बढ़ती बीमारियां:वायरल फीवर में डेंगू जैसे लक्षण डब्ल्यूबीसी व प्लेटलेट हो रहे कम

ग्वालियर2 महीने पहले
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ओपीडी में 65 फीसदी मरीज बुखार के। - Dainik Bhaskar
ओपीडी में 65 फीसदी मरीज बुखार के।

वायरल फीवर का नेचर बदल गया है। इस बार मरीजों को डेंगू जैसे लक्षण देखने को मिल रहे हैं। वायरल फीवर में आमतौर पर जुकाम, खांसी के साथ हल्का बुखार आता है। इस बार ऐसा मरीजों को खांसी, जुकाम के साथ तेज बुखार, पेट दर्द के साथ दस्त भी हो रहे हैं। मरीज को 103 डिग्री बुखार तक होता है।

अत्याधिक थकान भी महसूस होती है। बुखार जाने में डेढ़ से दो सप्ताह तक का समय लग रहा है। डेंगू के मरीजाें में डब्ल्यूबीसी कम होने के साथ ही प्लेटलेट गिरने की भी शिकायत रहती है लेकिन इस बार वायरल फीवर के मरीजों में भी ऐसा देखा जा रहा है। जयारोग्य चिकित्सालय, जिला अस्पताल मुरार और सिविल अस्पताल हजीरा की ओपीडी में गुरुवार को 60 से 65 फीसदी मरीज वायरल फीवर के थे।

बुखार के मरीजों को भी कराना चाहिए डेंगू की जांच

इस बार वायरल फीवर के कुछ मरीजों में डब्ल्यूबीसी के साथ प्लेटलेट भी कम हो रहे हैं, जबकि ऐसा डेंगू होने पर होता है। लिहाजा अगर किसी बुखार है तो उसे तुरंत डेंगू की भी जांच करानी चाहिए।
-डॉ. संजय धबले, प्रोफेसर, मेडिसिन विभाग, जीआरएमसी

कोविड से मिलते जुलते लक्षण के भी आ रहे मरीज

वायरल फीवर के नेचर में बदलाव देखने को मिल रहा है। मरीजों को तेज बुखार के साथ अत्यधिक थकावट की हाेती है। कुछ मरीजाें काे कोविड से मिलते लक्षण जैसे तेज बुखार, जुकाम, खांसी और सिर दर्द के साथ सांस फूलने तक की शिकायत है। हालांकि कोविड रिपोर्ट निगेटिव आ रही है।
-डॉ. राघवेंद्र शर्मा, नोडल अधिकारी कोविड, कल्याण मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल
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