डीएपी की किल्लत:डिफाॅल्टर समितियों को मिले 60 लाख रुपए, आज से चालू होगी डीएपी की बिक्री

ग्वालियर2 महीने पहले
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  • बुधवार को रायरू पर आई रैक से ग्वालियर को मिला 723 मैट्रिक टन खाद

डीएपी की किल्लत दूर करने आखिरकार प्रशासन को कृषि साख सहकारी समितियों को आर्थिक मदद करनी ही पड़ी। यह यदि पहले हो जाती तो जिले में खाद को लेकर परेशानी नहीं होती। उल्लेखनीय है कि जिले में कुल 76 समितियां हैं, इनमें से अधिकतर डिफॉल्टर होने के कारण खाद की बिक्री नहीं कर पा रही थीं।

गुरुवार से यहांं से वितरण चालू हो जाएगा। जिला पंचायत सीईओ आशीष तिवारी ने कहा कि बुधवार को 723 मैट्रिक टन डीएपी मिला है। पहले का 400 मैट्रिक टन डीएपी बचत में रखा है। इसका वितरण गुरुवार से होगा। अगले 2-3 दिन में रैक आने की उम्मीद कम है।

जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के प्रभारी सीईओ गिरधारी शर्मा ने कहा कि कलेक्टर के माध्यम से रेडक्रॉस ने 60 लाख रुपए की आर्थिक मदद की है। इसके बाद 22 समितियों से गुरुवार को खाद वितरण चालू होगा। मंगलवार को 210 मैट्रिक टन (50 लाख) और बुधवार को 332 मैट्रिक टन (56 लाख) के आरओ भी जारी हो चुके हैं।

इन 22 कृषि साख सहकारी समितियों में सर्वाधिक मुरार की हैं। किसी समिति को 3 लाख दिए गए हैं तो किसी को 2-2 लाख रुपए। प्रभारी सीईओ शर्मा ने कहा कि मार्कफेड के 22 करोड़ रुपए चुका दिए गए हैं। अब सिर्फ 98 लाख बकाया हैं। अभी रेडक्रॉस ने 60 लाख रुपए की मदद की है, उसे खाद की बिक्री करने के बाद वापस किया जाएगा।

टोकन सिस्टम से बांटे, किसानों से उनकी मांग पूछें

मुख्यमंत्री की नसीहत के बाद संभाग आयुक्त आशीष सक्सेना ने बुधवार को गूगल मीट के जरिए अफसरों से कहा कि खाद वितरण केंद्रों पर व्यवस्था सुधारी जाएं। अंचल के सभी कलेक्टर अपने जिले के वितरण केंद्रों पर सरकारी अमले की ड्यूटी लगाएं।

ये लोग किसानों से उनकी मांग, रकबा और फसल का नाम तथा खाद की डिमांड पूछंे ताकि एडवांस में व्यवस्था हो सके। खाद वितरण के लिए टोकन सिस्टम बनाएं। हर मंगलवार को सुबह 11 से 1 बजे तक तय स्थान पर पुलिस के प्रभारी, पटवारी व पंचायत सचिव बैठें।

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