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जानें, UPSC में सक्सेस का मंत्र:NCERT की 6वीं से 12वीं तक की बुक्स में पूरा सिलेबस, प्लानिंग कर क्रैक कर सकते हैं एग्जाम

ग्वालियर9 महीने पहले

हर युवा छात्र का सपना होता है कि वह UPSC (यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन) निकालकर IAS, IPS बने। कोविड के दौर में जब ONLINE क्लासेस की बंदिश है, तो एक ही सवाल जेहन में उठता है कि कैसे UPSC के प्री और मेन्स की तैयारी की जाए।

UPSC का सिलेबस NCERT की 6वीं से 12वीं तक की बुक्स पर आधारित है। जिन छात्रों का अकादमिक रिकॉर्ड बेहतर होता है, उनके इस एग्जाम में कामयाब होने की संभावना ज्यादा होती है, लेकिन जो देरी से UPSC की तैयारी करते हैं, तो उनको भी निराश होने की जरूरत नहीं है। स्मार्ट प्लानिंग और बेहतर मार्गदर्शन से सफलता पाई जा सकती है। आइए, जानते हैं एक्सपर्ट आनंद जादौन (डायरेक्टर, जादौन IAS, IPS क्लासेस) से...

जादौन क्लासेस में यूपीएससी की तैयारी कर रहे छात्र
जादौन क्लासेस में यूपीएससी की तैयारी कर रहे छात्र

दो भागों में करें तैयारी
एक्सपर्ट आनंद जादौन बता रहे हैं कि UPSC एग्जाम को दो भागों में बांटकर तैयारी करनी चाहिए। पहले भाग से मतलब है प्रीलिम्स परीक्षा। इसमें दो पेपर होते हैं, एक GS (जनरल स्टडीज) और दूसरा C-SAT का पेपर होता है। C-SAT में मैथ्स रीजनिंग और डिसीजन मैकिंग से जुड़े सवाल आते हैं। यह क्वालीफाइंग एग्जाम होता है, जो 200 नंबर का होता है। इसमें 33 % मार्क्स लाना होता है। इसकी तैयारी स्मार्ट प्लानिंग के साथ की जानी चाहिए।

GS (जनरल स्टडीज) बनाता है मैरिट
GS (जनरल स्टडीज) में हिस्ट्री, भूगोल, अर्थशास्त्र, भारतीय संविधान, भारतीय भूगोल, विश्व भूगोल, भारतीय राजनीति, साइंस अन्य। इन पर पकड़ मजबूत होनी चाहिए। NCERT की 6वीं से 12वीं तक की बुक्स जरूर पढ़ें। इसके साथ बेहतर मार्गदर्शन में स्मार्ट पढ़ाई जरूरी है, क्योंकि यह जनरल स्टडीज ही मैरिट बनाता है। उसी पर सिलेक्शन निर्भर करता है।

तैयारी में ढील नहीं
यह बात गांठ बांध लें कि प्री-एग्जाम हो या मेन्स या फिर इंटरव्यू ही क्यों न हो, कटऑफ मार्क्स के कम होने की उम्मीद नहीं करनी चाहिए। पिछली बार के रिजल्ट इस तथ्यों को प्रमाणित भी करते हैं, इसलिए बेहतर होगा कि आप अपनी तैयारी में किसी भी तरह की कोई ढील न दें। मेहनत से अपने पाठ्यक्रम की तैयारी करें, जिससे दूसरों से बेहतर कर सकें।

पूरा सिलेबस कवर करें
सिलेबस को व्यापक रूप से कवर किया जाना चाहिए। किसी भी हिस्से को हल्के में नहीं छोड़ा जाना चाहिए, चाहे पिछले रुझान कुछ भी हों। UPSC का सिलेबस बड़ा है। परीक्षा में किसी भी विषय से सवाल आ सकता हैं, इसीलिए पूरे सिलेबस को अच्छे से पढ़ना जरूरी है।

मॉक टेस्ट की मदद लें
सिलेबस को कवर करने के बाद, मॉक टेस्ट को प्रैक्टिस किया जाना चाहिए। मॉक टेस्ट की संख्या वाजिब होनी चाहिए। बहुत टेस्ट आपकी कीमती ऊर्जा को खत्म कर देंगे। कम संख्या आपको परीक्षा के लिए तैयार नहीं कर सकेगी। मॉक टेस्ट के बाद विश्लेषण एक जरूरी अभ्यास है। अच्छे प्रदर्शन से उत्साह नहीं आना चाहिए। खराब प्रदर्शन से निराश नहीं होना चाहिए। बस अपने आप को लगातार बेहतर बनाने का प्रयास करें।

आसान नोट्स बनाएं
बिना उचित नोट्स बनाए UPSC के सिलेबस को गुणवत्ता के साथ कवर नहीं किया जा सकता। नोट्स एक उचित प्रारूप में बनाए जाने चाहिए ताकि उम्मीदवारों के लिए इसे याद रखना और पुन: प्रस्तुत करना आसान हो। नोट्स बहुत भारी नहीं होने चाहिए और इसलिए नोट्स का उद्देश्य हमेशा ध्यान में रखना चाहिए। यह आप किसी कोचिंग के मार्गदर्शन में बेहतर कर सकते हैं।

प्रॉपर रिवीजन करें
प्रीलिम्स का सिलेबस काफी बड़ा और बिखरा हुआ है। कवरेज से अधिक, संपूर्ण सिलेबस को रिवाइज करना महत्वपूर्ण है। इसलिए, रिवीजन उचित और समयबद्ध दोनों होना चाहिए। सिलेबस के कवरेज और कवर किए गए हिस्से के रिविजन में एक अच्छा संतुलन होना चाहिए। तभी सफलता सुनिश्चित होती है।

पिछले सालों के पेपर की मदद लें
पिछले वर्ष के पेपर तैयारी के लिए रडार की तरह होने चाहिए जो आपकी तैयारी को दिशा प्रदान करते हैं। आपके बेसिक नॉलेज को बढ़ाने के अलावा, पिछले वर्ष के पेपर आपके मानसिक दृष्टिकोण को बनाने में मदद करते हैं। यह आपके सामान्य ज्ञान को बढ़ाता है और विकल्पों को खत्म करने में आपकी मदद करता है।

करेंट अफेयर्स पर जरूर करें फोकस
इस परीक्षा में करेंट अफेयर्स महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। करेंट अफेयर्स की तैयारी के लिए आपको सलाह दी जाती है कि आप रोजाना अखबार पढ़ें। साथ ही, साप्ताहिक और मासिक करेंट अफेयर्स ऑनलाइन या किसी किताब की मदद से पढ़ें।

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