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अब खाद के लिए संघर्ष...:कई केंद्रों पर 2-3 दिन से नहीं है डीएपी पूरे दिन खड़े रहने के बाद भी खाली हाथ लौटे किसान

ग्वालियर2 महीने पहलेलेखक: अभिषेक शर्मा, सुमित दुबे, अबनीश श्रीवास्तव और हेमेंद्र नरवरिय
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मुरैना के सबलगढ़ में तेज धूप में खाद के लिए लाइन में लगे किसान। ग्वालियर चंबल अंचल में10 दिन से खाद के लिए किसान परेशान। - Dainik Bhaskar
मुरैना के सबलगढ़ में तेज धूप में खाद के लिए लाइन में लगे किसान। ग्वालियर चंबल अंचल में10 दिन से खाद के लिए किसान परेशान।

बाढ़ के बाद अब खाद की किल्लत से किसान परेशान हैं। खाद की समस्या ग्वालियर चंबल अंचल में दिन पर दिन बढ़ती ही जा रही है। सुबह से लेकर शाम तक लाइन में लगने के बाद भी किसानों को बिना खाद के ही निराश होकर लौटना पड़ रहा है। पिछले 10 दिन से खाद संकट और गहरा गया है। खाद के लिए किसानों को संघर्ष करना पड़ रहा है। इतना ही नहीं खाद के लिए वितरण केंद्रों पर मारामारी तक की स्थिति बन रही है। आक्रोशित किसान खाद लूटने के लिए मजबूर हो रहे हैं।

ऐसे में दैनिक भास्कर की टीम गुरुवार को खाद संकट की जमीनी हकीकत जानने वितरण केंद्रों पर पहुंची। टीम ने देखा कि कुछ केंद्रों पर कई दिनों से खाद ही नहीं बंटी है। जहां खाद मिल भी रही थी वहां किसानों को संघर्ष करना पड़ रहा है।

मुरैना : सुबह से शाम तक 2 हजार लोग लाइन में बमुश्किल आधे किसानों को ही मिल पा रही खाद

खाद को लेकर भटक रहे किसानों की समस्या कम होने का नाम नहीं ले रही है। सबलगढ़ में गुरुवार को 2 हजार से अधिक किसान खाद के लिए लाइनों में लगे रहे लेकिन देर शाम तक 1 हजार किसानों को ही खाद बांटा जा सका। अंबाह, पोरसा में भी आधे किसानों को खाद मिला, आधे मायूस लौट गए। कैलारस में डीएपी के बजाय यूरिया बांटा गया, जिसकी वजह से सिर्फ 89 किसान ही खाद लेने पहुंचे।

सरकार हैरान: 1046 मीट्रिक टन खाद मौजूद, फिर भी कमी

खाद नहीं मिलने की खबरें आने के बाद गुरुवार को जब सरकार ने पूरे प्रदेश में इसका स्टॉक पता करवाया तो 1046 मीट्रिक टन खाद मिली। ऐसे में सरकार को आशंका है कि इसकी कालाबाजारी की जा रही है। इसलिए गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि कालाबाजारी करने वालों पर रासुका के तहत कार्रवाई की जाएगी। वहीं, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने खाद वितरण व्यवस्था की बैठक लेने के बाद कहा कि खाद की कोई कमी नहीं है। उन्होंने भिंड और मुरैना के कलेक्टरों को व्यवस्था को तत्काल दुरुस्त करने के निर्देश दिए।

ग्वालियर: एक केंद्र पर 3 दिन से खाद नहीं दूसरे पर सुबह से लाइन

शहर में भी खाद की कमी का सामना किसान कर रहे हैं। दैनिक भास्कर की टीम ने मप्र राज्य सहकारी विपणन संघ के लक्ष्मीगंज स्थित भंडारण केंद्र और पुतलीघर रोड स्थित भंडारण केंद्र का जायजा लिया। लक्ष्मीगंज स्थित भंडारण केंद्र पर पुलिस के पहरे में घाटीगांव, तिघरा, बरई क्षेत्र के गांव के किसान खाद लेने सुबह 7 बजे से लाइन में लग रहे हैं और दोपहर 2 बजे तक उनका नंबर आ पा रहा है।

घाटीगांव क्षेत्र से आए किसान बलबीर सिंह ने बताया कि वे सुबह 7 बजे से लाइन में लगे हैं, लेकिन दोपहर 2 बजे उनको खाद मिल पाई है। पंच का पुरा से आए रामप्रसाद ने बताया कि खाद के लिए हम लोग एडवांस में ही रसीद कटा रहे हैं, ताकि आज न भी मिले तो कल हमको खाद मिल जाए।

कृषि विस्तार अधिकारी गजेंद्र दंडोतिया ने बताया कि एक दिन में 400 से 500 किसान खाद के लिए आ रहे हैं, लेकिन मिल सिर्फ 100 को ही रही है। वहीं पुतलीघर भंडारण केंद्र पर सन्नाटा है। यहां पर मंगलवार से ही खाद का स्टॉक नहीं है।

डबरा : तीन दिन से नहीं है डीएपी खाद

डबरा शहर के कृषि उपज मंडी और बरोठा रोड स्थित गोदामों पर 3 दिन से डीएपी खाद नहीं बांटी गई है। ऐसे में किसान अब गोदाम पर जाने के बजाय बाजार में दुकानों से 100 रुपए अधिक देकर खाद खरीदने को मजबूर हैं। डबरा-भितरवार अंचल में खाद संकट का एक बड़ा कारण यह भी है कि शिवपुरी, दतिया और भिंड जिले के किसान यहां आ रहे हैं।

दूसरे जिले के किसानों को खाद देने में गोदाम के कर्मचारियों का भी फायदा रहता है, क्योंकि यह किसान बहुत दूर से आते हैं और आसानी से तय कीमत से 40 से 50 रुपए अधिक देने में इन्हें कोई परेशानी नहीं होती। गुरुवार को भी भिंड जिले के मौ क्षेत्र के कुछ किसान डबरा शहर के गोदाम पर बैठे हुए थे।

भिंड: 8 घंटे में लाइन एक मीटर भी नहीं बढ़ी, किसान रहे परेशान

भिंड|जिले में गुरुवार को तीन दिन बाद डीएपी खाद का वितरण शुरू हुआ। शहर के नवीन कृषि उपज मंडी परिसर स्थित कैश काउंटर के अलावा मेहगांव और गोहद के मंडी परिसर के कैश काउंटरों पर खाद लेने के लिए किसानों की भीड़ उमड़ी। लहलोरी निवासी 60 वर्षीय किसान रामजी सिंह कुशवाह डीएपी की बोरी के लिए गुरुवार की सुबह 6 बजे से भिंड मंडी परिसर में कैश काउंटर की लाइन में लगे थे।

दोपहर 2 बजे तक जब लाइन में लगकर वे एक मीटर भी आगे नहीं बढ़ पाए तो गुस्साकर लाइन से हटकर सीधे खिड़की के पास पहुंच गए। खिड़की पर पहुंचते ही लाइन में लगे अन्य लोगों ने हंगामा शुरू कर दिया। मौके पर मौजूद एसडीएम उदय सिंह सिकरवार उनके पास पहुंचे और लाइन में लगने के लिए कहा तो वे तपाक से बोले- सुबह से लाइन में लगे हैं। लाइन आगे ही नहीं बढ़ रही। व्यवस्था में लगे लोग अपनों को खाद दिलाने में लगे हैं तो आखिर उनका नंबर कब आएगा। हालांकि एसडीएम ने किसी तरह से उन्हें समझाकर फिर से लाइन में लगवाया।

राहत की 2 खबरें

सिंधिया बोले- 10 दिन में मिलेगी 15 हजार मीट्रिक टन खाद

केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि वे और मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान लगातार केंद्रीय रसायन एवं उर्वरक मंत्री मनसुख मंडाविया से बात करके खाद की व्यवस्था करा रहे हैं। अगले 10 दिन में खाद के 15 रैक से 14 हजार 700 मीट्रिक टन खाद ग्वालियर चंबल संभाग के लिए आएगी।

डीएपी सब्सिडी ‌‌438 बोरी करने का प्रस्ताव हुआ मंजूर

नई दिल्ली. आर्थिक मामलों की कैबिनेट कमेटी ने फास्फेट, पोटाश उर्वरकों पर सब्सिडी बढ़ाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। केंद्र ने तय किया है कि वह डीएपी पर सब्सिडी बढ़ाकर 438 रुपए प्रति बोरी करेगी, ताकि बढ़े हुए दाम का असर किसान पर न पड़े और उसे पहले की तरह उसी कीमत पर खाद मिलती रहे।