वैक्सीनेशन वाॅरियर:इनकी लगन से ग्वालियर में लगे 21.01 लाख डोज

ग्वालियर2 महीने पहलेलेखक: अंशुल वाजपेयी
  • कॉपी लिंक

कोरोना वायरस संक्रमण खत्म करने के लिए शुरू किए गए टीकाकरण अभियान में देश में 100 करोड़ डोज लगने की उपलब्धि को धूमधाम से मनाया गया। गुरुवार को कुल 4455 लोगों को वैक्सीन लगाई गई। इसमें 601 लोगों को वैक्सीन की पहली और 3854 लोगों को दूसरी डोज लगाई गई। दैनिक भास्कर ग्वालियर में टीकाकरण अभियान के उन प्रमुख योद्धाओं की कहानी आपके सामने लेकर आया है, जिनके अथक प्रयासों से ही ये अभियान इतना सफल हो सका।

क्रियान्वयन... किसी ने रजिस्ट्रेशन का काम संभाला तो किसी ने हजारों डोज लगाकर बनाया रिकॉर्ड

गर्भवती पत्नी का चेकअप नहीं करा पाए

जयारोग्य चिकित्सालय में टीकाकरण केंद्र की व्यवस्थाएं 16 जनवरी 2021 से हैरी ने संभाली। शुरु में हैरी और उनके स्टाफ ने एक दिन में 300 से 1400 लोगों के रजिस्ट्रेशन मोबाइल के माध्यम से किए। हैरी अपने परिवार का ध्यान नहीं रख पाए। उनकी गर्भवती पत्नी का उचित परामर्श के अभाव में मिसकैरिज हो गया। परिवार ने भी इस बात को समझा कि हैरी के कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी है।

हैरी धाकड़, जेएएच टीकाकरण सेंटर

बिना छुट्‌टी लिए कर रहीं वैक्सीनेशन
मई से टीकाकरण अभियान में सक्रिय भूमिका निभा रहीं स्टाफ नर्स सुजा पालसन ने शहर के कई केंद्रों में ड्‌यूटी दी है। अनके अनुभव को देखते हुए कुछ समय के लिए उन्हें जयारोग्य चिकित्सालय स्थित टीकाकरण केंद्र में पदस्थ किया गया। वे बीते 9 माह से बिना छुट्‌टी लिए डोज लगा रही हैं। अब तक लगभग 30 हजार से ज्यादा लोगों को वे सुरक्षा का टीका लगा चुकीं हैं।

सुजा पालसन, स्टाफ नर्स, जिला चिकित्सालय

ये कर्मचारी रातभर जागे तब जाकर लग पाया आप और हमें सुरक्षा का टीका

डिस्ट्रिक्ट डिस्ट्रिब्यूशन टीम के मनीष चौहान, विजय शाक्य, अनिल गुप्ता व उनके टीम के सदस्य रात में वैक्सीनेशन प्लान मिलने के बाद शहर के 26 कोल्ड चैन प्वाइंट पर जाकर वैक्सीन का वितरण करते हैं। ये काम रात में शुरू होता है और वैक्सीन का वितरण खत्म होते-होते सुबह के चार तक बज जाते हैं। जब कहीं सुबह 8 बजे से वैक्सीनेशन का काम शुरू हो पाता है।

प्लानिंग... इन अफसरों के कारण टीकाकरण ने पकड़ी रफ्तार

भाई की सगाई के लिए नहीं ली छुट्‌टी

कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने वैक्सीनेशन की जिम्मेदारी को बखूबी अंजाम दिया और महाअभियान में निर्धारित लक्ष्य से ज्यादा लोगों को वैक्सीन लगवाई। उन्होंने इसके लिए दिन में 18-18 घंटे काम किया। इस कारण वह लखनऊ में आयोजित छोटे भाई की सगाई में केवल आधा घंटा मौजूद रहे। एक दिन की छुट्‌टी भी उन्होंने नहीं ली।

खुद व पत्नी-बच्चे भी हो गए संक्रमित

जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. आरके गुप्ता दिन-रात वैक्सीनेशन कराने में लगे रहे लेकिन अपने स्वास्थ्य पर ध्यान नहीं दे पाए। इस कारण संक्रमित हो गए। नतीजा उन्हें 5 दिन ग्वालियर और डेढ़ सप्ताह एनसीआर के अस्पताल में भर्ती रहना पड़ा। उनके कारण पत्नी और दोनों बच्चे भी संक्रमित हो गए। वे परिजनों का इलाज भी नहीं करा पाए।

न बच्चों का जन्मदिन मनाया और न रिश्तेदार की गमी में शामिल हो पाए

सहायक टीकाकरण अधिकारी डॉ. अशोक खरे ने सुबह से शाम तक अलग-अलग मीटिंग में शामिल होने के साथ ही फील्ड में भी खासा समय दिया। डॉ. खरे ने बताया कि मई से अगस्त तक का समय ऐसा रहा कि घर, परिवार कोे भुलाकर काम किया। बच्चों का जन्मदिन, परिवार में रिश्तेदार की मौत पर शोक जताने का समय नहीं मिल पाया।

खबरें और भी हैं...