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संक्रमितों की मौत, घंटों नहीं मिली खबर,हंगामा:कपड़ा कारोबारी की मौत, बेटा बोला- 16 घंटे तक डॉक्टर छुपाए रहे मौत, मैं नाश्ता लेकर अस्पताल में बैठा रहा पिता का शव डेड हाउस में रखा था

ग्वालियर8 महीने पहले
हॉस्पिटल में हंगामा करते मृतक
  • तीन घंटे जेएएच के सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल में चला हंगामा

सोमवार को JAH स्थित सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल में कोविड संक्रमितों की मौत और डॉक्टरों की लापरवाही पर काफी हंगामा मचा है। एक कपड़ा कारोबारी की मौत होने के 16 घंटे बाद उसके बेटे को पता लगा है कि पिता की मौत हो गई है। इस दौरान वह रविवार रात खाना, सोमवार सुबह नाश्ता देने सुपर स्पेशियलिटी भी पहुंचा था, लेकिन डॉक्टरों ने मौत होने की बात नहीं बताई। जब रात से पिता का मोबाइल बंद आने पर अस्पताल में हंगामा किया तो पता लगा कि कारोबारी की बॉडी डेड हाऊस में रखी है। इसके बाद परिजन ने हंगामा मचा दिया। हॉस्पिटल स्टाफ से मुंहबाद हुआ। हंगामा उस समय और बढ़ रहा गया जब तीन अन्य संक्रमित की मौत के मामले में भी परिजन को 10-10 घंटे तक इसी तरह नहीं बताया गया कि उनके मरीज जिंदा है या मौत हुई है। 3 घंटे तक अस्पताल में हंगामा और खींचतान चलती रही। SDM अनिल बनवारिया, कंपू पुलिस मौके पर पहुंची। किसी तरह स्थिति को संभाला है।

मृतक कारोबारी कन्हैयालाल भवनानी, जिनकी मौत के 16 घंटे बाद परिजन को उनके नहीं रहने की सूचना अस्पताल ने दी
मृतक कारोबारी कन्हैयालाल भवनानी, जिनकी मौत के 16 घंटे बाद परिजन को उनके नहीं रहने की सूचना अस्पताल ने दी

समाधिया कॉलोनी निवासी 70 वर्षीय कन्हैयालाल भवनानी कपड़ा कारोबारी हैं। बाड़ा पर उनकी रेडीमेड गारमेंट्स की शॉप है। 30 मार्च को कोविड संक्रमित निकलने के बाद वह खुद अपना स्कूटर चलाकर सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल पहुंचे थे। बेटा सतीश भवनानी ने बताया कि अभी तक सब कुछ ठीक चल रहा था। हम उन्हें उपचार के लिए दिल्ली ले जाना चाहते थे। दो दिन पहले वापस कोविड टेस्ट कराया तो उसमें भी रिपोर्ट पॉजिटिव आई। रविवार शाम को वह अपने पिता को पायजामा और खाना देने के लिए आए थे। तब पिता का मोबाइल बंद आ रहा था। सोमवार सुबह नाश्ता देने पहुंचे तो पता लगा कि इस नाम का कोई मरीज भर्ती नहीं है। इस पर वह परेशान हो गए। लगातार चक्कर काट रहे थे। इसके बाद दोपहर 2 बजे पता लगा कि उनके पिता कन्हैयालाल भवनानी की तो रविवार रात 8 बजे ही मौत हो गई थी। 16 घंटे से उनके पिता का शव डेड हाउस में रखा था और उन्हें अस्पताल में बता भी नहीं रहा है। इसके बाद सतीश और उनके परिवार के सदस्यों ने सुपर स्पेशियलिटी में डॉक्टरों पर मौत को 16 घंटे तक छिपाए रखने और लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा खड़ा कर दिया। हंगामा की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई। परिजन कार्रवाई की मांग पर अड़े थे। इसी बीच महिला स्टाफ ने मृतक के परिजन पर मारपीट का आरोप लगाया है। साथ ही 14 दिन बाद घर पर कोविड संक्रमण का पोस्टर लगाया है।

सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल में हंगामा के बाद पुलिस स्थिति को संभालते हुए
सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल में हंगामा के बाद पुलिस स्थिति को संभालते हुए

10 घंटे से अस्पताल में बैठे हैं, अब कह रहे मौत हो गई

  • इसी तरह ग्वालियर निवासी अनिल खंडेलवाल ने बताया कि उनकी मां सुशीला खंडेलवाल कोविड संक्रमित थीं और सुपर स्पेशियलिटी में भर्ती हैं। 10 घंटे से में उनको तलाश रहा हूं। अस्पताल में उनका नाम नहीं है। जब यह हंगामा हुआ तो अस्पताल की लापरवाही खुली। हम जिनके जीवन की प्रार्थना कर रहे थे उनका शव 10 घंटे से डेड हाउस में रखा हुआ है। दस घंटे तक अस्पताल से न कोई सूचना आई न ही कोई कॉल। जब सवाल जवाब किए तो स्टाफ सीधे मुंह बात नहीं कर रहा है। इसी तरह सुरेन्द्र कुशवहा ने उनके पड़ोसी वीरेन्द्र सिंह चौहान की मौत की सूचना घंटों नहीं देने और ओपी शर्मा ने राकेश शर्मा ठेकेदार की मौत की सूचना घंटों नहीं देने और शव समय पर नहीं देने की शिकायत की है।

मौत बढ़ीं तो फैली अव्यवस्था

रविवार-सोमवार को सुपर स्पेशियलिटी में भर्ती 8 संक्रमित की मौत होने के बाद अफरा-तफरी का माहौल रहा है। न तो हॉस्पिटल प्रबंधन किसी सही सूचना दे रहा था बल्कि शवों को ले जाने के लिए एम्बुलेंस कम पड़ गई हैं।

जिम्मेदारों का जवाब

  • जो भी गंभीर बीमार संक्रमित हैं उनकी मेडिकल बुलेटिन हम समय पर दे रहे हैं और देते रहें हैं। इन केस में भी कॉलिंग की गई थी।

जीएस गुप्ता, अधीक्षक सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल

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