• Hindi News
  • Local
  • Mp
  • Gwalior
  • Drug Distress After Oxygen And Ventilators; Hospitals Are Far Away, Are Not Even Available In The Market

महामारी में महालूट:ऑक्सीजन और वेंटीलेटर के बाद दवाओं का भी संकट; अस्पताल तो दूर, बाजार में भी नहीं मिल रहीं

ग्वालियर6 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
  • दवाओं की कृत्रिम कमी बताकर मरीजों से वसूल रहे कई गुना ज्यादा दाम

सरकारी निजी अस्पतालों में ऑक्सीजन और वेंटीलेटर की समस्या का अभी समाधान नहीं हो पाया था कि अब अस्पतालों में दवाओं का संकट भी गहराने लगा है। सरकारी अस्पताल तो दूर, बाजार में भी जीवन रक्षक दवाएं नहीं मिल पा रही हैं। सबसे बड़े अस्पताल जेएएच और उसके आसपास बने मेडिकल स्टोर के संचालकों का कहना है कि दवाएं खत्म होने लगी हैं। मांग के ऑर्डर पूरे नहीं हो रहे हैं।

अगर यही स्थिति रही तो कुछ दिनाें में हालात और गंभीर हो जाएंगे। कोरोना मरीजों को दिए जाने वाले रेमडेसिविर, एक्टीमेरा, फैबीफ्लू टेबलेट, खून पतला करने का इंजेक्शन एनक्सोपैरिन, एंटीबायोटिक मैरोपेनम सहित कई जीवन रक्षक दवाएं नहीं मिल रही हैं। इसके लिए डॉक्टर अस्पताल से मरीज के अटेंडेंट को डिमांड लिखकर दे रहे हैं।

अटेंडेंट दवा का पर्चा लेकर मेडिकल स्टोर्स के चक्कर काट रहे हैं। अधिकांश मरीजों को दवा मिल नहीं रही हैं, जिन्हें मिल भी रही हैं तो उन्हें इन दवाओं के लिए कई गुना ज्यादा कीमत चुकानी पड़ रही है। बीते सप्ताह जेएएच में ऑक्सीजन खत्म होने के कारण एक दर्जन लोगों की मौत हुई थी। तब यहां मरीजों को बचाने के लिए अंबू बैग डॉक्टरों ने मंगवाए थे। अब जेएएच परिसर के मेडिकल स्टोर्स पर ही अंबू बैग और ऑक्सी फ्लोमीटर भी नहीं मिल रहे हैं। प्रशासनिक नियंत्रण के अभाव में दवाओं की कालाबाजारी भी हो रही है।

जीवन रक्षक उपकरण ऑक्सीजन सिलेंडर में लगने वाला उपकरण ऑक्सी फ्लोमीटर, मरीज का ऑक्सीजन लेवल नापने वाला उपकरण पल्स ऑक्सीमीटर, अंबू बैग 3 से 10 गुना अधिक रेट पर मिल रहा है। इसके अलावा गंभीर मरीजों को तेज रफ्तार से ऑक्सीजन देने के लिए प्रयोग में आने वाला बाइपैप मास्क, हाइफ्लो मास्क बाजार में उपलब्ध ही नहीं है। भाप लेने वाली मशीन भी 4 से 5 गुना अधिक रेट पर मिल रही है।

इन प्रमुख दवाओं की हो रही है कमी
इन प्रमुख दवाओं की हो रही है कमी

दवाओं की कमी पर जिम्मेदारों के तर्क

दवाओं की शॉर्टेज नहीं होना चाहिए। मेडिकल स्टोर्स पर दवाएं क्यों और किस कारण से नहीं पहुंच पा रही हैं, इसका पता कराया जाएगा। मरीजों को दवाओं की कमी किसी भी हालत में नहीं होने दी जाएगी। -पी. नरहरि, ड्रग कंट्रोलर

दवाओं की खपत 100 गुना बढ़ गई है इसलिए माल आने में देरी हो रही है। कुछ दवाओं की पूर्ति नहीं हो पा रही है। इस कारण इन दवाओं की शॉर्टेज हो रही है। लोगों से एसोसिएशन अनुराेध करता है कि जितनी जरूरत हो उतनी ही दवा लें, स्टॉक में नहीं रखे।
-गिरीश अरोरा, अध्यक्ष, ग्वालियर मेडिकल कैमिस्ट एसोसिएशन

मेडिकल स्टोर्स पर अगर दवाओं की शॉर्टेज हो रही है तो ड्रग इंस्पेक्टर से कहा जाएगा कि वह इसे देखें और अगर कहीं गड़बड़ी हो तो आवश्यक कार्रवाई करें। मरीजों को दवाओं की कमी नहीं होने दी जाएगी।
-डॉ. मनीष शर्मा, सीएमएचओ

खबरें और भी हैं...