्ज 600 रुपए बताया। मजबूरी थी इसलिए सुनीता कुमारी ने उसे तत्काल उसकी फीस देकर लाइट सही करवाई।

सड़क पर जाओ तो पुलिस करती है परेशान

  • लोगों का कहना है कि एक तो नल, AC और बिजली के छोटे-बड़े काम घर पर निकलना आम बात है। इनके लिए मैकेनिक तलाशने निकले तो पुलिस डंडा लेकर पीछे पड़ती है। हर किसी को घर में बुला भी नहीं सकते क्योंकि संक्रमण का खतरा रहता है। ऐसे में करें तो क्या करें। ऑनलाइन तलाशने पर ठगी का डर रहता है। इसलिए जब से यह लॉकडाउन हुआ है घर-घर में यह परेशानी है।

गाइडलाइन में प्लंबर को है छूट

  • जबकि जिले में लागू धारा 144 और कोरोना गाइडलाइन के नियमों में कुछ जरूरी काम के लिए कर्फ्यू में ढील दी गई है। इसी में प्लंबर को कहीं भी आने जाने की छूट है, लेकिन इसके बाद भी पुलिस सड़क पर किसी की नहीं सुन रही है। कोई भी घूमता मिलता है तो उसे डंडे देकर खदेड़ देती है।
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