• Hindi News
  • Local
  • Mp
  • Gwalior
  • Divorce Happened Sixteen Years Ago, The Court Had Decided 1500 Rupees Per Month As Alimony, The Woman Now Asked For 25 Thousand

महिला का तर्क:सोलह साल पहले हुआ था तलाक, कोर्ट ने तय किया था ‌‌1500 रुपए महीना गुजारा भत्ता, महिला ने अब मांगे 25 हजार

ग्वालियर6 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
  • तब प्राइवेट नौकरी थी,अब सरकारी में मिल रहे हैं 71 हजार रु. महीना

कुटुंब न्यायालय में एक तलाकशुदा महिला के गुजारा भत्ते से संबंधित दिलचस्प मामला सामने आया है। आवेदन करने वाली महिला का 16 साल पहले पति से तलाक हुआ था। तब कुटुंब न्यायालय ने उसके पति को आदेश दिया था कि वह महिला का गुजारा भत्ता के तौर पर हर महीने 1500 रुपए देगा।

अब सोलह साल बीतने के बाद महिला ने कोर्ट में गुहार की है कि वह गुजारा भत्ता के तौर पर हर महीने 25 हजार रुपए दिलवाएं। अपने आवेदन में महिला ने तर्क दिया कि 16 साल पहले तलाक देने वाला पति प्राइवेट नौकरी करता था। तब उसका वेतन 10 हजार रुपए महीना था। अब वह भोपाल स्थित सरदार वल्लभ भाई पटेल महाविद्यालय में लैब टैक्नीशियन के पद पर कार्यरत है और उसका वेतन 71 हजार रुपए है। चूंकि महिला का बच्चा भी बड़ा हो गया है। मायके में जो भाई महिला का पूरा खर्च उठा रहा था, गत वर्ष उसकी भी मौत हो गई। ऐसे में उसे हर माह 25 हजार रुपए बतौर गुजारा भत्ता दिलाया जाए।

एडवोकेट अजय द्विवेदी के मुताबिक महिला की शादी वर्ष 1999 में हुई थी। शादी के कुछ दिन बाद ही पति ने दहेज को लेकर मारपीट शुरू कर दी। इस पर महिला मायके लौट आई और पुलिस थाना मुरार में जाकर शिकायत दर्ज कराई। मामला पुलिस में पहुंचते ही पति ससुराल पहुंचा और पत्नी को समझा-बुझाकर घर ले आया। कुछ समय बाद महिला गर्भवती हुई तो डिलीवरी के लिए मायके चली गई। इस दौरान पति ने न तो देखभाल की न ही डिलीवरी का खर्चा उठाया। बाद में जब महिला ससुराल पहुंची तो पति ने फिर उसके साथ मारपीट की।

महिला ने 2003 में पुलिस में रिपोर्ट लिखाने के साथ ही कुटुंब न्यायालय में तलाक का आवेदन भी दिया। कोर्ट ने 2005 में तलाक पर मुहर लगाते हुए पति को हर माह 1500 रुपए देने का आदेश दिया। आदेश के बाद भी पति ने गुजारा भत्ता नहीं दिया। अब महिला ने न्यायालय में गुजारा भत्ता बढ़ाने के लिए आवेदन लगाया है।

खबरें और भी हैं...