अब इंजीनियरिंग परीक्षा में भी मुन्नाभाई...:इंजीनियरिंग की परीक्षा में फर्जीवाड़ा करने वाले सॉल्वर और परीक्षार्थी को कोर्ट ने सुनाई 7-7 साल की सजा

ग्वालियरएक महीने पहले
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फाइल फोटो - Dainik Bhaskar
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  • 6 साल बाद कोर्ट से आया फैसला

अभी तक जब भी आपने सॉल्वर और परीक्षार्थी शब्द सुना होगा तो व्यापमं कांड की तस्वीर आपके सामने आई होगी, लेकिन यहां बता दें कि मेडिकल में ही फर्जीवाड़ा नहीं है इंजीनियरिंग में भी फर्जीवाड़ा 6 साल पहले वर्ष 2015 में सामने आया था। सिविल इंजीनियरिंग के पेपर में सॉल्वर और परीक्षार्थी पकड़े गए थे। इस मामले में 6 साल बाद कोर्ट ने सॉल्वर और परीक्षार्थी दोनों को दोषी मानते हुए 7-7 साल की सजा सुनाई है। कोर्ट परिसर से ही दोनों को जेल भेज दिया गया है।
ग्वालियर में अपर लोक अभियोजक मृत्युंजय गोस्वामी ने बताया कि RGP ने अंशकालीन पाठ्यक्रम के 8वें सेमेस्टर की परीक्षा का आयोजन किया था। पॉलीटेक्नीक कॉलेज में इसका सेंटर था। 11 दिसंबर 2015 को सिविल इंजीनियरिंग का पेपर के दौरान विजय बंसल के प्रवेश पत्र पर शक हुआ। प्रवेश पत्र पर लगा फोटो परीक्षा में बैठे युवक से मिसमैच हो रहा था। जब परीक्षा देने वाले से पड़ताल की तो उसने सच्चाई बता दी। उसने अपना नाम सिंटू त्यागी बताया। वह सॉल्वर के रूप में विजय बंसल की जगह पर परीक्षा देने आया था। इसके बाद परीक्षा केन्द्र प्रभारी अमित धवन ने झांसी रोड थाने में शिकायत की थी। पुलिस ने विजय बंसल, सिंटू त्यागी के खिलाफ केस दर्ज किया था। पुलिस ने इस मामले में कोर्ट में चालान पेश किया। आरोपी की ओर से बचाव में तर्क दिया कि वह नव युवक है, उसको झूठा फंसाया गया है। सजा देने में नरमी बरती जाए। अभियोजक की ओर से कहा गया कि इस तरह के फर्जीवाड़े की वजह से मेधावी विद्यार्थी पीछे हो रहे हैं। इसलिए उन्हें कड़ी से कड़ी सजा दी जाए। कोर्ट ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद दोनों आरोपियों को सात-सात साल की सजा सुनाई है।
पत्नी के चाचा की चाकू से गोदकर हत्या करने वाले को आजीवन कारावास
अपर सत्र न्यायालय ने हत्या के मामले में विक्की गुजराती को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने आरोपी को सजा काटने के लिए जेल भेज दिया। आरोपी ने चाकू से अपनी पत्नी के चाचा की हत्या की थी। अपर लोक अभियोजक गजेंद्र साहू ने बताया कि 5 अक्टूबर 2016 को गुजराती मोहल्ला में माता मंदिर पर गरबे का आयोजन किया गया था। इस गरबे में जानकी भी भाग लेने पहुंचीं। उसी दौरान जानकी का पति विक्की गुजराती वहां नशे की हालत में आ पहुंचा और पत्नी को गरबा करने से रोकने लगा। जिस उसे चचिया ससुर सुनील, जगदीश व विजय समझाने लगे। इस बात से नाराज होकर विक्की ने उन पर चाकू से हमला कर दिया। जिसमें तीनों लोग घायल हो गए। इलाज के दौरान जगदीश की मौत हो गई। पड़ाव थाना पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धारा 307 व 302 के तहत केस दर्ज किया था। इसके बाद कोर्ट में चालान पेश किया। कोर्ट ने आरोपी को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।