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दवे पांव आ रहा ओमिक्रॉन, लोग बेखौफ:बाजारों में सहालग की भीड़, न मास्क नजर आ रहा न सोशल डिस्टेंस, तीसरी लहर से निपटने के इंतजाम नकाफी, अभीतक नहीं बने पीडियाट्रिक ICU

ग्वालियर2 महीने पहले
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बाजारों में यह सहालग की भीड़ है, न मास्क नजर आ रहे हैं न ही सोशल डिस्टेंस - Dainik Bhaskar
बाजारों में यह सहालग की भीड़ है, न मास्क नजर आ रहे हैं न ही सोशल डिस्टेंस
  • - कलेक्टर ग्वालियर ने सावधान रहने की बात कही

कोरोना का नया रूप ओमिक्रॉन से दुनिया भर में फिर से दहशत फैल गई है, लेकिन ग्वालियर शहर के बाजारों में इस समय सहालग की भीड़ है। भीड़ में न तो मास्क नजर आ रहे हैं न ही सोशल डिस्टेंस। लोग कोरोना के नए वैरियंट ओमिक्रॉन से अनजान है, लेकिन बाजारों में यह लापरवाही कहीं महंगी न पड़ जाए। पुलिस और प्रशासन भी अभी सख्ती करते नजर नहीं आ रहे हैं। वहीं कोविड की संभावित तीसरी लहर से निपटने के लिए किए जा रहे इंतजामों की पोल खुल गई है। अभी तक JAH में 1000 हजार बिस्तर का अस्पताल, पीडियाट्रिक ICU भी तैयार नहीं हुए हैं। JAH के पीडियाट्रिक में 56 बेड कर दिए गए हैं, लेकिन वहां डेंगू के मरीज भर्ती है। स्वास्थ्य विभाग डेंगू से नहीं निपट पा रहा है ऐसे में तीसरी लहर आ गई तो हालात क्या होंगे आप खुद समझ सकते हैं। यही कारण है कि कलेक्टर ग्वालियर शहर के लोगों से अपील करते नजर आ रहे हैं।

बाजारों में कुछ एक दो लोग ही मास्क में नजर आते हैं
बाजारों में कुछ एक दो लोग ही मास्क में नजर आते हैं

बाजारों में फिर से चलेगा रोकोटोको अभियान
- ओमिक्रॉन वैरियंट ने दुनिया को एक बार फिर दहशत में ला दिया है। पर इस समय सहालग है। शादी की खरीदारी करने वालों की भीड़ बाजारों में है। ऐसे मंे सबसे ज्यादा खतरा बाजारों में बिना मास्क और सोशल डिस्टेंस के घूमने वाले लोग हैं। पर अब प्रशासन ने फिर से बाजारांे और शहर के सार्वजनिक स्थानों पर रोकोटोको अभियान चलाने का निर्णय लिया है। एक दो दिन में यह अभियान शुरू हो जाएगा। जिसके बाद बिना मास्क के पकड़े गए लोगों के चालान कर जुर्माना वसूला जाएगा। साथ ही शादी समारोह में भी पुलिस और प्रशासन की निगरानी बढ़ती जाएगी।

ओमिक्रॉन की दहशत के चलते टीकाकरण अभियान भी तेजी से शुरू हो गया है
ओमिक्रॉन की दहशत के चलते टीकाकरण अभियान भी तेजी से शुरू हो गया है

दोपहर 1 बजे तक 12 हजार को लग चुका था टीका

- अभी तक जो लोग टीकाकरण में सहयोग नहीं कर रहे थे। ओमिक्रॉन वैरियंट आने के बाद वह वापस दहशत में आ गए हैं। बुधवार दोपहर 1 बजे तक ही 12 हजार से ज्यादा लोग वैक्सीन लगवा चुके थे। इनमें दूसरा डोज लगवाने वाले ज्यादा थे।

न बच्चों के ICU शुरू हुए और न नए अस्पताल का सी-ब्लॉक हुआ हैंडओवर
दुनिया में ओमिक्रॉन वैरिएंट के दस्तक देने के बाद कोरोना की तीसरी लहर की आशंका बढ़ गई है, लेकिन शहर के सरकारी अस्पताल में आपात स्थिति के लिए तैयारियां पूरी नहीं हाे पाईं हैं। जुलाई से बार-बार प्रशासन यह दावा कर रहा था कि कोरोना की तीसरी लहर से निपटने के लिए पूरे इंतजाम कर लिए गए हैं, लेकिन ये दावे हकीकत में नहीं बदल पाए। ऑक्सीजन के लिए जयारोग्य चिकित्सालय, जिला अस्पताल मुरार और सिविल अस्पताल हजीरा में प्लांट लग गया है, लेकिन JAH काे छोड़ कर किसी अस्पताल में पीडियाट्रिक ICU शुरू नहीं हो पाया है। सिविल अस्पताल हजीरा में तो पीडियाट्रिक ICU बना ही नहीं है। उधर जयारोग्य चिकित्सालय परिसर में बन रहे 1000 बिस्तर के अस्पताल का सी-ब्लॉक का काम भी पूरा नहीं हो पाया है। यह अभी तक प्रशासन के हैंडओवर नहीं हो सका है।
प्रभारी मंत्री ने पुख्ता इंतजाम करने के फिर दिए निर्देश
- कोरोना के नए वैरिएंट के कारण संभावित तीसरी लहर के खतरे को ध्यान में रखकर अस्पतालों में पुख्ता इंतजाम किए जाएं। इस तरह के निर्देश जिले के प्रभारी मंत्री तुलसीराम सिलावट ने कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह को टेलीफोन से चर्चा के बाद दिए। प्रभारी मंत्री ने कहा अस्पतालों में सामान्य, ICU बेड व ऑक्सीजन बेड की तैयारी की समीक्षा की जाए। ऐसे ही वेंटिलेटर, मेडिकल किट, मास्क तथा बच्चों के उपचार में काम आने वाले चिकित्सकीय संसाधन को भी अभी से तैयार रखा जाए। वैक्सीनेशन महाअभियान की सफलता के लिए क्राइसिस मैनेजमेंट समिति के सदस्यों से बात कर तैयारी की डेली रिपोर्ट कलेक्टर से देने को कहा है।
JAH के पीडियाट्रिक ICU डेंगू में ही हुआ ओवरलोड
- डेंगू-वायरल के कारण इस ICU में 16 से बढ़ाकर 56 बेड किए गए हैं, जाे फुल हैं। अब यदि काेराेना से बच्चे बीमार हुए ताे उन्हें भर्ती करना मुश्किल हाेगा। यहां कम से कम 150 बेड का इंतजाम करना हाेगा। जेएएच में 4 ऑक्सीजन प्लांट चल रहे हैं लेकिन सन फार्मा का प्लांट काम नहीं कर रहा है। अस्पताल अधीक्षक डॉ. आरकेएस धाकड़ पहले ही कंपनी के अधिकारियों से कह चुके हैं कि वह अपना पुराना प्लांट ले जाएं अन्यथा नया लगाकर दें, जबकि जिला अस्पताल मुरार में न सीटी स्कैन मशीन लगी और न बेड बढ़ाए। यहां ऑक्सीजन प्लांट लग गया है और मेडिसिन ICU भी शुरू हो गया है, लेकिन न सीटी स्कैन मशीन लगी है और न बेड बढ़ाए गए हैं। पीडियाट्रिक ICU भी शुरू नहीं हो पाया है।
सिविल अस्पताल हजीरा
- यहां ऑक्सीजन प्लांट लग गया है, वार्ड बन गए हैं, लेकिन पीडियाट्रिक आईसीयू का काम ही शुरू नहीं हो पाया है। यहां सिर्फ 17 नर्सिंग स्टाफ है। मेडिसिन और पीडियाट्रिक विशेषज्ञ नहीं है। सिर्फ 30 मरीज भर्ती हो सकते हैं।
जिला प्रशासन ने कहा
- कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह का कहना है कि कोविड की तीसरी लहर आ सकती है। कई जगह केस बढ़ रहे है। यदि हमनें सावधानी नहीं बरती तो तीसरी लहर आ सकती है। हमें मास्क, सोशल डिस्टेंस व सेनिटाइजर का ख्याल रखना होगा। जिसने टीका नहीं लगवाया है वह जरुर लगवा लें।

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