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अपराधियों पर शिकंजा:गुंडे-बदमाशों की थानों में हाजिरी, गश्त व छापामारी करने से कम होने लगे अपराध

ग्वालियर3 महीने पहले
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शहर में 1 जनवरी से 14 अप्रैल के बीच हुए अपराध - Dainik Bhaskar
शहर में 1 जनवरी से 14 अप्रैल के बीच हुए अपराध

शहर के थानों में हर माह सूचीबद्ध निगरानी बदमाशों व गुंडों की हाजिरी और औचक छापामारी, गश्त से शहर में अपराध के आंकड़े कम होने लगे हैं। हर साल बढ़ने वाले अपराध के आंकड़े 2022 के शुरू के साढ़े तीन माह में विगत वर्ष के अपेक्षा कम हुए हैं, ऐसा पहली बार हुआ है। हत्या व हत्या के प्रयास सहित शरीर संबंधी अपराध बीते वर्ष के 219 की तुलना में इस वर्ष 178 ही दर्ज हुए।

इस अवधि में संपत्ति संबंधी अपराध भी 2021 के 954 की तुलना में 762 दर्ज हुए। इनके अलावा अपराध होने पर उसकी पड़ताल में थानों के बल के अलावा अलग-अलग टीम बनाकर क्राइम व साइबर की टीम को भी एक साथ एक्टिव कर पड़ताल की जाती है। दिल्ली की चोर गैंग व एटीएम काट कर 47 लाख लूटने वालों को भी इसी प्रक्रिया से घटना के कुछ दिनों में गिरफ्तार किया।

जानिए... पुलिस ने इन तीन तरीकों से अपराधों को बढ़ने से रोका

1. बदमाशों की निगरानी

हर माह शहर के सभी थानों में सूचीबद्ध निगरानी बदमाश व गुंडों की हाजिरी की प्रक्रिया शुरू की गई है। इस प्रक्रिया में माह के पहले रविवार को निगरानी बदमाश व दूसरे रविवार को गुंडों की हाजिरी संबंधित थानों में दर्ज की जाती है। इस हाजिरी प्रक्रिया में बदमाशों के पते, फोन नंबर व काम-धंधे के संबंध मंें पूछताछ कर रजिस्टर में दर्ज किया जाता। इन सूचीबद्ध बदमाशों की संख्या 900 से अधिक है। इस प्रक्रिया में थानों मंें हाजिर न होने वाले बदमाशों के संबंध में पुलिस स्वयं उसके पते-ठिकानों पर पहुंचकर उसकी हाजिरी लेकर उसे हर माह थाने पर हाजिरी देने की हिदायत देती है। इस प्रक्रिया से बदमाश पुलिस की निगाह में अा जाने पर अपराध से बचते हैं।

2. औचक दबिश

शहर सहित ग्रामीण क्षेत्र में आधी रात के बाद व तड़के सभी अफसर व थानोें के बल के अलावा अतिरिक्त बल सभी थाना क्षेत्र के बदमाश व वारंटियों की सूची बनाकर उनके घरों पर औचक दबिश देने की प्रक्रिया भी शुरू की गई है। इस पहली प्रक्रिया में विगत सप्ताह की गई कार्रवाई में एक रात में ही 244 वारंटी व बदमाश पुलिस ने गिरफ्तार किए थे।

3. रात की गश्त में एक घंटे चेकिंग

रात में 12 बजे के बाद कभी भी अलग-अलग समय बदल कर पुलिस सभी थाना क्षेत्रों में एक साथ गश्त के दौरान चेकिंग करती है। इस दौैरान सड़क से निकलने वाले सभी वाहन चालकों को चेक करते हुए वाहनों के दस्तावेज चेक करने के साथ ही रात में घूमने वाले संदिग्धों‌ के फोटो व रिकॉर्ड भी रजिस्टर में दर्ज किया जा रहा है।

प्रभावी असर हुआ

अपराध नियंत्रण में अच्छे परिणाम
शहर के सूचीबद्व बदमाशों को पुलिस की निगरानी में रखने व नए बदमाशों को पकड़ने के लिए हाजिरी प्रक्रिया व गश्त में औचक निरीक्षण कर संदिग्धों की सूची तैयार किए जाने के अपराध नियंत्रण में अच्छे परिणाम आए हैं। एक रात में बदमाश व वारंटियों की सूची बनाकर एक साथ विगत सप्ताह दबिश में एक साथ 244 बदमाश व वारंटी पकड़ने का भी अच्छा असर प्रभाव हुआ है। यह प्रक्रिया निरंतर रखी जाएगी।
-अमित सांघी, एसएसपी