लगातार हो रही मौतें के बाद भी नहीं जागा प्रशासन:ऑक्सीजन खत्म होने से हड़कंप आनन-फानन में मंगवाए सिलेंडर

ग्वालियर6 महीने पहले
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फाइल फोटो। - Dainik Bhaskar
फाइल फोटो।
  • जिला अस्पताल: कोविड के 80 मरीज भर्ती

जिले में ऑक्सीजन की मांग के अनुसार सप्लाई न होना मरीजाें के लिए जानलेवा साबित हो रहा है। जिला अस्पताल मुरार में कोरोना के 80 मरीज ऑक्सीजन पर हैं। यहां बुधवार की रात करीब 9 बजे मात्र दो सिलेंडर ही शेष बचे थे। आरएमओ डॉ. विपिन गोस्वामी देर शाम से ही अधिकारियों से कह चुके थे कि ऑक्सीजन अधिक नहीं है, जल्दी और सिलेंडर भिजवाएं।

रात करीब 9 बजे जब पूर्व विधायक मुन्नालाल गोयल वहां पहुंचे तो उन्हें पता चला कि सिर्फ दो सिलेंडर ऑक्सीजन और बची है। अगर सिलेंडर नहीं आए तो मरीजों की जान खतरे में आ जाएगी। यह सुनकर मुन्नालाल गोयल सीधे पिंटो पार्क प्लांट पहुंचे और जल्द ही 26 सिलेंडर ऑक्सीजन भरवाकर जिला अस्पताल लेकर आए। ऑक्सीजन खत्म होने से पहले और सिलेंडर आ जाने से अस्पताल प्रबंधन ने राहत की सांस ली। मुन्नालाल गोयल ने बताया कि वह 26 सिलेंडर ऑक्सीजन लेकर आए हैं। दो घंटे में 25 सिलेंडर और आ जाएंगे।
ऑक्सीजन के लिए 3 घंटे तक अस्पतालों में भटके मरीज
अस्पतालों में ऑक्सीजन की कमी के चलते मरीज भर्ती नहीं हो पा रहा है। ऐसा ही एक मामला बुधवार को सामने आया है। कंपू निवासी 60 वर्षीय वृद्ध को कोरोना होने के कारण सांस लेने में तकलीफ हो रही थी। परिजन पहले उन्हें लेकर सिम्स हॉस्पिटल पहुंचे तो वहां यह कहकर उन्हें वापस कर दिया गया कि ऑक्सीजन की कमी है इसलिए भर्ती नहीं कर पाएंगे। इसके बाद परिजन मरीज को लेकर जेएएच पहुंचे तो डॉक्टरों ने फिर कोरोना की जांच कराई, जिसमें बुजुर्ग को संक्रमण की पुष्टि हुई।

इसके बाद उन्हें सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल के लिए रैफर कर दिया, लेकिन वहां उन्हें पलंग उपलब्ध न होने की बात कहते हुए न्यूरोसर्जरी ले जाने की बात कही। परिजन न्यूरोसर्जरी पहुंचे तो यहां भी उन्हें भर्ती नहीं किया गया। इधर वृद्ध का ऑक्सीजन लेवल लगातार गिर रहा था, साथ ही उन्हें सांस लेने में परेशानी हो रही थी। जब किसी ने मदद नहीं कि तो परिजन ने उन्हें कंपू स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया।

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